00:00यूएस इरान तनाव और स्ट्रेट ओफ हॉर्मूस पर बढ़ते संकट के बीच
00:03युनाइटेड अरब एमिरेट्स ने बड़ा भूर आज़निती कदम उठाते हुए
00:07उपेक और उपेक प्लस से बाहर होने का फैसला किया है
00:10इस फैसले ने वैश्विक तेल बाज़ार में हलचल मचाती है
00:14और इसका सीधा असर इंडिया जैसे बड़े आयातक देश पर पड़ सकता है
00:18भारत और यूए के मजबूत व्यापारिक और उज़्य संबंधों को देखते हुए
00:23ये बदलाव बेहत एहम हो जाता है
00:24लेकिन जरूरी सवाल ये है कि इससे भारत पर क्या आसर होगा
00:28कि इससे भारत को सस्ता तेल मिलेगा या फिर तेल और महंगा हो जाएगा
00:37नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:41अमेरिका और इरान के बीच जारी संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमिरात यानकी UAE ने तेल उतपादक देशों के संगठन
00:48जिसको उपैक कहते हैं
00:49और उपैक प्लस इससे बाहर होने का फैसला किया है
00:52UAE ने कहा है कि आर्थिक दृष्टिकूर्ण और बदलते उर्जा परिदरिश को देखते हुए उसने साठ साल बाद इस गठ
00:58बंधन से निकलने का फैसला किया है
01:01उपैक प्रमुक तेल उतपादक देशों का एकट बंधन यान की कौटेल है जो वैश्विक तेल आपूर्तियों और कीमतों को प्रभावित
01:08करने के लिए उतपादन लिकियों का समन्वय करता है
01:11उपैक से बाहर हुआ UAE
01:13UAE के द्वारा बयार में कहा गया है कि वो उपैक प्लस से भी बाहर हो रहा है
01:17उपैक प्लस में रूस भी शामिल है
01:19ये कदम उपैक और उसके प्रमुक सदस्य सौधी अरब के लिए एक बड़ा जटका माना जा रहा है
01:25ये ग्रुप सामोहिक रूप से दुनिया के लगभग 36 प्रिशक तेल उतपादन करता है
01:30और वैश्विक स्तर पर लगभग 80 फीस दी ओयल रिजर्व पर नियंत्रन रगता है
01:34UAE लंबे समय से उपैक के भीतर अधिक उतपादन कोटा की मांग करता रहा है
01:40क्योंकि वो अपनी उतपादन शंता को क्वाटेल द्वारा तैसी माओं से कही अधिक बढ़ाना चाहता था
01:45वो पैकिस्थापना 1960 में साओधी अरब, इरान, इराक, वेनेजुएला और कुए द्वारा की गई थी
01:53UAE साथ साल बाद इसमें शामिल हुआ
01:55UAE के शीर्स दस सबसे बड़े तेल उतपादकों में शामिल है
01:59और वैश्विक तेल उतपादन में लगद हो तीन से चार प्रतिशत तक योगदान देता है
02:04UAE के बाहर होने से उपैक पर तोसर पड़ेगा ही लेकिन इस फैसले से भारत पर क्या आसर पड़ेगा
02:11UAE के उपैक से बाहर निकलने से ये सवाल भी खड़े होने लगे है
02:14कि इसका दुनिया और भारत पर क्या आसर पड़ेगा
02:16तो आपको वदा दे कि पहले मिडिलिस जंग के कारण हॉर्मूस पर बनी स्तिती
02:20और अब UAE के इस फैसले से कच्चे तेल की कीमतों में उतार चड़ाओ देखने को मिल सकता है
02:25हलाकि भारत जैसे देशों के लिए ये राहत भरी खबर है
02:28ये कहना अभी जल्दबाजी होगा
02:30अगर UAE तेल का प्रोड़क्शन बढ़ाता है तो तेल का दाम काम होगा
02:34विशशग्यों का मानना है कि UAE के बाहर निकलने से उपैक अपनी लगभग 15% दी उत्पादन शंता हो बैठा
02:41है
02:41और अपने सबसे अनुशासित नियमों का पालन करने वाला जो सदस्यों में से एक को भी हो चुका है
02:47उपैक के ताजा आकडों के अनुशार योई हर साल 2.9 मिलियन बैरल तेल का उत्पादन करता है
02:53वहीं उपैक के वास्तविक दीफैक्टो लीडर साओधी अरब का उत्पादन लगभग 9 मिलियन बैरल तेल
03:00साओधी अरब के लिए उपैक के बाकी सदस्यों को एक जिट रखना मुश्किल और उसे आंतरिक अनुपालन और बाजार प्रबंधन
03:06का अधिकांच बोच अकेले ही उठाना पड़ेगा
03:09उपैक के आने सदस्यों भी इस राह पर चल सकते हैं
03:12ये स्थिती पश्चिम एशिया और वैश्विक तेल बाजारों में एक बुनियादी बूराजनितिक बढ़लाव को दरचाती है
03:18अब इस गड़बंधन में इरान, इराग, हुए, साओधी अरम, वेनेजुएला, अलजीरिया, एक्वेटोरियल, गुएना, गबोन, लीबिया, नाइजीरिया, कॉंगो जैसे देश, शामिल
03:28है
03:28पशले कुछ सालों में भारत-UAE संबंद एक प्रमुख रणितिक साजितारी के रुप में बत्सित हुए है
03:34UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साजितार और Foreign Direct Investment, FBI का एक प्रमुख सोर्स बन करूँ रहा
03:41है
03:41उसके बाद अब UAE का ये फैसला दुरे दुनिया में तहलका मचा रहा है
03:45उस ख़बर में इतना है
03:46लेकिन अपडेट्स पर हमारी नजर बनी हुई है
03:49जो भी नई अपडेट निगल कराएगी आपको दिखाएगे
03:51बने रिये, बने ये हिंदी के साथ
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