00:07यूपी में बन रहा गंगा एक्सप्रेस वे सिर्फ एक एक्सप्रेस वे नहीं बलकि डिवेलपमेंट, एम्प्लॉइमेंट, स्पिरिट्वालिटी और टेट्नोलॉजी का बड़ा
00:17मॉडल माना जा रहा है।
00:30जाता है कि एस एक्सप्रेस वे की क्या खासियत है, कहां से कहां तक जोड़ेगा, कितनी लागत में बना है,
00:36किन-किन जिले और गाओं को फायदा मिलेगा, और सबसे बड़ी बात सफर की दूरी और समय कितना कम होंगे।
00:43सब जानेंगे इस वीडियो में नमस्कार, मेरा नाम है सिधार्त और आप देख रहे हैं।
00:59गंगा एक्सप्रेश वे जिसकी कुल लंबाई 594 किलो मिटर है, और यह है 6 लेन एक्सप्रेश वे होगा, जिसे भाविश्य
01:07में 8 लेन एक्सप्रेश वे तक बढ़ाया जा सकेगा।
01:10यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश के 12 जिलों के 519 गाओं को जोड़ेगा, जिसे करीब 8 करोड लोगों को सीधा फायदा
01:18मिलेगा।
01:19यह एक्सप्रेश वे मेरट हापोड, बुलंच शहर, अम्रोहा, संभल, बदायू, शाह जहापुर, हर्दोई, उन्नाव, राइबरेली, प्रतापगड और प्रयागराज जैसे जिलों
01:29से होकर गुजरेगा।
01:30और सबसे बड़ी बात यह कि मेरट से प्रयागराश तक जहां अभी करीब 11-12 घंटे तक लगते हैं वही
01:37एक्सप्रेश वे पूरा होने के बाद शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ 6 घंटे में पूरा हो सकीगा।
01:43यानि समय भी बचेगा और सफर भी आसान होगा। तेल बचेगा वह अलग। इस एक्सप्रेश वे की डिजाइन स्पीड 120
01:51क्लोमीटर प्रति घंटा रखी गई है जो से यह देश के सबसे तेज एक्सप्रेश वे में शुमार होगा।
01:57इस प्रोजेक्ट की शुरुवात उत्तरप्रदेश एक्सप्रेश वे और द्योगे के विका स्प्राधी करण लियानी की यूपी एडा ने साल 2018
02:04में की था।
02:05इसका मकसद गंगा नदी के किनारे बसे बड़े आवादी वाले इलाकों को बहतर कनेक्टिविटी देना था।
02:35प्रोजेक्ट है जिसकी रियायत अविदी तीस साल की तीन दशक की आर्तिक नजरीय से देखें तो यह एक्सप्रेस वे उत्तरप्रदेश
02:42की तस्वीर बदल सकता है।
02:44सरकार सभी 12 जिलों में 11 ओद्यों के कॉरिडोर विक्सित कर रही है जिसमें मेरट हापुड में फूर्ड प्रोसेसिंग, अमरोहा
02:51में संभल में टेक्स्टाइल और प्र्यागराश के पास, फार्मा और आईटी हब बनाए जाएंगे।
02:57इस से लाखों नौक्रियों के अफसर बनेंगे, जिसका फायदा यूपी वालों के साथ साथ पूरे देश के तमाम लोगों को
03:03होगा।
03:03साथ ही ट्रकों और व्यापारियों को भी बड़ा फायदा होगा क्योंकि लॉजिस्टिक्स तेज होगा।
03:33एक से दो प्रतिशत तक बढ़ा सकती है। वहीं अब बात करें इसके धार्मिक महत्यों की तो गंगा एक्स्प्रेसवे को
03:40एक धार्मिक गलियारे के रूप में भी देखा जा रहा है।
03:43यह साथ बड़े तीर थिस्तलों को जोड़ेगा जिसमें गण मुक्तिश्वर, कलकी धाम संभल, बारा देवी मंदिर हापूर, चंडिका देवी मंदिर
03:52उन्नाव, बेला देवी मंदिर प्रतापगर, संकट हरन मंदिर हर्दोई, और प्रयाग राश का त्रवेली संगम शाम
04:12करीब 20% योगदान देता है, और माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट इसे और बढ़ा सकता है, टेकनलोजी
04:19और सुरक्षा के मामले में भी यह एक्सप्रेस वे खास है, क्योंकि इसे 6 मीटर उचाई तक बनाया जा रहा
04:23है, जो बाड़ के उच्चता मिस्तर 5 मीटर से भी 1 मी
04:39जीवों की आवाजाही प्राभावित ना हो, इसमें 407 से अंडर पास हैं, किस फ्लाइवर हैं, और 6 तर छोटे पुल
04:46भी बनाये गए हैं, जो ग्रामीड इलाकों के इस पार से उस पार जाने को सहूल यत देते हैं, साथ
04:52ही पूरे एक्सप्रेस वे पर 24 इंटु 7 CCTV निगरान
05:08ही में हो चुकी है, इसके दौना तरफ है 10-10 से यानि की कोई 20 से ज्यादा EV चार्जिंग
05:14स्टेशन होगे, फूट कोर्ट, फूल स्टेशन, मोटेल, शौपिंग प्लाजा, वाहन सर्वे सेंटर जैसी आधुनिक और ज़रूरी सुविधाएं भी मिलेगे, साथ
05:22ही 14 ट्रक ड्
05:36पूरी लंबाई में डार्क फाइबर केबल नेटवर्क भी डाला गया है, हर्याली के लिए डिजाइन किये गए, इस प्रोजेक्ट में
05:42अडानी के हिस्से में 9 लाख पौदे लगाए गये हैं, जब कि वन्युवाग ने 4.5 लाख पौदे अलग से
05:48लगाए, यानि लाखों �
06:02पूरवी डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर से भी जोड़ेगा, जिससे रेल और सड़क नेटवर्क और ज्यादा मजबूत हो जाए, पुल मिलाकर यंगला
06:10एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश को नई रफ्तार, नई पैचान और नई अर्थे व्यावस्ता देने वाला मेग
06:15प्रोजेक्ट साबित होगा, आपकी इस एक्सप्रेस वे पर क्या राय है, हमें कमेंट में ज़रूर बताएं और देखते रहें, वन
06:21इंडिया, मुस्कार
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