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Women's Reservation Bill : Bansuri Swaraj ने विपक्ष की मंशा पर उठाए सवाल, Akhilesh पर पलटवार !

महिला आरक्षण पर संसद में तीन दिनों का विशेष सत्र चल रहा है। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके अलावा परिसीमन पर भी निर्णय होना है। इस बीच जब महिलाओं को आगे बढ़ाने की बात हुई तो समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी सवाल दाग दिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस में आखिर महिलाएं कहां हैं? कोई बता सकता है कि संघ परिवार ने महिलाओं को अपने संगठन में जगह क्यों नहीं दी। इसका जवाब उन्हें तत्काल तो नहीं मिला, लेकिन कुछ वक्ताओं के बाद महिला आरक्षण पर बोलने के लिए खड़ी हुईं बांसुरी स्वराज ने दिया।

A three-day special session is underway in Parliament on women reservation. Meanwhile, an amendment to the Nari Shakti Vandan Act is proposed. In addition, a decision is to be taken on the delimitation. Meanwhile, Samajwadi Party leader Akhilesh Yadav also questioned the promotion of women. He said that where are the women in RSS after all? Someone can say why the Sangh Parivar did not give women a place in their organization. He did not get the answer immediately, but after a few speakers, Swaraj, who stood up to speak on women's reservation, played the flute.

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~PR.338~HT.408~ED.106~GR.508~

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Transcript
00:00अखिलेश जी ने विचार परिवार की भी बात करी, मैं शायद वू इस बात से अवगत नहीं है, क्योंकि मैं
00:06भी राष्ट्य सेविका समिती की ही एक कार्य करता हूं, पिछले 90 वर्षों से राष्ट्य सेविका समिती संध के साथ
00:16कदम से कदम मिलाकर इस देश की सेवा कर रही
00:22और मैं हैरान हुई जब एक महिला सांजग ने ये कह दिया कि आप परिसीमन करकर सीटे बढ़ा रहे हैं
00:28यह तो शौवनिजम है
00:31शौवनिजम का आरोप लगाते हो वो यह भूल गई कि 543 सीटे पुरुषों का एकाधिकार नहीं है
00:40वो भूल गई कि इन 543 में आज भी 74 पर हम नारी शक्ती का रेप्रिजेंटेशन करते हैं
00:49मानने सदसर बांसुरी सुराज जी
00:54बहुत धन्यवाद सभापती महादया
00:57मैं इन तीनों एक Constitutional Amendment और दोनों बिल्स का समर्थन करने के लिए खड़ी हुई हूँ
01:08महादया हमारी संस्कृती तो वह है जो अर्ध नारेश्वर को पूझती है
01:13भारत की संस्कृती वह है जहाँ पर लेंगिक समांता एक नया Concept नहीं है
01:19हम तो वह हैं जो कहते हैं कि प्रकृती और पुरश एक दूसरे के पूरक है
01:25हमारे यहां तो शक्ति स्वरूपा माद्दुर्गा की आराधना करी जाती है
01:30भगवान विश्णु का सुदर्शन चक्र
01:34महादेव का तृशूल और ब्रह्मा जी का कमंडल
