Skip to playerSkip to main content
Harivansh Narayan Singh ने राज्यसभा में रचा नया इतिहास, लगातार तीसरी बार चुने गए उपसभापति। क्या है पत्रकार से लेकर इस संवैधानिक पद तक पहुंचने की पूरी कहानी और क्यों मचा है सियासी बवाल?

Harivansh Narayan Singh has scripted history by becoming the Deputy Chairman of Rajya Sabha for the third consecutive term. From being a trainee journalist to a nominated MP holding a key constitutional post, his journey is truly inspiring. Despite the opposition's protest, his unopposed election highlights his acceptability and experience in Indian politics.

#HarivanshNarayanSingh #RajyaSabha #BreakingNews #OneindiaHindi #IndianPolitics

Also Read

Harivansh Narayan Singh: 'पत्रकार,मीडिया सलाहकार फिर बने नेता', कौन हैं हरिवंश सिंह जो तीसरी बार बने उपसभापति? :: https://hindi.oneindia.com/news/india/nominated-rajya-sabha-mp-harivansh-narayan-singh-elected-dy-chairman-rajya-sabha-profile-hindi-1543805.html?ref=DMDesc

Harivansh Narayan Singh: राज्यसभा में हरिवंश की वापसी, राष्ट्रपति ने रंजन गोगोई की सीट पर किया मनोनीत :: https://hindi.oneindia.com/news/india/harivansh-narayan-singh-nominated-to-rajya-sabha-by-president-droupadi-murmu-1538599.html?ref=DMDesc

क्या उपराष्ट्रपति बनने वाले हैं राज्यसभा के उपसभापति Harivansh, अचानक राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद चर्चा तेज :: https://hindi.oneindia.com/news/india/rajya-sabha-deputy-chairman-harivansh-next-vice-president-of-india-jagdeep-dhankhar-resignation-jdu-1344817.html?ref=DMDesc



~PR.250~HT.408~ED.108~GR.508~

Category

🗞
News
Transcript
00:00मैं स्रिमान हरिवंश जी को बहुत बहुत बधाई जेता हूँ
00:13राजसभा उपसभाबती ये रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना
00:21भरती संसद्य लोकतंत्र में एक नया इतिहास रचा जा चुका है
00:25और इस गौरवशाली अंध्याय के केंद्र में हरिवंश नारायन सेंग वो लगातार तीसरी बार राजसभा के उपसभापती चुन लिये गए
00:55उनकी ये ताजपोशिन निर्विरूध संपन्न होई हालाकि विपक्षनीस चेन प्रक्रिया और परंपराओं को लेकर विरूध तीस करवाया लेकिन हरिवंश का
01:04निर्विरूध जुना जाना उनके व्यक्तित्व और सधन में उनके अब तक के कारेकाल की स्विकारता को सा�
01:23प्रस बात तो ये कि उनका पैत्रिक जुडाव सिताब दियारागाउं से है जो कि प्रस्वित सामाजबादी निता जयब्रगाश नारायन यानि
01:30की जेपी की जन्म स्थली है जेपी की विचारधारा और उनके व्यक्तित्व का हरिवंश पर गहरा प्रभाव बढ़ा उन्हो
01:48से उनके भीतर सामाजिक और राजनातिक जेतना का संचार उता गया जेपी के अलावा पूर्व प्रधान मंत्री चंदर शेखर के
01:55साथ भी उनके करीबी संबंद्र है जिन्होंने उनके वैचारिक आधार को और मजबूती ती रजश नीती की मुख्यधारा में आने
02:02से पहले
02:03हरिवंश ने पत्रकायता के खिशित्र में एक लंबी और सफल पारी खिली उनके करियर की शुरुवात महज 500 रुपए की
02:10मासिक पगार से हुई एक प्रशिक्षू पत्रकार के रूप में अपना सफर शुरू करने वाले हरिवंश ने मुंबई में धर्मयुक
02:17जैसे प्रति�
02:31अधक के रूप में करेब 25 वर्शों तक अपनी सेवाएं दी पत्रकायता के दोरान ही वे पूर्व प्रिधान मंत्री चंदर
02:37शेखर के अतिरिक्त मीडिया सलहकार रहे जिसने उन्हें सत्ता के गलियारों में नीती निरधारन की बारीकियों को समझने का एक
02:45दल्चस्प और म
02:49प्रवीश किसी फिल्म की कहानी जैसे अचानक और अप्रित्याशत था सल 2014 में जब बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने
02:57उन्हें फोन कर रजसभा भेजनी की सूशना थी तो वो खुद भी हैरान रह गए जीडियू की और से पहली
03:03बार संसत पहुचने की बाद उन्
03:14विपक्षी उम्भीद्वार को हराकार ये पद अपनी छूली में डाला इसके बाद 2020 में दोबारा इस पद के लिए चुने
03:21गए उनके इसकारेकाल के दौरान कई अरतिहासिक और विवादित बिल भी पारित हुए जिससे और जिस दौरान उन्होंने बिहुद धहरे
03:29के सा स�
04:00अपनी ही पार्टी के भीतर निशाने पड़ है लेकिन भाजपा के नित्यत्व वाले एंडिये ने उन पर अपना भरूसा कम
04:11नहीं किया
04:12क्योंकि ये पूरा माज़रा कहीं न कहीं एंडिये के करीब और देश की सत्ता के करीब हरिवंश को लेता गया
04:19अब यही वज़ा है कि उनके कारेकाल की समापती के बाद भी उन्हें राश्रपती कूटी से मनोनीत कर वापस सदन
04:25में लाया जा रहा है उन्होंने जो कुछ हासिल किया संसद में रहकर उसका इनाम है
04:30अब 2026 से 2032 तक वे अपने नई कारेकाल में हरिवंश नारान सेंग एक नई भूमिका में रहने वाले हैं
04:37एक मनोनीत संसत के रूप में उपसभावती पत संभालना यह संके देता है कि सरकार को उनकी अनुभव जन्यक्षमताओं पर
04:45अटूट विश्वास है
04:46विपक्ष भले ही लोगसभा में डेप्यूटी स्पीकर का पदना भरने और राजे सभा में चर्चा की कमी का आरूप लगा
04:52कर प्रग्रिया का बहिशकार करने की कोशिश कर रहा है लेकिन हरिवंश का निर्विरूध निर्वाचन उनकी व्यक्तिकत साख को पुक्ता
05:01करता है
05:02पत्रकाईता से शुरू हुआ उनका ये सफर आज भारतिय लोगतंत्र के सबसी उचे सदन के संचालंग तक पहुँच गया एक
05:09मध्यम वर्गे परिवार से निकल कर दीश के दूसरे सबसे बड़े विधाई पत पर तीसी बार काबिश होना हरिवंश नारायन
05:15सिंग की कारे क
05:29कॉमेंट वहां जरूर कीज़ेदा मेरा नाम है मकुंदाब बने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया
Comments

Recommended