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UAE leaves OPEC: क्या अब भारत में सस्ता होगा Petrol-Diesel? संयुक्त अरब अमीरात ने 60 साल पुराना साथ छोड़कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है—जानिए इस फैसले के पीछे का असली खेल।
मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक कदम उठाते हुए तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC और OPEC+ से बाहर होने का निर्णय लिया है। यूएई ने स्पष्ट किया कि बदलती आर्थिक परिस्थितियों और अपनी तेल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की ज़रूरत के कारण उसने इस 60 साल पुराने गठबंधन को छोड़ने का फैसला किया। यह कदम सऊदी अरब के नेतृत्व वाले इस शक्तिशाली तेल कार्टेल के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

यूएई लंबे समय से ओपेक के भीतर उच्च उत्पादन कोटा की मांग कर रहा था। ओपेक से बाहर निकलने का मतलब है कि अब यूएई अपनी मर्जी से तेल का उत्पादन (Production) बढ़ा सकता है, जो वैश्विक कीमतों को सीधे प्रभावित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ओपेक ने अपनी लगभग 15% उत्पादन क्षमता खो दी है, जिससे बाजार में तेल की कीमतों को नियंत्रित करना अब मुश्किल होगा।

भारत के लिए यह खबर बेहद अहम है क्योंकि India-UAE के संबंध अब एक रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं। भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए बड़े पैमाने पर यूएई पर निर्भर है। यदि यूएई अपना उत्पादन बढ़ाता है, तो कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक कीमतों में गिरावट आ सकती है, जिसका सीधा फायदा भारतीय उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की सस्ती कीमतों के रूप में मिल सकता है। पूरी जानकारी के लिए देखिए ऋचा पराशर की यह विशेष रिपोर्ट।

UAE has officially exited OPEC and OPEC+, ending its 60-year-long association with the global oil cartel. Amid rising geopolitical tensions in the Middle East and the Strait of Hormuz, the UAE aims to increase its independent oil production capacity. This move could significantly impact global crude oil prices and potentially lead to cheaper fuel costs for major importers like India.


