00:15बारतिया प्रोध्योगी की संस्थान खड़कपूर एक बार फिर से सुर्खियों में है लेकिन इस बार किसी उपलब्धी या आविशकार के
00:21लिए नहीं बलकि एक बेहत दुखद और चिंता जनक घटना के लिए
00:25यहां M.Tech के चौथे वर्ष के 22 वर्षिय चात्र सोहम हल्दर ने कथित तौर पर अपनी जान दे दी
00:31यह घटना मात्र 10 दिनों के अंदर कैंपस की दूसरी आत्महत्या है जिसने पूरे परिसर को सदमे में डाल दिया
00:37है
00:37सोहम हल्दर पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के 12 साथ साल बगान का रहने वाला था
00:43वो Electronics और Electrical Communication Engineering का चात्र था
00:47मंगलवार सुभह जब उसके हॉस्टल रूम का दर्वाजा अंदर से बंद मिला तो उसके साथी चिंतित हो गए
00:52सूचना मिलते ही सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुँचे और कमरे की छट से लटका हुआ सोहम का शव देखा
00:58उसे तुरंथ कैंपस के BC Roy अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोशित कर दिया
01:04पुलिस ने शव का पोस्ट मौटम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है
01:08अभी तक मौत के पीछे का सही कारण पता नहीं चल पाया है
01:11पुलिस सोहम की आखरी गतिविधियों का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज की जांच कर रही है
01:16IIT खड़कपुर के अधिकारी भी पुलिस के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रहे है
01:20और मामले की गहन जांच का आश्वासन दे रहे है
01:23ये घटना 18 अप्रेल को हुई एक और दुखत घटना के महस 10 दिन बाद आई है
01:27उस दिन मेकैनिकल इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के चातर जैवीर सिंग डोडिया ने हॉस्टल की आठवी मंजिल से कूद कर
01:34अपनी जान दे दी थी
01:35इन दो घटनाओं ने कैंपस में चातरों के मानसिक स्वास्त है और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर
01:41दिये है
01:41पिछले 16 महीनों में खड़कपुर IIT में ये 9 वी चातर मौत है
01:45इन में से अधिकांच मामलों में आत्महत्या या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की बात सामने आई है
01:50इस लंबी श्रिंखला में शामिल नाम है शोआन मलिक, अनिकेत वालकर, मुहम्मद आसिफ कमर, रितम मंडल, चंद्रदीप पवार, हर्ष कुमार
01:59पांडे और भट्टाराम शरण कुमार
02:012025 में हुई मौतों का सिलसिला इस प्रकार रहा
02:0412 जन्वरी को शोआन मलिक, 21 अप्रेल को अनिकेत वालकर, 4 मई को मुहम्मद आसिफ कमर, 18 जुलाई को रितम
02:11मंडल, 22 जुलाई को चंद्रदीप पवार, और 20 सितंबर को हर्ष कुमार पांडे
02:16इसके अलावा पिछले साल 7 दिसंबर को भट्टाराम शरण कुमार का शव, पुरी रेलवे गेट के पास ट्रेन की चपेट
02:22में आने के बाद मिला था
02:24खड़कपुर IIT देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित इंजीनिरिंग संस्थानों में से एक है
02:28यहां हर साल हजारों मेधावी चात्र देश भर से आते हैं
02:32वे सपनों को साकार करने और बहतर भविश्य बनाने की उम्मीद लेकर यहां पहुँचते हैं
02:36लेकिन पिछले कुछ समय से कैंपस की इन घटनाओं ने इस सपने पर सवालिया निशान लगा दिया है
02:41चात्रों में पढ़ाई का भारी दबाव, प्रतिस परधा, भविश्य की चिंता, अलगाव और मानसिक स्वास्ते संबंधी समस्याएं बढ़ती जा रही
02:49है
02:49कई चात्र कहते हैं कि कैंपस में काउंसिलिंग और सपोर्ट सिस्टम परियाप्त नहीं है
02:53कुछ चात्र परिवार से दूर रहने और लगातार पढ़ाई के बोज के कारण अकेला पन महसूस करते हैं
02:59आयाईटी प्रशासन ने इन घटनाओं पर दुख जताया है और चात्रों के मानसिक स्वास्ते के लिए कुछ कदम उठाने की
03:05बात कही है
03:05लेकिन बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं बताती है कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है
03:10सोहम हल्दर की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सिर्फ अच्छे अंक और नामी संस्थान में
03:16दाखिला लेना ही सब कुछ नहीं होता
03:18युवा दिमागों को सही दिशा, सहारा और समझ की जरूरत है
03:21खड़कपुर IIT अब सिर्फ ग्यान का केंद्र नहीं बलकि छात्रों की जान बचाने की बड़ी चुनोती का सामना भी कर
03:27रहा है
03:28अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो मौत की ये श्रिंखला और लंबी होती जा सकती है
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