00:03यह सिर्फ एक रानी की कहानी नहीं है यह उस नारी की कहानी है जिसने बिना हतियार उठाए इतिहास की
00:12सबसे बड़ी लड़ाई की दिशा बदल दी
00:15ये कहानी है माता सीता की मिथिला में किसान खेत जोत रहे थे तब एक दिन हलकी नोक से धर्ती
00:22फटी और उसमें से एक दिव्यकन्या प्रकट हुई
00:26राजा ने उस बालिका को अपनाया और नाम दिया सीता धर्ती से जन्मी इसलिए उन्हें कहा गया भूमी पुत्री
00:34बचपन से ही सीता केवल सुन्दर नहीं बलकि असाधारन रूप से बुद्धिमान और शक्ति शाली थी
00:40कहते हैं बचपन में ही सीता ने भगवान श्र्व के भारी धनुष को सहजता से उठा लिया था
00:46वही धनुष जोसे बड़े बड़े योधा हिला भी नहीं सकते थे यही से साफ हो गया सीता केवल कोमल नहीं
00:54अदभुद शक्ति की प्रतीक हैं
00:57सीता के स्वेमवर में शर्ट थी जो भी शिव धनुष को उठा कर प्रत्यंचा चड़ाएगा वही सीता का वर होगा
01:04और फिर आये श्री राम जिन्होंने न सिर्फ धनुष उठाया बलकि उसे तोड़ भी दिया
01:11लेकिन ये सिर्फ शक्ति की जीत नहीं थी ये सीता की बुद्धिमानी थी
01:15उन्होंने ऐसा वर्चुना जो धर्म, सैयम और मर्यादा का प्रतीक था
01:20जब राम को वनवास मिला तो सीता ने भी साथ जाने का नर्णा लिया
01:25ये सिर्फ पत्नी का साथ नहीं था ये उस नारी का निर्णय था जो उस परिस्थती में अपने कर्तव को
01:31समझती है
01:32जब रावन ने सीता का हरन किया तो दुनिया ने इसे एक त्रासदी के रूप में देखा
01:37लेकिन अगर गहराई से सोचे तो यही घटना बनी राम और रावन के युद्ध का कारण
01:43सीता ने लंका में रहते वे भी हार नहीं मानी उन्होंने अपनी बुद्धी और धैरे से रामत संदेश पहुचाने का
01:50रास्ता बनाया
01:50लंका की अशोक वाटिका में कैद के बावजूद सीता ने रावन के हर प्रलोभन को ठुकरा दिया
01:57ना डर ना लालच सर्फ आत्मसम्मान और विश्वास यही थी असली शक्ति जो तलवार से नहीं चरत्र से जीतती है
02:05सीता का अपहरणी बना वो कारण जिसने राम को लंका तक पहुचाया और अधर्म का अंत किया
02:12कह सकते हैं कि सीता ने ही वो मार्ग बनाया जिस पर चल कर राम ने रावन का वद कर
02:19दिया
02:19सीता सिर्फ एक पात्र नहीं है वो शक्ति है धैर्य है और बुध्धी की पराकाश्था है
02:25अगर आप भी मानते हैं कि माता सीता की कहानी हर नारी के लिए प्रेड़ना है तो असे वीडियो को
02:30लाइक और शेर जरूर करें
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