00:00ये अचानक आई तत्परता महिलाव के लिए नहीं है बल्कि चुनावी लाब के लिए है पश्चिम बंगाल और तमिल नाडू
00:08जैसे राजियों में चुनावी परकरिया चल रही है इसी लिए सरकार का ये बरलाव किसी ठोस बुन्याद पर आधारित नहीं
00:15बल्कि शौर्ट ट
00:29आज मैं बड़े ही दुख के साथ ये बात कहना चाहती हूं कि जो महिला विद्यक इस सरकार ने 2023
00:38में पास किया था आज फिर से उसको लेकर आने की और उसको डिलिमिटेशन और सेंसर्स के आड में छुपाने
00:46की जो कोशिश की जा रही है ये इस देश की महिलाओं के साथ इस
00:51सरकार फिर से एक दोका करने जा रही है पहले 2024 में इन्होंने इसके इंप्लिमेंटेशन को का अब भी इनकी
00:58नियद 2029 में इस बिल के इंप्लिमेंटेशन की नहीं है ये चाहते हैं कि ये लोग सिर्फ इलिमिटेशन और अपने
01:07हिसाब से करने जा रहे हैं सेंसर्स के आधार �
01:10महिलाव को उनके अधिकार देने से रोके आज चिंता महिला आरक्षन की नहीं है महिला आरक्षन बिल्टो सर्व सहमती के
01:18साथ इसी सदन में 2023 में पास हो चुका है चिंता इस बात की है कि आरक्षन की आड में
01:24मन मुताबिक दी लिमिटेशन से कैसे राजनियतिक लाब उठाया �
01:28माने अधिक्ष मौदे वर्ष 2023 में इसी सरकार ने देश को बताया था कि महिलाव का आरक्षन केवल नई जन
01:36गन्ना और परिस्मन के बाद ही लागू किया जा सकता है इसे नियाय और सटीकता के लिए आवशक बताया गया
01:43लेकिन अब मात्र तीन वर्षों के भीतर वही सरकार
01:47कह रही है कि नई जन गन्ना की कोई आवशक्ता नहीं है इन तीन वर्षों में ऐसा क्या बदल गया
01:53क्या संविधान बदल गया या सरकार की प्राथमिकताय बदल गई यह अचानक आई ततपरता महिलाव के लिए नहीं है बलकि
02:01चुनावी लाब के लिए पश्चिम बंगाल �
02:03और तमिल नाडू जैसे राजियों में चुनावी परक्रिया चल रही है इसी लिए सरकार का ये बदलाओ किसी ठोस बुनियाद
02:11पर आधारित नहीं बलकि शौट टर्म पोलिटिकल माइलेज पर आधारित है पहले कहा गया कि अपडेटेड आगडों के बिना प्रतिनिदित्व
02:19अन्याय पूर्ण होगा और आज उसी सिध्धान को नजर अंदास किया जा रहा है ये और कुछ नहीं सिर्फ और
02:26सिर्फ पॉलिटिकल अपॉर्चिनिजम है माने अधैक्ष मौदे इस विदेग की सबसे बड़ी खामी ये कि सरकार जान बूज कर पुराने
02:34आकडों का उप्य
02:52पुराने हो जाएंगे ये विदेख आज के भारत को कल के आखडों में ढालने की कोशिश है जब नीती लोगों
03:00को वर्तमान उनके वर्तमान स्वरूप में देखना बंद कर देती है और उन्हें पुराने समय के आधार पर आखती है
03:06तो वह केवल असत्या ही नहीं बलकि अन्
03:17सुनिश्चित करता है कि परिस्मन जन गर्ना के बाद हो और आर्टिकल 81 और 170 ये सुनिश्चित करते हैं कि
03:23प्रति निधित्व जन संक्या के अधार पर हो ताकि हर वोट का समाने मूल्य रहे लेकिन ये बिल सीधे एक
03:31व्यक्ति एक वोट के सिधांत को प्रभावित करता है मा
03:47अनों का निर्ने करेगा और सबसे महत्व उन बात यह है कि इस निर्ने को किसी भी न्यायले में हम
