00:04मा बगला मुखी दस महविद्याओं में से एक शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं।
00:30मांगी तब भगवान वश्नों की तपस्या से मा बगला मुखी प्रकट हुई। उसी समय एक असुर था मदनासुर जिसे वर्दान
00:38मिला था कि उसकी वानी से निकली हर बात सच हो जाती है। वो अपनी शक्ति से सभी देवी देवताओं
00:45को परिशान करने लगा। तब मा बगल
00:47मुखी ने उससे युद्ध किया और उसकी जीमा यानी जीव ही पकड़ ली ताकि वो कुछ बोल ही न सके।
00:54इस तरह उसकी शक्ति खत्म हुई और देवताओं को मुक्ति मिली। मा बगला मुखी की सबसे खास पहचान है एक
01:01हाथ से असुर की जीव पकड़ना। इसका मतलब
01:04सर्फ शाररिक नहीं बलकि गहरा आध्यात्मिक है जो गलत जूट यहानी पहुचाने वाली बाते हैं उन्हें रोकना क्योंकि उसकी शक्ति
01:13उसकी बातों में थी अधर्म और अन्याय को शौन्त करना। इसलिए कहा जाता है कि मा बगला मुखी दुष्टों की
01:20वाड़ी को स्
01:32बनती है। मा बगला मुखी की पूजा से कोट केस, शत्रुबाधा और विवादों में विजय के लिए पूजी जाती है।
01:39पीलेवस्त्र, हल्दी, चने की दाल और बेसन के लड़ू उन्हें प्रिय हैं।
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