00:03करनाटक के दावनगेडे के दुर्गम्मा मेले में हजारों लोगों की भीर जुटी है ये लोग इन रंगरूटों का होसला बढ़ा
00:11रहे हैं पके पकाई उद्धा की तरह ये पहले कुछ कदम पीछे हरते हैं और फिर पूरी ताकत से हमला
00:19करते हैं वो तब तक हमले करते रहते
00:21हैं जब तक की कोई एक पक्ष जीत न जाता है दावन गेरे और भेरों की लड़ाई का अटूट रिषता
00:30है यहां हर घर में भेड पालने की परंपरा है भेडों की लड़ाई को लोग अपना संस्कृतिक खेल मानते हैं
00:38ये खेल दुर्गम्मा देवी मेले का खास इवेंट ह
00:42इस बार हुई नेशनल लेबल की भेर लड़ाई ने सब का धेन खीचा किरकेट की तरह यहां लीग और नौक
00:50आउट फॉर्मेट में इवेंट का आयोजन हुआ दातों की संक्या के आधार पर अलग-अलग ग्रूप में इनका मुकाबला होता
00:58है भेडों के मालिक पूरी तरह
01:00से खिला-पिलाकर भेडों को तयार करते हैं उन्हें जरूरी ट्रेनिंग देते हैं फिर मुकाबले में लाते हैं यहां पूरे
01:08करनाटक और आंदप्रदेश से भेड़ने लाई जाती हैं पहले दो दिन दो चार और छे दात वाले भेडों का मुकाबला
01:15हुआ और आखरे दिन
01:17आठ दात वाले भेडों का आमना सामना हुआ यहां 700 से जादा भेडों ने अपनी ताकत दिखाई भेडों की लड़ाई
01:25को देखकर लोग खुशी से सीटियां और तालियां बजाते रहें इनका हर एक वार रोमांज पैदा करने वाला था आठ
01:33दात वाले भेड को पहला एना
01:34चार लाख रुपए दूसरा इनाम तीन लाख रुपए और तीसरा इनाम दो लाख रुपए है जीतने वाले को दुरगंबिका केसरी
01:43का टाइटिल दिया जाएगा ईटिवी भारत के लिए करनाटक के दावन गेरे से नूर डी की रिपोर्ट
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