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  • 1 week ago
भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इस समझौते के तहत भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को न्यूजीलैंड में टैरिफ-फ्री एक्सेस मिलेगा. इसमें सभी तरह के उत्पाद शामिल हैं. इस समझौते का मकसद द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है.  अब आइए जानते हैं कि इस समझौते से भारत को क्या फायदा होगा. इससे कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों की कॉम्पिटिशन बढ़ेगा. इससे सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों बढ़ाव मिलेगा. इसके साथ ही, रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद हैमुक्त व्यापार समझौते के तहत भारत को अपने विनिर्माण क्षेत्र के लिए लकड़ी के लट्ठे, कोकिंग कोल और धातुओं के कबाड़ जैसे कच्चे माल भी टैरिफ फ्री मिलेंगे, जिससे उत्पादन लागत घटेगी. 

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00:10New Zealand and New Zealand
00:35And all of them, when we produce a big market for a large market,
00:41our cost of manufacturing is very competitive.
00:46And in all countries, New Zealand's new market,
00:50zero import tariff, first day,
00:54first day, zero import tariff is open.
00:57In the services of the sector,
00:59India is also very fast.
01:02The price of the land in New Zealand can be used as a商品 or living.
01:03we must give you a courtesy of the Indian London and the औरे उप्याश्य के लिए,
01:17संज्जोटे के पहरत को बढ़ावा मिलेगा,
01:19इसके साथ ही रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उमीद है.
01:22मुक्त व्यापार समझगे के तहट भारत को अपने विनिर्मार्शेत्र के लिए
01:31धातूओं के कबार जैसे कच्चे माल भी टेरिफ फ्री मिलेंगे जिससे उत्पादन लागत घटेगी।
01:37इससे पहले न्यूजरेंड सेरे में कालीन, मोटर वाहन और उसके कलपुर्जों पर 10% तक टैक्स वसूलता था।
01:46इस समझोते से न्यूजरेंड को भी फाइदा होगा। भारत ने 70% शुल्क श्रेणियों पर शुल्क में रियायत देने की
01:54पेशकश की है।
01:55जबकि 30% शुल्क श्रेणियों को सम्वेदनशील शेत्रों की सुरक्षा के लिए बाहर रखा गया है।
02:02जहां तक किसानों का सवाल है, कुछ शेत्र ऐसे हैं जहां पर भारत के किसानों को तकलीप नहीं आए, हमारे
02:11पशुपालकों को तकलीप नहीं आए, उसके कारण हमने फ्री ट्रेड एग्रिमेंट के बाहर रखा है।
02:17जैसे आप सब जानते हैं कि डेरी हो या कुछ ऐसे कुछ सिलेक्टिव जो बहुत सेंसिटिट प्रोड़क्स हैं किसानों के
02:25वो हम कोई भी देश के लिए नहीं खूरते हैं।
02:47इनके पास एग्रिकल्चर में शैदो, हनी, किवी, फ्रूट ऐसे कुछ बड़ी विशिष्टा हैं जो वो अंतराष्टे पठल पे अंतराष्टे गुन्वत्ता
02:57वाली बनाते हैं।
02:59उसमें हमारी एग्रिमेंट हुई है कि ये प्रोड़क्टिविटी भी और पॉलिटी भी दोनों सुधार करने के लिए हमें टेक्नोलोजी में
03:07साहिता देंगे, हमारे किसानों की आंदनी बढ़ाने में हमारी साहिता है।
03:12भारत लकडी, उन, भेड का मांस और कच्चा चमड़ा जैसे उतपादनों समेथ न्यूजिलेंड की करीब 30 प्रतीशत शुल्क श्रेणियों पर
03:21शुल्क समाप्त करेगा।
03:23न्यूजिलेंड के जिन उतपादनों को शुल्क में रियायत मिलेगी उनमें वाइन, दवाई, पॉलिमर, एल्यूमीनियम, लोहास पाथ उतपाद शामिल है।
03:34न्यूजिलेंड के प्रधान मंतरी क्रिस्टोफर मार्क लेक्सिन ने इस मुक्त व्यापार समझोते को पीडियों में होने वाला समझोता बताया है।
03:43उन्होंने कहा कि ये समझोता न्यूजिलेंड के एक्सपोर्ट्स को 1.4 बिलियन लोगो और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी बनने
03:53वाली एकोनॉमी तक पहुचाने का रास्ता साफ करता है।
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