00:00असल कारण बताता हूं कि क्यों मैंने पार्टी की गतिविधियों से अपने आपको अलग कर लिया
00:04और उसका कारण ये है क्योंकि मैं उनके गुनहा में शामिल नहीं होना चाहता था
00:09मैं उनकी दोस्ती के काबिल नहीं था क्योंकि मैं उनके गुनहा में शामिल नहीं था
00:31रागव चडड़ा की जाती और सामाजिक प्रिष्ट भूमी की बात करें
00:35तो वो एक पंजाबी खत्री परिवाज से संबंद रखते हैं
00:38और उनकी विशिष्ट जाती खुकरयान वर्ग के अंतरगत आती है
00:43चडड़ा उपना मुख्य रूप से भारत के पंजाब और उत्री रज्यों में पाए जाने वाले हिंदू और सिख समुदायों का
00:50एक अभिन्न हिस्सा है
00:52समाजिक संरशना में इसे एक उच्च और गौरवशाली जाती का दर्जा प्राप्त है
00:57जो कि सद्यों से व्यापार, वानिज्य और शाशन व्यवस्था से जुड़ी रही
01:02एतिहासिक रूप से चड़ा समुदाय का स्तित्व सोलवी शताब्दी से पंजाब के गौरवशाली एतिहास में स्पष्ट रूप से मिलता है
01:10एक खत्री जन जाती का एक महत्व पूर्णंग है जो कि अपनी प्रशाशनिक कुशलता और व्यावसाइक बुद्ध्यमता के लिए प्रसद्ध
01:19है
01:19चड़ा शब्द की उत्पत्ति को कुछ विद्वान, आधर और सम्मान के प्रतीक के रूप में देखते हैं
01:24चड़ा समुदाय पारंपरिक रूप से अपनी बौतिक शमताओं के कारण समाज के अग्रणी वर्गों में गिना गया
01:31वर्दमान समय में रागप चड़ा अपनी राजनीतिक दिशा बिदलने के कारण सुर्खियों में है
01:3724 अपरिल 2026 को उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी आम आदमी पार्टी को अलविदा कहते हुए भारती जनता पार्टी के सदस्यता
01:45ग्रहन कर ली
01:46उनके इस सासिक नर्णा ने देश की राजनीति में एक बड़ी उथल पुथल मचा दी
01:51क्योंकि उन्होंने अकेले नहीं बलकि दो तिहाई सांसदों के साथ भाजपा का दामन ठाम कर एक बड़ा राजनातिक संदीश दिया
01:59चड़ा पिछले कुछ वक्त से अपनी ही पार्टी के भीतर कुछ नर्णाओं से बिहद असन तोष्ट और उपेख्षित महसूस कर
02:06रहे थे
02:06रजसभा में उपने तक पच्छिट जाने के बाद उनके नाराज की खुल कर सामने आई थी
02:11उन्होंने सारवजनिक मंचो पर यस्विकार किया कि उन्हें अपनी बाद रखने का पर्यावत अफसर नहीं मिल रहा
02:18और उन्हें जान बूच कर मौन रहने पर विवश्ट किया गया
02:22जिससे वे अपनी ही पार्टी में घुटन महसूस कर रहे थे
02:25उनके अनुसार वे लंबे वक्त से एक गलत वैचारिक धरातल पर थे और अब वो सही स्थान पर हैं
02:30राजनीती के अलावा लोग अब उनके निजी जीवन और आस्था के बारे में विस्तार से जानने के जुक हैं
02:36राघव चट्डा सनातन हिंदु धर्म के अनुयाई हैं और उन्होंने कई बार सारवजनिक रूप से अपनी धार्मिक पहचान को गर्व
02:43के साथ स्पष्ट किया
02:44उनके जीवन में धर्म और संस्कृति का गहरा महत्व है
02:48जिसे उनकी परियनीती चोपडा के साथ हुई शादी में भी स्पष्ट रूप से दिखा गया
02:54ये ववह पोनता पारंपरिक हिंदूरीती रिवाजों और पवित्र मंत्रों चार के बीच संपन्न हुआ था
03:00उनकी पत्नी परियनीती चोपडा भी हर्याण के अंबालके एक प्रदिष्टत पंजाबी हिंदू खत्री परिवार से संबंध रखती है
03:06चोपडा उपनाम भी खत्री समाज का एक बड़ा हिस्सा है जोकि मुख्य रूप से पंजाब और हर्याणा में अपनी सम्रिध
03:13संस्कृतिक जड़ों के लिए जाना जाता है
03:16इस प्रकार अघप चड़ा और परिणीती चोपडा दोनों ही सामान सामाचिक और संस्कृतिक प्रश्ट भूमी साजा करते हैं
03:22चड़ा का ये नया सफर भारत्य राजनिती में नय अध्याय की शुर्वात माना जा रहा है
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