00:00अखिलेश जी ने विचार परिवार की भी बात करी, मैं शायद वू इस बात से अवगत नहीं है, क्योंकि मैं
00:06भी राष्ट्य सेविका समिती की ही एक कार्य करता हूं, पिछले 90 वर्षों से राष्ट्य सेविका समिती संध के साथ
00:16कदम से कदम मिलाकर इस देश की सेवा कर रही
00:22और मैं हैरान हुई जब एक महिला सांजग ने ये कह दिया कि आप परिसीमन करकर सीटे बढ़ा रहे हैं
00:28यह तो शौवनिजम है
00:31शौवनिजम का आरोप लगाते हो वो यह भूल गई कि 543 सीटे पुरुषों का एकाधिकार नहीं है
00:40वो भूल गई कि इन 543 में आज भी 74 पर हम नारी शक्ती का रेप्रिजेंटेशन करते हैं
00:49मानने सदसर बांसुरी सुराज जी
00:54बहुत धन्यवाद सभापती महादया
00:57मैं इन तीनों एक Constitutional Amendment और दोनों बिल्स का समर्थन करने के लिए खड़ी हुई हूँ
01:08महादया हमारी संस्कृती तो वह है जो अर्ध नारेश्वर को पूझती है
01:13भारत की संस्कृती वह है जहाँ पर लेंगिक समांता एक नया Concept नहीं है
01:19हम तो वह हैं जो कहते हैं कि प्रकृती और पुरश एक दूसरे के पूरक है
01:25हमारे यहां तो शक्ति स्वरूपा माद्दुर्गा की आराधना करी जाती है
01:30भगवान विश्णु का सुदर्शन चक्र
01:34महादेव का तृशूल और ब्रह्मा जी का कमंडल
01:39यानि तीनों तृद्वेवों की शक्ति अगर समाहित करना हो
01:43तो वो केवल और केवल माद्दुर्गा ही कर सकती है
01:47ये स्तर है नारियों का हमारी संस्कृती में
01:50लेकिन कहीं ना कहीं आक्रांता आए
01:55और हमारी संस्कृती का अपभरंश हुआ
01:59जहां सम्मान हमारी संस्कृती है
02:03वही महोदया नारियों का सशक्तिकरण करना हमारा कर्तव्य है
02:10आज यहाँ पर T.M.C की एक संसद सदस्या ने कहा
02:15equality is by birth मैं उनकी बात से बिलकुल सहमत हूँ
02:19क्योंकि पुरुष और स्त्री को एक समान तो ईश्वर ने ही बना कर भेजा है
02:24पर उन्होंने ये भी कहा कि equality cannot be given by political exercise
02:29मैं उनकी बात से बिलकुल सहमत नहीं
02:32महिला आरक्षर की आवशक्ता क्या है ये मैं कुछ आकड़े देकर इस सदन के समक्ष रखना चाहूँ
02:39आज महिलाएं पूरे के पूरे विश्व में खास करकी
02:45महिलाएं जो भारत की बेटियां है वह अपना पर्चम लहरारी है वह चाहे science हो टाहे technology हो चाहे low
02:53हो लेकिन राजनेतिक शेत्र में उनका प्रतिनिध्यत वह बहुत कम है
02:58अगर हम 2024 का election देखें तो वहाँ पर महिलाएं वोटर की तादाद पुरुशों के मुकाबले जादा थी
03:07लेकिन मैं पूछना चाहती हूँ विपक्र के उन साथियों से जो आज इस संशोधन का समर्थन नहीं कर रहे
03:14क्या बात आप महिलाओं की भूमिका केवल मतदाता तक ही रखना चाहते हैं क्या
03:21आज इस सदन में महिलाओं के आप प्रतिनिध्यत वह केवल 13.6% है
03:27अगर हम विधान सभा में जाए तो वहाँ पर महिलाओं का प्रतिनिध्यत दस प्रतिशत से भी कम है
03:34और अगर हम global percentages देखें महादया तो वहाँ पर 27.6% है
03:40मैं तो धन्यवाद करती हूँ आदेन प्रधान मंतरीशी नरेंद्र मोदी जी का
03:45और इस सदन में उन सभी राजनेतिक दलों का जिनोंने 27 बरस पुराना विलम जो था डिले थी
03:53उसको हरकर नारी शक्ती वंदन अधिनियम को सितंबर 2023 को एक हकीकत बनाया उसको पारित करा
04:01और महादया मुझे अचंबा है
04:04मुझे अचंबा है कि मेरे विपक्ष के साथी जिनोंने सर्वसम्मती से नारी शक्ती वंदन अधिनियम पारित तो कर दिया
