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बेबाक भाषा की स्पेशल स्टोरी में पत्रकार भाषा सिंह बता रही हैं कि कैसे मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ आदिवासी समुदाय के लोग विरोध कर रहे हैं। परियोजना के कारण विस्थापन और जमीन खोने से आशंकित आदिवासी समुदाय लगातार आंदोलन कर रहा है, महिलाएं पंचतत्व सत्याग्रह और चिता आंदोलन कर रही हैं, अपनी अर्थी सजा रही हैं.
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00:10मोदी जी जिस समय आप पार्लेमेंट के भीतर नारी वंदन महिला रक्षन को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं
00:20ठीक उसी समय
00:21आप ही के शाशित राज में, मद्ध प्रदेश में, चतरपुर में यह महिलाएं अपनी अर्थी सजाकर प्रोटेस्ट कर रही हैं
00:31सिर्फ यही नहीं ध्यान से देखे यह वीडियो और तस्वीर वे गले में फासी लगा रही हैं
00:39वे अपने उपर मिट्टी पोत रही हैं के नदी की सीधा मेसेज दे रही हैं यह आदिवासी महिलाएं कि आपका
00:48विकास पूरी तरह से जूटा है
00:51और यहाँ पर इन आदिवासी महिलाओं का एक ही नारा है कि हम अपनी जंगल अपनी जमीन अपनी नदी नहीं
01:02छोड़ेंगे
01:03हमें तुम यहीं दफना दो हम अपनी अर्थी खुद सजा लिये हैं उस पर अपने बच्चों को भी लिटा कर
01:11यह महिलाएं बैठी हैं
01:122026 जिस समय अपरेल में आप स्पिशल सेशन बुलाते हैं महिला आरक्षन बिल के लिए उस समय देश की महिलाओं
01:23देश की आदिवासी महिलाओं की क्या इस्तिती है यह तस्वीरें चीख-चीख कर सवाल पूछ रही हैं देश की संसस
01:32से देश के प्रधान मंत्री से और हम सब से
01:50नमस्कार दोस्तों मैं आपकी दोस्त भाषा और आज बेबाग भाषा में हमारी स्पेशल रिपोर्ट केन बेत्वा परियोजना के खिलाफ जो
02:00महिलाएं जो आदिवासी संघर्ष कर रहे हैं मध्यप्रदेश में
02:04छतरपुर से 40 किलो मीटर दूर अपनी जान को जोखिम में डाल कर आंदोलन कर रहे हैं उनके पक्ष में
02:14खड़ा हुआ यह हमारा प्रोग्राम है जिस तरह से 2026 में यह मुद्दा देश की संसद मध्यप्रदेश की विधान सभा
02:26मीडिया घरानों में आना चाहिए था फूरी
02:29तरह से गायर है क्योंकि यहां पर जो प्रभावित लोग हैं वह सबसे हाशिये पे खड़े लोग हैं यह महिलाएं
02:38आदिवासी महिलाएं हैं जो 6-7 अप्रेल से भूखरताल पर हैं सिर्फ भूखरताल ही पर नहीं हैं प्रोटेस्ट के शांती
02:49पूर्ण प्रदर्शन के सारे
02:51के सारे तरीके अपना चुके हैं यह लोग इन महिलाओं ने परिशान होकर खुद अपनी अर्थी सजाई है और 2026
03:02में यह द्रिश हर भारतिय नागरिक के दिल पर ठेस लगाने वाला होना चाहिए जहां पर दिखाई दे रहा है
03:11कि यह महिलाएं अपनी अर्थी खुद सजात
03:14करनी है और अखेले नहीं बेटती अपने बच्चों को लेकर मरने का संकलप लेती हैं और कहती हैं कि यह
03:22जमीन हमारी है यह नदी केन नदी हमारी है यह जंगल हमारे है
03:29यहां पर जो विकास की आंधी चल रही है जग ग्रेट केन बेतवा परियोजना चल रही है उसने हजारों आदिवासियों
03:40को इस तरह से प्रोटेस्ट करने पर मजबूर कर दिया है
03:44इस परियोजना को लेके तमाम सवाल खड़े होते रहे हैं कि किस तरह से पचास के करीब गाउं डूब जाएंगे
