खेती में जुटी झारखंड की महिलाएं ड्रिप इरिगेशन के जरिए अपनी तकदीर खुद लिखने में जुटी हैं। राजधानी रांची की जमीन पर अब सिर्फ फसल ही नहीं उग रही, बल्कि उग रही है महिलाओं की आत्मनिर्भरता की नई कहानी। ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक तकनीक ने खेती को लाभकारी बना दिया है. रांची के पिस्का नगड़ी महतो टोली की रेणु देवी कभी पारंपरिक खेती करती थीं. दो साल पहले ड्रिप इरिगेशन तकनीक अपनाकर की गई खेती ने उनकी आमदनी पहले की तुलना में काफी बढ़ा दी है. वहीं ड्रिप इरिगेशन अपनाने के बाद खेती में मिली सफलता ने देवकी देवी को दूसरी महिलाओं के लिए मिसाल बना दिया है। उन्हें अब खेती से दोगुना मुनाफा होने की उम्मीद है.ड्रिप इरिगेशन एक आधुनिक कृषि तकनीक है, जिसमें पानी और पोषक तत्वों को पाइप के नेटवर्क के जरिए सीधे पौधों की जड़ों तक बूंद-बूंद करके पहुंचाया जाता है। खेती की यह तकनीक पानी की 70 फीसदी बचत करने के साथ ही फसल की पैदावार में 200 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि कर सकती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी पारंपरिक खेती में तकनीक के इस्तेमाल के पैरोकार रहे हैं
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