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भवानीपुर सीट एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है। 2021 की यादें अभी भी ताजा हैं जब ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में हार के बाद भवानीपुर से जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री पद संभाला था। अब 2026 के चुनाव में फिर से ममता बनाम सुवेंदु अधिकारी की टक्कर देखने को मिल रही है। दोनों नेताओं ने इस सीट पर जोरदार प्रचार किया है। एक तरफ ममता का मजबूत गढ़ है तो दूसरी तरफ सुवेंदु की आक्रामक रणनीति। जनता के मूड पर सब कुछ निर्भर है, और नतीजे 4 मई को तय करेंगे भविष्य।

Bhabanipur has once again become the most closely watched seat in the West Bengal Elections 2026. The constituency, once the center of Mamata Banerjee’s political comeback after her 2021 Nandigram defeat, is now witnessing another intense battle. This time, Suvendu Adhikari has taken an aggressive campaign approach with multiple rallies and roadshows, while Mamata Banerjee relies on her strong local base and grassroots connect. As voting continues across the state, Bhabanipur stands at the heart of the political spotlight. The final verdict will be known on May 4, shaping the future of this high-stakes political contest.

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Transcript
00:00भवानीपुर की गलियों में इस बार फिर वही पुरानी रादनीतिक टक्कर की गून सुनाई दे रही है।
00:05सडके, चौक और महले सब चुनावी चर्चा से भरे हुए हैं।
00:10लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इस बार तस्वीर बदलने वाली है या इतिहास खुद को दोहराएगा।
00:17ये वही सीट है जिसने कई बार बंगाल की रादनीति का रुख तै किया है।
00:22और इस बार भी नजरें इसी पर टिकी हुई हैं।
00:25साल 2021 की यादें अभी भी लोगों के जहन में ताजा हैं।
00:29उस वक्त मुख्यमंतरी ममता बनर जी नंदी ग्राम सीट से चुनाव लड़ रही थी।
00:33परचार के दौरान उन्हें चोट लगी और वो कुछ वक्त के लिए विलचेर पर नजर आई।
00:39उस हालत में उन्होंने रोड़ शो किया और एक मशूर लाइन कही थी कि गायल शेर और जादा खतरनाक होता
00:45है।
00:46ये बयान उस चुनाव का सबसे चर्चित पल बन गया था।
00:49उस चुनाव में तिर्मूल कॉंग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की थी और 215 सीटों के साथ सरकार बनाई थी।
00:56लेकिन नंदी ग्राम में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था जहां उनके सामने थे भाजपा के नेता सुवेंदू अधिकारी।
01:03इसके बाद ममता ने भवानीपूर से उपचुनाव लड़ा और जीत कर एक बार फिर मुख्यमंत्री बनी।
01:09ये सीट उनके लिए एक तरह से राजनीतिक वापसी का रास्ता बन गई थी।
01:14अब दोजार चुनाव फिर से उसी मोड पर खड़ा है, दूसरे चरण की वोटिंग चल रही है और 142 सीटों
01:22पर लोग अपने मताधिकार का इस्तिमाल कर रहे हैं।
01:25इस पूरे चुनाव में भवानीपुर एक बार फिर सबसे ज़्यादा चर्चा में है, कारण भी वही पुराना है, मुकाबला फिर
01:32से ममता बनाव सुवेंदू का बनता हुआ दिख रहा है।
01:36भवानीपुर को ममता बनर जी का गढ़ माना जाता है, ये उनकी रादनीतिक ताकत का केंदर रहा है।
01:42यहां उन्होंने कई बार बड़ी जीत दर्च की है, इस बार भी वो पूरे बंगाल में सक्रिय रही, लेकिन भवानीपुर
01:49में उनका फोकस थोड़ा अलग दिखा है।
01:52नमंकन के बाद उन्होंने यहां चार बड़ी सभाय की और तीन पदियात्रे निकाली हैं।
01:57उनका जोर बड़े भाशनों के बजाए जमीन से जुड़ी बैठकों और छोटे-छोटे कारकरमों पर रहा दो-टू-डोर केंपेन
02:04की जिम्मेदारी उनके कारकरताओं ने समहाली हुई थी।
02:08दूसरी तरफ सुवेंदू अधिकारी ने इस बार भावानीपुर में काफी आक्रमक रणीती अपनाई है।
02:3830-40 चुनावी कारकरम किये हैं। भवानीपुर की जनता के बीच इन दोनों नेताओं की गद्विदियों का असर साफ दिखाई
02:45दे रहा है।
02:46कहीं लोग पुराने भरोसे की बात करते हैं तो कहीं बदलाओ की उम्मीद जताते हैं।
02:51गलियों में बहत चल रही है कि क्या ममता का गढ़ फिर मजबूत रहेगा या इस बार कोई नया समीकरण
02:58बनेगा।
02:58चुनाव सिर्फ भाशलों और सभाओं का नहीं रहा बलकि ये सीधा जनता के भरोसे की परिक्षा बन गया है।
03:28तो नतीजे आया जाएंगे उसके बाद ये साफ हो पाएगा कि क्या मंतावनर जी लगतार चौथी बार पश्चिम बंगाल की
03:34सत्ता में विराजमान होने जा रही हैं या फिर बीजेपी पहली बार बंगाल में कमल खिलाने जा रही है।
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