00:10पवन खेडा को नहीं मिली सुप्रीम कोट से अगरिम जमानत
00:26कोट ने पूछा तेलंगाना की बजाए असम क्यों नहीं गए
00:30कॉंग्रिस प्रवक्ता पवन खेडा की मुश्किले बढ़ गई है
00:33क्योंकि सुप्रीम कोट ने उन्हें राहत देने से साफ इंकार कर दिया है
00:37शीर्शा दालत ने तेलंगाना हाई कोट द्वारा उन्हें दी गई ट्रांजिट अगरिम जमानत पर लगी रोक को हटाने की याचिका
00:42खारिच कर दी है
00:43कोट ने खेडा कुसपष्ट निर्देश दिया है कि वे कानूनी राहत के लिए असम जाएं और वहाँ की अदालत में
00:49जमानत याचिका दाखिल करें
00:51जस्टिस जे के महेशवरी की पीठ ने दस्तावेजों में पते की विसंगतियों और गलत अधिकार क्षेतर के चुनाव पर कड़ी
00:58अपत्ती जताई
00:58मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सर्मा की पत्नी के खिलाफ टिपपनी के मामले में अब खेडा पर गिरफतारी का खत्रा बढ़ गया
01:05है
01:05ये पूरा मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सर्मा की पत्नी के खिलाफ की गई विवादे टिपपनियों से जुड़ा है
01:28पिछली सुनवाई का आदेश एक तरफा था और उन्हें अपनी बात रखने का परियाप्त मौका नहीं दिया गया था।
01:34उन्होंने कोट से अनुरूद किया था कि ट्रांजिट जवानत को मंगल वार तक के लिए बढ़ा दिया जाए ताकि वे
01:39सोम वार तक असम हाई कोट पहुँँच सके।
01:42हालां कि सुप्रीम कोट की बेंच वकील की इन दलीलों से सहमत नहीं दिखी।
01:45कोट ने बहुत सक्त लहजे में सवाल किया कि जब खेडा का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज एक अलग पते
01:51की और इशारा करते हैं तो उन्होंने राहत के लिए तेलंगाना हाई कोट का डरवाजा क्यों खटखटाया।
01:56अदालत ने टिपणी की कि याचका करता ने तत्यों को सही तरीके से पेश न करके अदालत को गुमराह करने
02:02का प्रयास किया है।
02:04बेंच ने ये भी पूछा कि जब मामले का संबंध मुख्य रूप से असम से है तो सीधे वहां की
02:09अदालत में जाने के बजाए दूसरे राज्य का रुख क्यों किया गया।
02:12सिंगवी ने तरक दिया कि ये कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का विशय है लेकिन कोर्ट ने प्रक्रियात्मख खामियों को
02:18गंभीर माना।
02:19पवन खेडा के लिए ये स्थिती काफी चुनोती पूर्ण हो गई है क्योंकि ट्रांजिट बेल पर रोग जारी रहने का
02:25सीधा मतलब है कि पुलिस उन्हें गिरफतार करने के लिए स्वतंत रहे।
02:28सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें किसी भी तरह की अंतरिम सुरक्षा देने के बजाए सीधे संबंधित राज्य की न्याय पालिका से
02:34संपर्क करने को कहा है।
02:36अब कॉंग्रिस नेता को कानूनी अनिवारताओं को पूरा करने के लिए असम जाना होगा और वहां की सक्षम अदालत में
02:42अपनी अगरिम जमानत की नई अर्जी लगानी होगी।
02:45ये घटना करम नकिवल उनके लिए बलकि कॉंग्रिस पार्टी के लिए भी एक बड़ा कानूनी जटका माना जा रहा है।
03:15की तलवार लटक रही है और उन्हें जल्द से जल्द असम हाई कोट में अपनी दलीले पेश करनी होगी ताकि
03:20किसी भी संभावित पुलिस कारवाई से बचा जा सके।
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