00:04अक्षेत रतिया का पर्विस साल 19 एप्रिल 2026 को मनाय जा रहा है हिंदु धर्म में इस दिन को बेहद
00:11शुब मानते हैं मानेता है कि अक्षेत रतिया पर किये गए शुबकारियों का पल कभी समाप्त नहीं होता और जीवन
00:18में लगातार ये बढ़ता ही रहता है यही कारण है कि
00:21इस दिन मालक्षमी और धन के देवता कुबेर की पूजा का फास महत्व है आईए इस वडियो में आपको बताते
00:27हैं कि पूजा का सही समय क्या होगा खरीदारी कप करें और साथ ही मातालक्षमी भगवान वश्नों और कुबेर देवता
00:35को प्रसंद करने के लिए पूजा कैस
00:51सही समय सुबह 10 बचकर 50 मिनट से 20 एपरिल की सुबह 6 बचकर 14 मिनट तक रहेगी क्योंकि 19
00:58एपरिल को अबूज मुहूर्त रहेगा ऐसे में पूरा दिन ही शुग है इसमें बिना पंचांग देखें नेकारे की शुरुवाद्धी की
01:05जा सकती है साथी खरीदारी भी कर सकते ह
01:08वही पूजा के लिए दो अन्य मुहूर्त भी हैं अपरान मुहूर्त दो पहर एक बचकर 58 मिनट से तीन बचकर
01:1535 मिनट तक सैन मुहूर्त शाम 6 बचकर 50 मिनट से रात 10 बचकर 57 मिनट तक रहेगा वही इस
01:22दिन सुर्योदय से पूरु उठकर गंगा या किसी भी पवित्र न�
01:35की पूजा करते समय सफेद या पीले कमल अत्वा गुलाब के फूलों को उन्हें अर्पित किया जा सकता है वैसे
01:43तो मा का अत्तिक प्रिय फूल है चमेली का फूल यह अगर आपके आसबास मिन जाए तो इसे चड़ाने से
01:50माता बेहद प्रसंद होती हैं इससे घर में शांती
01:54की प्रेम और पवत्रता भी बनी रहती है लेकिन अगर आपको चमेली का फूल ना मल पाए तो आप बाकी
01:59बताए फूल भी चड़ा सकते हैं जहां भगवान विश्णु को पीले रंग के फूल पसंद है खासकर कि गेंदे का
02:06फूल तोने वही चड़ा है इसके अलावा धन के
02:09देवता कुबेर को प्रसंद करने के लिए थे पीले रंग के फूल ही अरपित करें फूजा के दोरान इन फूलों
02:15के साथ कुबेर मंत्र का जाप करने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं आर्थिक स्थिती मस्बूत होती है नियमेत
02:21रूप से यह उपाय करने से धन संपक्त
02:23वरद्धि होने की माननता है वही नैवे दी में गेहों जोओ चने का चत्तु मिश्ट्य मीम की कोपल ककड़ी और
02:30बीगी हुए चने की डाल अरपित की
02:50के बाद ही प्रयोग में लाएं फिल्हाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल
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