04:13उसे कानून तो बना दिया, आज वो इसे 2029 में लागू करने के लिए अपना समर्थन क्यूं नहीं दे रहे
04:21हैं, वो क्यूं अपने हाथ खीच रहे हैं, कल मैंने एक विडियो देखी जो मानिनिये नेता प्रतिपक्ष ने जारी करी
04:28थी, मैं आपके माध्यम से उनको कहना चाहत
04:32हूँ, यह जो संशोधन आया है, यह वचन पूर्ती के लिए आया है, इस पूरे सदन ने प्रधान मंत्रीशी नरेंद्र
04:41मोधी जी की प्रेरणा से, इस देश की मात्र शक्ती से यह वचन करा था, कि हम इस कानून को
04:502029 से ही लागू कर देंगे, मैं पूछना चाहती हूँ, म
05:01पावर ग्रैब का मुद्दा नहीं, यह पावर बैलन्स का विशे है, यह हक चोरी का विशे नहीं, हक के हिसाब
05:09का विशे है, और मोहदिया बहुत विनम्रता से कहना चाहूंगी, कि इस सदन को, इस देश की मात्र शक्ती को,
05:17उसके हक का हिसाब देना पड़ेगा,
05:21दल और राजनीतिक स्वार्थ से उपर उठकर, विचार धारा की भिनता से उपर उठकर, इस सदन की जिम्मेदारी है, कि
05:31हम इस संशोधन को सर्व सम्मिती सिर्फ पारित करें,
05:36विपक्ष के कुछ साथियों ने कुछ ऐसे क्रिटिसिजम्स रखे हैं, कुछ ऐसे कटाक्ष रखे हैं, जिने मैं यहां बहुत विनम्रता
05:45से उनका जवाब देना चाहूंगी, उन संशियों का, और ये आगरे करना चाहूंगी, कि आपके संशे डिबेट तक सीमित रहें,
05:53व
06:05कि चालीज बरस से इस देश की बेटियां प्रतीक्षा कर रही थी नारी शक्ति अधिनियम लागू हूँ, महिला आरक्षन लागू
06:14हूँ, ये नरेंद्र मोदी सरकार है, जो सर्व सम्मिती से इसको पारित करकर कानून बना पाई, सितंबर दो हजार तईस
06:24से, तो हमारी निय
06:27इसी साफ है, ये तो परिलक्षत हमने सितंबर दो हजार तईस में ही कर दिया, मैं फिर पूछना चाहती हूँ,
06:35बार बार विपक्ष के कई साथियों ने कहा, टाइमिंग की बात कर, यहां तक की मानिने अखलेश रियादफ जी ने
06:42कहा, जल्दबाजी, मैं पूछना चाहती ह
06:45कि चालिस बरस की डिले के बाद भी आप जल्दबाजी का आरोप किस मूँसे लगा रहे हैं, और रही बात
06:52इलेक्षन की, महादिया जब तक की एक राष्ट्र, एक चुनाव का रीफॉर्म इस देश में लागू नहीं हो जाएगा, हमारी
07:00पॉलिटी का नेचर ये है, कि यहा
07:14बंगाल का चुनाव सातवा चुनाव है, जिसमें योगदान करने का मुझे मौका मिल रहा है, इसलिए चुनाव तो यहाँ चलते
07:22रहेंगे, लेकिन चुनाव बहाना नहीं बन सकता, हमारे देश की मातर शक्ती का हक मारने के लिए, अखिलेश जी ने
07:32विचार परवार की भी
07:33बात करी, मैं शायद हूँ इस बात से अवगत नहीं है, क्योंकि मैं भी राश्य सेवका समिती की ही एक
07:40कार्य करता हूँ, पिछले नब्बे वर्षों से राश्य सेवका समिती संग के साथ कदम से कदम मिलाकर इस देश की
07:50सेवा कर रही है,
07:54पॉद्या, एक भय, एक भ्रम बना दिया गया है डी लिमिटेशन को, मैं आपके माध्यम से ये बात सपष्ट कर
08:03दू हमारे विपक्ष के साथियों को,
08:06डी लिमिटेशन यानि परिसीमन भारतिय जनता पाटी का प्रपंच नहीं है,
08:18जो बाबा भीमराओं अंबेडकर जी ने बनाया है, उन्हें के रचत कॉंस्टूशन में ही ये प्रावधान है, ये मेकानिजम है,
08:26जहां पर दी लिमिटेशन अनिवार है,
08:29पर महादया में बहुत विनम्रता से कहना चाहती हूँ, नारी शक्ती वंदन अधिनियम को लागू करना मंजिल है, परिसीमन केवल
08:39और केवल रह है, आप रह और मंजिल में कन्फ्यूज मत होये,
08:44प्लिजम बजीदेशन अनिवार है, जोने डिम्रता टी वंदन अधिनियम, नारी शक्ती वंदन अधिनियम, जोने अधिनियम को लिज़ा में प्राम है,