03:52चुनौती नहीं दी जा सकती इससी स्थिति उत्पन होती है जा सत्ता पक्ष पूरे देश के पॉलिटिकल मैप को अपने
04:00लाब के लिए बदल सकती है वे भी बिना किसी न्य
04:03सब्सक्राइक निगरानी के इस शक्ती के दायरे को समझने की जरूरत है आज सीमाय तै करेंगी कि कौन किसका प्रतिनिद्व
04:11करेगा किस स्वमुदाय की आवाज सुनी जाएगी और किसकी नहीं बाहुदे डेमोक्रेसी में पावर के साथ साथ चेक और बैलेंस
04:19होना बेहत ज
04:33तो ये केवल एक तकनीकी चिंता नहीं रहती ये प्रतिनिद्व की निश्पक्षता को प्रभावित करती है माने अध्यक्ष मौदे ये
04:40विद्यक लोगसभा की सदस्य संख्या को पचास प्रतिशत बढ़ाने की बात करता है लेकिन इतनी बड़ी ब्रिद्धी संसध्य कार्
04:49प्रणाली में किसी सुधार के इस सधन की प्रभावशालिक्ता को कम कर सकती है एक सदस्य के बोलने का समय
04:56घटेगा समीतियों के संचालन को कठन हो जाएगा और छोटे दलों के लिए अपनी बात रखना और चुनूति पूर्ण होगा
05:02मेरी मांगे कि सरकार संसध्य सत्रों के
05:05नंबरों को भी बढ़ाने का पहले गैरिंटी दे अध्यक्ष मौदे मैं बहुत जरूरी बात रखना चाती हूँ दो मिनिट दीजे
05:12महिलाए कोई होमोजिनिस ग्रूप नहीं है ये एक समान एक रूप समू नहीं है उनकी वास्तविक्ता जात वर्ग और समाजिक
05:20प्रष्ट
05:21भूमी से नरधारित होती है फिर भी ये विदैक इस वास्तविक्ता को नजर अंदास करता है और पीडिये समूदा है
05:27विशेशकर ओबी सी महिलाओं को पूरी तरह बाहर कर देता है जो इस देश की बहुत बड़ी आबादी है ये
05:34इस विदैक की संरचना में एक गंभीर कमी
05:36सोचिए कैसी हुआ महिला सर टू मिनिट जो पिछडे वर्ग या अल्पसंख्यक परिवार से आती है जो अपने घर में
05:43पहली बार पढ़ाई कर रही है पहली बार घर से बार निकल कर सार्वजनिक जीवन का सपना देख रही है
05:48उसके पास ना संसाधन है ना नेटवर्क है न
05:51राजनेतिक समधान है बिना उपकोटे के वैस वस्ता में कैसे पार्टिसिपेट करेगी जा पहले से ही असमानताय मौझूद है ओबी
06:00सी उपकोटे के बिना इस आरक्षन का लाब पहले से ही सुविदा संपन्वर्ग तक ही सीमित रहेगा वंचित समुदाय की
06:07महिलाव को एक
06:20सीमित दायरे तक रह जाएगा मेरी सी के साथ साथ कुछ मांगे हैं जो मैं इस सदन में रखना चाहिए
06:26महिला आरक्षन विदेग के साथ कोई संबन नहीं है
06:44यदि सरकार महिलाव के आरक्षन को जन संख्या के आकड़ों से जोडने पर तुली है तो आधिया अबादी जिसे कहते
06:51हैं महिलाव को उनकी जन संख्या इससेदारी के साथ
06:54ओठाली से उन्ताली से उन्ताली सबसें अरक्षन देने का काम करें महिलाव को डिया जाये ऑर गरीब वर्क की महिलाव
07:12के लिए राज दुआ त्सका प्रबन किया जाये
07:16Thank you
07:19subscribe to one India and never miss an update
07:24Download the OneIndia app now.
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