03:54और यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि सरकार बहादुर को लगता है कि मद्द प्रदेश की केन नदी और
04:02उत्तर प्रदेश की बेतवा नदी दोनों नदियों को
04:06अगर मिला दिया जाएगा तो पानी की भरमार हो जाएगी बिजली की भरमार हो जाएगी बड़ा इंवेस्टमेंट होगा लेकिन वह
04:14इंवेस्टमेंट इन तमाम आदिवासी महिलाओं आदिवासी पुर्शों के गाउं की कीमत पर होगा और लंबा संगर्श है लेकिन जिस
04:31समय यह पानी में खड़े होकर जल सत्यागरा कर रही हैं ठीक उसी समय सरकार मद्ध्रदेश की भारती जनता पार्टी
04:42की सरकार इंके घरों को गिरा रही है
04:45महिलाओं की आवाज सुनिये दर्द सुनिये ताकि अंदाजा हो सके कि 2026 में जिस समय देश की राष्टपती महिला हैं
04:58दुरापदी मुर्मू हैं उस समय इन आदिवासी महिलाओं को अपने कले में फासी लगा कर विरोध करने पर मजबूर होना
05:08पड़ रहा है
05:09यह जो तमाम लोग दिखाई दे रहे हैं इन तमाम लोगों के घर इनके गाओं गोधन बांध में डूबने वाले
05:18हैं और यह लंबे समय से इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं का सीधा सीधा कहना है कि हम आदिवासी
05:27हैं हम बिना जंगल के नहीं रह सकते केन विद्वा पर
05:38पर दूबने हैं खत्म हो जाना है इन गाओं को एनका कहना है कि हमें पैसा नहीं चाहिए हमारे गाओं
05:46ले रहे हूं तो हमें बिना जंगल के नहीं जंदा रह सकते
06:01यहाँ याद रखिए कि यह स्टार परियोजना है केन बेतवा रिवर लिंकिंग परियोजना जिसकी शुरुवात अटल बिहारी वाशपही के समय
06:11हुई थी और उस समय से लेकर अभी तक जी हाँ अभी तक इस तरह की जो रिवर लिंकिंग परियोजना
06:20हैं देशबर में उनका �
06:22तगड़ा विरोध हो रहा है और यहाँ पर इस इलाके में 2021 में जब उत्तर प्रदेश की सरकार और मध्यप्रदेश
06:30सरकार ने इस पर M.O.U. साइन किया तब से यहाँ पर विस्थापन का गंदा खेल चालू हो गया
06:37है सिर्फ आदिवासी ही नहीं देश का सबसे एहम टाइ�
06:46गर रिजर्व भी इस केन बेतवा परियोजना के तहट प्रभावित हो रहा है इसे लेकर भी अंगिनत स्टोरीज आ चुकी
06:54हैं लेकिन फिलहाल यह महिलाएं जो अपनी अर्थी सजा रही हैं जो अपने चेहरे और बदन पर केन नदी की
07:02मिट्टी पोत रही हैं जो खुद अ
07:07खासी का फंदा लटका रही हैं और कह रही हैं सरकार से अरे सरकार बहादूर तुम हमें मार डालो हमें
07:15मारने के बाद ही तुम हमारे गाउं पर कबजा कर सकते हो हमारी नदी हमारी केन नदी को हमसे छीन
07:22सकते हो
07:23सिर्फ हमें ही नहीं आपको भी देश के प्रधान मंत्री से सवाल पूछना चाहिए
07:29मोधी जी आपको नारी वंदन की इतनी चिंता है
07:33इन नारियों का भी वंदन कीजिए
07:36इन नारियों की भी गुहार सुनिए उनके आसु सुनिए
07:40खम से कम इतना बड़ा अत्याचार उस समय मत कीजिए
07:44जब सदन के भीतर खड़े होकर आप नारी सचक्ती करण की बात कर रहे हैं
07:50और कह रहे हैं आपकी गैरंटी है
07:52यह गैरंटी इन महिलाओं तक भी पहुचनी चाहिए
07:56इन आदिवासी महिलाओं तक भी पहुशनी चाहिए
07:59आप जरूर बताईएगा हमें आपको क्या लगता है
08:03इन आदिवासी महिलाओं को नियाय मिलेगा
08:06या ये यूहीं अर्थी सजाय खड़ी रहेंगी
08:09इनसाफ का इनसाफ की गुहार लगाते हुए
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