08:58एक और बात कही गई, यहां पर बोला गया, कि पाथ सो तिर्तयलिस में क्योँ नहीं लगा देते, और मैं
09:11हैरान हुई
09:11जब एक महिला सांसद ने ये कह दिया कि आप परिसीमन करकर सीटे बढ़ा रहे हैं ये तो शौवनिजम है
09:17शौवनिजम का आरोप लगाते हो वो ये भूल गई कि 543 सीटे पुरुशों का एकाधिकार नहीं है वो भूल गई
09:30कि इन 543 में आज भी 74 पर हम नारी शक्ती का रेप्
09:41आप रेजर्वेशन को एबस्ट्राक्ट में लागू नहीं कर सकते हैं आपको रेजर्वेशन को आइडेंटिफाइड कॉंस्टिट्वेंसीज में ही करना पड़ेगा और
09:52इसी लिए परिसीमन आवश्चक है सीटों की बढ़ोत्री आवश्चक है कई लोग ने पूछा कि आ
10:11बेसिस से उनके सेंसिस के बेसिस पे है तब भारत की पॉपिलेशन वाज ओनली 51.4 करोड आज भारत की
10:19पॉपिलेशन तीन दुगरी हो गई है हम आज 140 करोड का देश हैं महादया यह सदन अनर्थ करेगा अगर महला
10:30सशक्ती करण की केवल बात करता है और महला आरक्षन पॉ
10:40गंदन अरिनियम के इफेक्टिव इंप्लिमेंटेशन के लिए यह अनिवार है कि परिसीमन हो और सीते बढ़ाई जाए
10:4974 से 273 तक का यह जो सफर है यह केवल मातर शक्ती के उत्थान के लिए नहीं यह इस
10:58राष्ट को सुद्र करने के लिए इस राष्ट में एक स्वर्णेम अध्याय लिखने के लिए
11:05एक और बोली गई बाग यहाँ पर उन्होंने कहा कि आप जणगणना नहीं करना चाहते मैं पुनह याद कराना चाहूंगी
11:14आज सुबह ही मानिय ग्रेह मंत्री ने रिकॉर्ड पे बोला है जणगणना की प्रक्रिया चालू हो गई है उसमें कास्ट
11:23सेंसस केंद्र सरकार कर�
11:26लेकिन महादया ऐसा लग रहा है कि महिलाओ को आधार तो क्या मिला विरोधियों का आधार ही खिसक गया है
11:34महिलाओ का अधिकार से अगर आपका आधार खिसकता है तो यह आपका राजनेतिक अफसरवाद है पर मैं आज करबध प्रार्थना
11:46करना चाहूंगी विपक्ष के स�
11:49प्राथियों से कि एक बहुत ही इंटेलिजन्ट शल्यूशन इस विधयक में इस बिल में बनाया गया है जहां पर यह
11:57सुनिश्चत करा गया है कि जो टेरिटोरियल जोग्रफी है वो तो 2011 के सेंसस के बेसिस पर करी जाए लेकिन
12:05जो स्रीतों की बढ़ोतरी है उसमें किसी भी
12:09किसी भी में पुना कहती हूँ किसी भी राज्य का हक ना मारा जाए अरे आज तो सदन में खड़े
12:16होकर यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गैरंटी तक दे दी और हमसे पूछिए हम आपको बताना चाहते हैं
12:24मोदी की गैरंटी सारी गैरंटी पूर
12:38में राजनेतिक स्वार्थ में इस देश को नौर्थ और साउथ में दिवाइड करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन मोहद्या
12:47आपके माध्यम से मैं उनको बताना चाहूंगी कि यह जो उनका प्रयास है यह असफल होगा और जिस संगत में
12:55वो बैठे हैं वहां पर केवल हार का
12:58चिथा लिखा जाता है जो भी व्यक्ति इस विदेयख का और इस संशोधन का विरोध कर रहा है वो नारी
13:06शक्ती के आक्रोश का पात्र बनेगा
13:09मैं करबध प्राथना करती हूँ आपके माध्यम से विपक्ष के साधियों को
13:13कि कृप्या महलाओं के आक्रोश का नहीं उनके आशिरवाद का प्रात्र बनी
13:24अंत में मैं ये कहना चाहूंगी
13:26फूल नहीं चिंगारी है ये भारत की नारी है
13:34इनके अधिकार की बारी है
13:36वचनपूर्ती के इस चन में
13:39पारित करना सदन की जिम्मेदारी है
13:43बहुत बहुत धन्दवाद
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