01:39यानि तीनों तृद्वेवों की शक्ति अगर समाहित करना हो
01:43तो वो केवल और केवल माद्दुर्गा ही कर सकती है
01:47ये स्तर है नारियों का हमारी संस्कृती में
01:50लेकिन कहीं ना कहीं आक्रांता आए
01:55और हमारी संस्कृती का अपभरंश हुआ
01:59जहां सम्मान हमारी संस्कृती है
02:03वही महोदया नारियों का सशक्तिकरण करना हमारा कर्तव्य है
02:10आज यहाँ पर T.M.C की एक संसद सदस्या ने कहा
02:15equality is by birth मैं उनकी बात से बिलकुल सहमत हूँ
02:19क्योंकि पुरुष और स्त्री को एक समान तो ईश्वर ने ही बना कर भेजा है
02:24पर उन्होंने ये भी कहा कि equality cannot be given by political exercise
02:29मैं उनकी बात से बिलकुल सहमत नहीं
02:32महिला आरक्षर की आवशक्ता क्या है ये मैं कुछ आकड़े देकर इस सदन के समक्ष रखना चाहूँ
02:39आज महिलाएं पूरे के पूरे विश्व में खास करकी
02:45महिलाएं जो भारत की बेटियां है वह अपना पर्चम लहरारी है वह चाहे science हो टाहे technology हो चाहे low
02:53हो लेकिन राजनेतिक शेत्र में उनका प्रतिनिध्यत वह बहुत कम है
02:58अगर हम 2024 का election देखें तो वहाँ पर महिलाएं वोटर की तादाद पुरुशों के मुकाबले जादा थी
03:07लेकिन मैं पूछना चाहती हूँ विपक्र के उन साथियों से जो आज इस संशोधन का समर्थन नहीं कर रहे
03:14क्या बात आप महिलाओं की भूमिका केवल मतदाता तक ही रखना चाहते हैं क्या
03:21आज इस सदन में महिलाओं के आप प्रतिनिध्यत वह केवल 13.6% है
03:27अगर हम विधान सभा में जाए तो वहाँ पर महिलाओं का प्रतिनिध्यत दस प्रतिशत से भी कम है
03:34और अगर हम global percentages देखें महादया तो वहाँ पर 27.6% है
03:40मैं तो धन्यवाद करती हूँ आदेन प्रधान मंतरीशी नरेंद्र मोदी जी का
03:45और इस सदन में उन सभी राजनेतिक दलों का जिनोंने 27 बरस पुराना विलम जो था डिले थी
03:53उसको हरकर नारी शक्ती वंदन अधिनियम को सितंबर 2023 को एक हकीकत बनाया उसको पारित करा
04:01और महादया मुझे अचंबा है
04:04मुझे अचंबा है कि मेरे विपक्ष के साथी जिनोंने सर्वसम्मती से नारी शक्ती वंदन अधिनियम पारित तो कर दिया
04:13उसे कानून तो बना दिया, आज वो इसे 2029 में लागू करने के लिए अपना समर्थन क्यूं नहीं दे रहे
04:21हैं, वो क्यूं अपने हाथ खीच रहे हैं, कल मैंने एक विडियो देखी जो मानिनिये नेता प्रतिपक्ष ने जारी करी
04:28थी, मैं आपके माध्यम से उनको कहना चाहत
04:32हूँ, यह जो संशोधन आया है, यह वचन पूर्ती के लिए आया है, इस पूरे सदन ने प्रधान मंत्रीशी नरेंद्र
04:41मोधी जी की प्रेरणा से, इस देश की मात्र शक्ती से यह वचन करा था, कि हम इस कानून को
04:502029 से ही लागू कर देंगे, मैं पूछना चाहती हूँ, म
05:01पावर ग्रैब का मुद्दा नहीं, यह पावर बैलन्स का विशे है, यह हक चोरी का विशे नहीं, हक के हिसाब
05:09का विशे है, और मोहदिया बहुत विनम्रता से कहना चाहूंगी, कि इस सदन को, इस देश की मात्र शक्ती को,
05:17उसके हक का हिसाब देना पड़ेगा,
