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  • 9 hours ago
महाराष्ट्र में भाषा विवाद की लड़ाई अब ऑटो और टैक्सी चालकों तक आ गई है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि रिक्शा, टैक्सी और ऐप‑आधारित सेवाओं जैसे कि ओला, उबर, ई‑बाइक टैक्सी से जुड़े अमराठी चालकों को मराठी में बुनियादी बातचीत आनी चाहिए। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने राज्य सरकार के इस का पूर्ण समर्थन किया है। MNS नेता अमित ठाकरे के एक बयान से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

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00:00महारास्ट में भाशा विवाद की लड़ाई अब आटो टेक्सी चालोकों तका गई है।
00:30अब आटो टेक्सी ड्राइवरों ने फैसले पर कहा कि हम मराठी सीखनी की कोशिश कर रहे हैं।
01:00हम उनका स्वागत करते हैं क्योंकि जितने भी रिक्सा ड्राइवर हैं जितने भी टेक्सी ड्राइवर हैं वो उनका स्वागत कर
01:07रहे हैं।
01:36जो डर का माहूल बना है कि हमें यहां दे भगा दिया जाएगा।
01:51महरास्ट नवनिर्मार सेना ने राज सरकार के इस फैसले का पूर समर्थन किया है।
01:56मनसे नेता अमिट ठाकरे के एक बयान से राजनितिक मोहल और गर्मा गया है।
02:01दरसल अमिट ठाकरे ने कहा है कि सरकार द्वारा लिया गया फैसला पूरी तरह सही है और इससे किसी परकार
02:08की दिक्कत नहीं होगी।
02:09जिने हरताल पर जाना है वो जाए। इससे कोई फरक नहीं पड़ेगा। अगर आंदोलन के दौरा अंग किसी मराथी व्यक्ति
02:16को परिशानी हुई तो सडक पर पिटेंगे।
02:49साथी शिवसेना यूबीडी सांसा संजयर राओत ने कहा है कि अगर आप महरास में काम कर रहे हैं तो आपको
02:55मराथी आनी चाहिए। हर राजी की अपनी लोकल भाषा होती है।
02:59महरास्टा में अगर मराथी भाषा अनिवार wrist už में गलत करते हैं। यह कोई चर्शा का विषय है। तामिल लडु
03:08में चलेगा,
03:10तामिल लड़ो में तामिल भाषा हनिवार यह होनी ही चाहिए।
03:15पच्ची मंगल में बंग ली होनी होनी है। भाषा होनी ही चाहिए।
03:21When we go to Delhi, we talk about what is happening in our state.
03:29If we talk about the law, we talk about the law and the law.
03:37However, Shiversena has said that the law and the government has said that
03:51Thank you very much.
04:49
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