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  • 10 minutes ago
मणिपुर में हिंसा का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार सुबह उखरुल जिले में आदिवासी समुदायों के दो हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोग मारे गए. सुरक्षाबलों ने मुल्लम गांव के पास सुबह दो शव बरामद किए. वहीं दूसरी घटना सिनाकेइथेई गाव के पास हुई.जिसमें हथियार से लैस एक समूह ने घात लगाकर एक शख्स पर हमला किया. जिसमें उसकी मौत हो गई. नागा संगठनों ने इन हत्याओं के पीछे कुकी उग्रवादियों का हाथ बताया है. जबकि कुकी संगठनों ने इन हत्याओं से इनकार किया है. ताजा तनाव 18 अप्रैल को दो लोगों की हत्या के बाद से हुआ है.एक दिन बाद इन हत्याओं के विरोध में विभिन्न संगठनों ने पांच दिन का बंद बुलाया. मणिपुर के 16 में से 12 जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा. प्रभावित जिलों में स्कूल, बैंक, बाजार और अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़कें बंद कर दीं मणिपुर में हिंसा का दौर बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में 7 अप्रैल को बम हमले से शुरु हुआ है. जिसमें दो मासूमों की मौत हो गई थी. इन बच्चों की मां इस हमले में घायल हो गई थी. इन घटनाओं के बाद से ही यहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.19 अप्रैल को राजधानी इंफाल में निकाली गई एक मशाल रैली के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे. 

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00:28बडिपूर में हिंसा का दोर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।
00:30कूकी उग्रवादियों का हाथ बताया जबकि कूकी संगठनों ने इन हत्याओं से इनकार किया है।
01:01बडिपूर में हिंसा का दोर बिश्नुपूर जिले के ट्रोंगला ओबी में साथ अप्रेल को बम हमले से शुरू हुआ है।
01:08जिसमें दो मासूमों की मौत हो गई थी। इन बच्चों की मा इस हमले में घायल हो गई थी। इन
01:14घटनाओं के बाद से ही यहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
01:17उनने साप्रेल को राजधानी इंफाल में निकाली गई एक मशाल रैली की दोरान पुलिस ने आसू गैस की गोले दागे
01:23थे।
01:24प्यूरो रिपोर्ट, ETV भारत
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