05:21दल और राजनीतिक स्वार्थ से उपर उठकर, विचार धारा की भिनता से उपर उठकर, इस सदन की जिम्मेदारी है, कि
05:31हम इस संशोधन को सर्व सम्मिती सिर्फ पारित करें,
05:36विपक्ष के कुछ साथियों ने कुछ ऐसे क्रिटिसिजम्स रखे हैं, कुछ ऐसे कटाक्ष रखे हैं, जिने मैं यहां बहुत विनम्रता
05:45से उनका जवाब देना चाहूंगी, उन संशियों का, और ये आगरे करना चाहूंगी, कि आपके संशे डिबेट तक सीमित रहें,
05:53
06:05कि चालीज बरस से इस देश की बेटियां प्रतीक्षा कर रही थी नारी शक्ति अधिनियम लागू हूँ, महिला आरक्षन लागू
06:14हूँ, ये नरेंद्र मोदी सरकार है, जो सर्व सम्मिती से इसको पारित करकर कानून बना पाई, सितंबर दो हजार तईस
06:24से, तो हमारी निय
06:27इसी साफ है, ये तो परिलक्षत हमने सितंबर दो हजार तईस में ही कर दिया, मैं फिर पूछना चाहती हूँ,
06:35बार बार विपक्ष के कई साथियों ने कहा, टाइमिंग की बात कर, यहां तक की मानिने अखलेश रियादफ जी ने
06:42कहा, जल्दबाजी, मैं पूछना चाहती ह
06:45कि चालिस बरस की डिले के बाद भी आप जल्दबाजी का आरोप किस मूँसे लगा रहे हैं, और रही बात
06:52इलेक्षन की, महादिया जब तक की एक राष्ट्र, एक चुनाव का रीफॉर्म इस देश में लागू नहीं हो जाएगा, हमारी
07:00पॉलिटी का नेचर ये है, कि यहा
07:14बंगाल का चुनाव सातवा चुनाव है, जिसमें योगदान करने का मुझे मौका मिल रहा है, इसलिए चुनाव तो यहाँ चलते
07:22रहेंगे, लेकिन चुनाव बहाना नहीं बन सकता, हमारे देश की मातर शक्ती का हक मारने के लिए, अखिलेश जी ने
07:32विचार परवार की भी
07:33बात करी, मैं शायद हूँ इस बात से अवगत नहीं है, क्योंकि मैं भी राश्य सेवका समिती की ही एक
07:40कार्य करता हूँ, पिछले नब्बे वर्षों से राश्य सेवका समिती संग के साथ कदम से कदम मिलाकर इस देश की
07:50सेवा कर रही है,
07:54पॉद्या, एक भय, एक भ्रम बना दिया गया है डी लिमिटेशन को, मैं आपके माध्यम से ये बात सपष्ट कर
08:03दू हमारे विपक्ष के साथियों को,
08:06डी लिमिटेशन यानि परिसीमन भारतिय जनता पाटी का प्रपंच नहीं है,
08:18जो बाबा भीमराओं अंबेडकर जी ने बनाया है, उन्हें के रचत कॉंस्टूशन में ही ये प्रावधान है, ये मेकानिजम है,
08:26जहां पर दी लिमिटेशन अनिवार है,
08:29पर महादया में बहुत विनम्रता से कहना चाहती हूँ, नारी शक्ती वंदन अधिनियम को लागू करना मंजिल है, परिसीमन केवल
08:39और केवल रह है, आप रह और मंजिल में कन्फ्यूज मत होये,
08:44प्लिजम बजीदेशन अनिवार है, जोने डिम्रता टी वंदन अधिनियम, नारी शक्ती वंदन अधिनियम, जोने अधिनियम को लिज़ा में प्राम है,
08:58एक और बात कही गई, यहां पर बोला गया, कि पाथ सो तिर्तयलिस में क्योँ नहीं लगा देते, और मैं
09:11हैरान हुई
09:11जब एक महिला सांसद ने ये कह दिया कि आप परिसीमन करकर सीटे बढ़ा रहे हैं ये तो शौवनिजम है
09:17शौवनिजम का आरोप लगाते हो वो ये भूल गई कि 543 सीटे पुरुशों का एकाधिकार नहीं है वो भूल गई
