00:01चुनावी पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोट ने एहम कदम उठाया है।
00:04डुप्लिकेट वोटिंग को रोकने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने की मांग पर कोट ने सुनवाई के लिए हामी भर
00:10दी है।
00:11सुप्रीम कोट ने सोंवार को उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमती जताई जिसमें मतदान केंद्रों पर उंगली और आईरिस
00:18आधारित बायोमेट्रिक पहचान सिस्टम लागू करने की मांग की गई है।
00:22इस सिस्टम का मकसद डुप्लिकेट वोटिंग और फर्जी मतदान को रोकना है। मुखे नायधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोए मालिया
00:31बाक्ची की पीठ ने साफ कहा कि मौजुदा विधान सभा चुनाव में इस मांग पर अमल संभब नहीं है। लेकिन
00:42भव
00:52किया गया कि तमाम सकती के बावजूद रिश्वत खोरी, फर्जी वोटिंग और डुप्लिकेट मतदान के मामले अब भी सामने आ
00:58रहे हैं। जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जनता का भरोसा प्रभावित हो रहा है। याचिका में कहा गया है
01:05कि उंगली
01:06और आइरिस आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने से एक नागरिक एक वोट का सिधान्त पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सकता
01:13है और चुनावों की निश्पक्षता को और मस्बूत बनाया जा सकता है।
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