#UAE #OPEC #PetrolPrice #CrudeOil #BreakingNews #OneindiaHindi #Geopolitics

~HT.318~PR.514~GR.508~

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Transcript
00:00यूएस इरान तनाव और स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस पर बढ़ते संकट के बीच
00:03युनाइटेड अरब एमिरेट्स ने बड़ा भूर आज़निती कदम उठाते हुए
00:07उपेक और उपेक प्लस से बाहर होने का फैसला किया है
00:10इस फैसले ने वैश्विक तेल बाज़ार में हलचल मचाती है
00:14और इसका सीधा असर इंडिया जैसे बड़े आयातक देश पर पड़ सकता है
00:18भारत और यूए के मजबूत व्यापारिक और उज़्य संबंधों को देखते हुए
00:23ये बदलाव बेहत एहम हो जाता है
00:24लेकिन जरूरी सवाल ये है कि इससे भारत पर क्या आसर होगा
00:28कि इससे भारत को सस्ता तेल मिलेगा या फिर तेल और महंगा हो जाएगा
00:37नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:41अमेरिका और इरान के बीच जारी संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमिरात यानकी UAE ने तेल उतपादक देशों के संगठन
00:48जिसको उपैक कहते हैं
00:49और उपैक प्लस इससे बाहर होने का फैसला किया है
00:52UAE ने कहा है कि आर्थिक दृष्टिकूर्ण और बदलते उर्जा परिदरिश को देखते हुए उसने साठ साल बाद इस गठ
00:58बंधन से निकलने का फैसला किया है
01:01उपैक प्रमुक तेल उतपादक देशों का एकट बंधन यान की कौटेल है जो वैश्विक तेल आपूर्तियों और कीमतों को प्रभावित
01:08करने के लिए उतपादन लिकियों का समन्वय करता है
01:11उपैक से बाहर हुआ UAE
01:13UAE के द्वारा बयार में कहा गया है कि वो उपैक प्लस से भी बाहर हो रहा है
01:17उपैक प्लस में रूस भी शामिल है
01:19ये कदम उपैक और उसके प्रमुक सदस्य सौधी अरब के लिए एक बड़ा जटका माना जा रहा है
01:25ये ग्रुप सामोहिक रूप से दुनिया के लगभग 36 प्रिशक तेल उतपादन करता है
01:30और वैश्विक स्तर पर लगभग 80 फीस दी ओयल रिजर्व पर नियंत्रन रगता है
01:34UAE लंबे समय से उपैक के भीतर अधिक उतपादन कोटा की मांग करता रहा है
01:40क्योंकि वो अपनी उतपादन शंता को क्वाटेल द्वारा तैसी माओं से कही अधिक बढ़ाना चाहता था
01:45वो पैकिस्थापना 1960 में साओधी अरब, इरान, इराक, वेनेजुएला और कुए द्वारा की गई थी
01:53UAE साथ साल बाद इसमें शामिल हुआ
01:55UAE के शीर्स दस सबसे बड़े तेल उतपादकों में शामिल है
01:59और वैश्विक तेल उतपादन में लगद हो तीन से चार प्रतिशत तक योगदान देता है
02:04UAE के बाहर होने से उपैक पर तोसर पड़ेगा ही लेकिन इस फैसले से भारत पर क्या आसर पड़ेगा
02:11UAE के उपैक से बाहर निकलने से ये सवाल भी खड़े होने लगे है
02:14कि इसका दुनिया और भारत पर क्या आसर पड़ेगा
02:16तो आपको वदा दे कि पहले मिडिलिस जंग के कारण हॉर्मूस पर बनी स्तिती
02:20और अब UAE के इस फैसले से कच्चे तेल की कीमतों में उतार चड़ाओ देखने को मिल सकता है
02:25हलाकि भारत जैसे देशों के लिए ये राहत भरी खबर है
02:28ये कहना अभी जल्दबाजी होगा
02:30अगर UAE तेल का प्रोड़क्शन बढ़ाता है तो तेल का दाम काम होगा
02:34विशशग्यों का मानना है कि UAE के बाहर निकलने से उपैक अपनी लगभग 15% दी उत्पादन शंता हो बैठा
02:41है
02:41और अपने सबसे अनुशासित नियमों का पालन करने वाला जो सदस्यों में से एक को भी हो चुका है
02:47उपैक के ताजा आकडों के अनुशार योई हर साल 2.9 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करता है
02:53वहीं उपैक के वास्तविक दीफैक्टो लीडर साओधी अरब का उत्पादन लगभग 9 मिलियन बैरल तेल
03:00साओधी अरब के लिए उपैक के बाकी सदस्यों को एक जिट रखना मुश्किल और उसे आंतरिक अनुपालन और बाजार प्रबंधन
03:06का अधिकांच बोच अकेले ही उठाना पड़ेगा
03:09उपैक के आने सदस्यों भी इस राह पर चल सकते हैं
03:12ये स्थिती पश्चिम एशिया और वैश्विक तेल बाजारों में एक बुनियादी बूराजनितिक बढ़लाव को दरचाती है
03:18अब इस गड़बंधन में इरान, इराग, हुए, साओधी अरम, वेनेजुएला, अलजीरिया, एक्वेटोरियल, गुएना, गबोन, लीबिया, नाइजीरिया, कॉंगो जैसे देश, शामिल
03:28है
03:28पशले कुछ सालों में भारत-UAE संबंद एक प्रमुख रणितिक साजितारी के रुप में बत्सित हुए है
03:34UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साजितार और Foreign Direct Investment, FBI का एक प्रमुख सोर्स बन करूँ रहा
03:41है
03:41उसके बाद अब UAE का ये फैसला दुरे दुनिया में तहलका मचा रहा है
03:45उस ख़बर में इतना है
03:46लेकिन अपडेट्स पर हमारी नजर बनी हुई है
03:49जो भी नई अपडेट निगल कराएगी आपको दिखाएगे
03:51बने रिये, बने ये हिंदी के साथ
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