09:30कि इन 543 में आज भी 74 पर हम नारी शक्ती का रेप्
09:41आप रेजर्वेशन को एबस्ट्राक्ट में लागू नहीं कर सकते हैं आपको रेजर्वेशन को आइडेंटिफाइड कॉंस्टिट्वेंसीज में ही करना पड़ेगा और
09:52इसी लिए परिसीमन आवश्चक है सीटों की बढ़ोत्री आवश्चक है कई लोग ने पूछा कि आ
10:11बेसिस से उनके सेंसिस के बेसिस पे है तब भारत की पॉपिलेशन वाज ओनली 51.4 करोड आज भारत की
10:19पॉपिलेशन तीन दुगरी हो गई है हम आज 140 करोड का देश हैं महादया यह सदन अनर्थ करेगा अगर महला
10:30सशक्ती करण की केवल बात करता है और महला आरक्षन पॉ
10:40गंदन अरिनियम के इफेक्टिव इंप्लिमेंटेशन के लिए यह अनिवार है कि परिसीमन हो और सीते बढ़ाई जाए
10:4974 से 273 तक का यह जो सफर है यह केवल मातर शक्ती के उत्थान के लिए नहीं यह इस
10:58राष्ट को सुद्र करने के लिए इस राष्ट में एक स्वर्णेम अध्याय लिखने के लिए
11:05एक और बोली गई बाग यहाँ पर उन्होंने कहा कि आप जणगणना नहीं करना चाहते मैं पुनह याद कराना चाहूंगी
11:14आज सुबह ही मानिय ग्रेह मंत्री ने रिकॉर्ड पे बोला है जणगणना की प्रक्रिया चालू हो गई है उसमें कास्ट
11:23सेंसस केंद्र सरकार कर�
11:26लेकिन महादया ऐसा लग रहा है कि महिलाओ को आधार तो क्या मिला विरोधियों का आधार ही खिसक गया है
11:34महिलाओ का अधिकार से अगर आपका आधार खिसकता है तो यह आपका राजनेतिक अफसरवाद है पर मैं आज करबध प्रार्थना
11:46करना चाहूंगी विपक्ष के स�
11:49प्राथियों से कि एक बहुत ही इंटेलिजन्ट शल्यूशन इस विधयक में इस बिल में बनाया गया है जहां पर यह
11:57सुनिश्चत करा गया है कि जो टेरिटोरियल जोग्रफी है वो तो 2011 के सेंसस के बेसिस पर करी जाए लेकिन
12:05जो स्रीतों की बढ़ोतरी है उसमें किसी भी
12:09किसी भी में पुना कहती हूँ किसी भी राज्य का हक ना मारा जाए अरे आज तो सदन में खड़े
12:16होकर यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गैरंटी तक दे दी और हमसे पूछिए हम आपको बताना चाहते हैं
12:24मोदी की गैरंटी सारी गैरंटी पूर
12:38में राजनेतिक स्वार्थ में इस देश को नौर्थ और साउथ में दिवाइड करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन मोहद्या
12:47आपके माध्यम से मैं उनको बताना चाहूंगी कि यह जो उनका प्रयास है यह असफल होगा और जिस संगत में
12:55वो बैठे हैं वहां पर केवल हार का
12:58चिथा लिखा जाता है जो भी व्यक्ति इस विदेयख का और इस संशोधन का विरोध कर रहा है वो नारी
13:06शक्ती के आक्रोश का पात्र बनेगा
13:09मैं करबध प्राथना करती हूँ आपके माध्यम से विपक्ष के साधियों को
13:13कि कृप्या महलाओं के आक्रोश का नहीं उनके आशिरवाद का प्रात्र बनी
13:24अंत में मैं ये कहना चाहूंगी
13:26फूल नहीं चिंगारी है ये भारत की नारी है
13:34इनके अधिकार की बारी है
13:36वचनपूर्ती के इस चन में
13:39पारित करना सदन की जिम्मेदारी है
13:43बहुत बहुत धन्दवाद
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