Skip to playerSkip to main content
  • 2 months ago
नागपुर का नाम देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल है. यहां चिलचिलाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी लोगों के लिए जानलेवा साबित होती है. यहां दो महिलाएं पिछले 26 सालों लोगों को मुफ्त में ठंडा पानी और छाछ पिला रही हैं. राहगीर हो या मजदूर.. रिक्शावाले हो या ड्राइवर... हर कोई छाछवाली अम्मा के यहां छाछ पीने जरूर आते हैं. गर्मी के दिनों में छाछवाली अम्मा की सेवा हर सुबह नौ बजे से शुरू हो जाती है और शाम पांच बजे तक चलती है. ना प्रसिद्ध की इच्छा और ना पैसे चाहत... छाछ वाली अम्मा निस्वार्थ भाव से लगातार लोगों की सेवा करती हैं. हर दिन 120 से 130 लीटर छाछ मुफ्त में बांटती हैं.  कुछ लोग अपने जन्मदिन पर या वेडिंग एनवर्सरी पर कुछ दान देते हैं, वो सब दूसरों के काम में आता है. हाल में ही, एक वेंडर ने तीन दिनों तक मुफ्त में लोगों को तरबूजा खिलाया. छाछ वाली अम्मा का ये सेवाभाव इंसानियत की एक अद्भुत मिसाल है.  

Category

🗞
News
Transcript
00:04बड़े बरतनों में च्छाच फेटती ये महिला कोई व्यवसाई नहीं कर रही बलकि लोगों की सेवा के लिए तैयारी कर
00:12रही है
00:12नाकपुर शहर में ये दो महिलाएं पिछले 26 सालों से लोगों को मुफ्त में ठंडा पानी और च्छाच पिला रही
00:19है
00:19रहगीर हो या मजदूर, रिक्षावाले हो या ड्राइवर, हर कोई च्छाच वाली अम्मा के हाँ च्छाच पीने आता है
00:42नाकपुर देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल है
00:45यहाँ चिलचलाती धूप और जुलसा देने वाली गर्मी लोगों के लिए जानलेवा साबित होती है
00:51लेकिन गर्मी के दिनों में च्छाच वाली अम्मा की सेवा हर सुभा 9 बजे से शुरू हो जाती है
00:58और शाम 5 बजे तक चलती है
01:00अम्मा के हाथों में हर किसी के लिए होता है एक स्नेह भरागलाज, ना प्रसिद्धी की एक्छा, ना ही पैसे
01:08की चाहत.
01:09चाच वाली अम्मा निर्स्वार्थ भाव से लगाताल लोगों की सेवा करती हैं.
01:13हर दिन 120-130 लीटर चाच वो मुफ्त में बाठती हैं.
01:18पहले जब शुरुवात हमने की थी तब हम क्या करते थे कि दः जमाते थे, दूद लेके दः जमाते थे,
01:24दः की फिर छास बनाते थे, ये क्रिया कुछ सालों तक चलती रही, फिर हमको ध्यान में आया कि तैयार
01:30छास भी बिलती है, और वही जिस्ते वी रहागिर हैं उनको ब
01:48पना, आइसक्रीम, गन्नारस, चपल, गमचे और बगारा चावल, यह जो भी जो जर्वत देती है, चपल, गमचे की यह सब
01:5826 साल से मैं देते आ रही हूँ।
02:00कुछ लोग अपने जनम दिन पर या फिर वेडिंग एनिवर्सरी पर कुछ भी दान करते हैं, वो सब दूसरों के
02:06काम में आता है, हाल ही में एक वेंडर ने तीन दिनों तक मुफ्त में लोगों को तरबूजा खिलाया, चाचवाली
02:14अमा का ये सेवा भाव इंसानियत की एक अ�
02:22झाल
Comments

Recommended