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00:30अगर तुमें कुछ चाहिए, तो ले लो, मेरे पास जो भी है, सब तुम्हारा है, मुझे अब इन चीजों की
00:36जरूरत नहीं रही।
00:37चोर इस बात पर हैरान रह गया, उसे उमीद नहीं थी कि सामने से ऐसा जवाब मिलेगा, वो कुछ लम्हें
00:43खामोश रहा, फिर रुक कर सुनने लगा, बूड़ी औरत ने कहा, लेकिन एक बात है, जाने से पहले मेरा एक
00:50छोटा सा काम कर दो, मैं अभी एक डराउना खाब दे�
01:05बूड़ी औरत बोली, मैंने देखा कि मैं एक दरिया के किनारे चल रही हूँ, अचानक मेरा पाउं फिसलता है और
01:13मैं पानी में गिरने लगती हूँ, मैं जोर जोर से मदद के लिए पुकारती हूँ और कहती हूँ, या अबूद,
01:20मुझे बचाओ, चोर ने हैरत से पूछा
01:23ये अबूद कौन है? जैसे ही उसने ये सवाल मुकमल किया, उपर वाले कमरे से एक आदमी और उसके बेटे
01:30नीचे आ गए, उन्होंने फॉरन चोर को पकड़ लिया और मारना शुरू कर दिया, चोर चीखने लगा, मगर अब देर
01:37हो चुकी थी, बूरी औरत ने आवाज ल�
01:42मगर चोर खुदी चीख कर कहने लगा, मारो, मुझे मारो, मैं उसी लायक हूँ, मैं यहाँ चोरी करने आया था,
01:51खाब की ताबीर सुनने नहीं
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