00:0317 एप्रिल को वैशाक बाज की अमावस्या है
00:06मानेता है कि इस्तिती की शाम यानी प्रदोश काल में
00:10तुलसी के पास और मुख्यद्वार पर दीपक जलाने से
00:13घर परिवार में सुख सम्रधी बनी रहती है
00:16अब चाहें तो सरसो या फिर घी का दीपक जला सकते हैं
00:21अमावस्या तिती पर पिंडदान, श्राद और तरपन करने से पित्रों को तृप्ती मिलती है
00:26घर परिवार के मृत्त सदस्यों को पितर देव मानते हैं
00:30ऐसे में वैशाक अमावस्या पर शनी दीव की विशेश पूजा करने की भी परंपरा है
00:36जोतिशा चारियों के मृताबे
00:38वैशाक अमावस्या पर वरत करें
00:40इससे पित्रों की कृपा मिलेगी और घर परिवार की परिशानिया दूर होंगी
00:45इस दिन पानी में काले तिल डाल कर स्नान करने से कुंडली के शनी दोश दूर होंगे
00:50स्नान के बाद तामे के लोटे में जल भर कर कुंकुं लाल फूल चावल आदी डाल कर इसके बाद ओम
00:58सूरियाय नमह मंत्र का जब करतेवे सूरी को अर्ग दे
01:01इस दिन पित्रों के निमित श्राद्ध कर्म खास्तोर पर करना चाहिए
01:06दोपहर में करीब 12 बजे गाय के गोबर से बने कंडे जलाएं और जब कंडों से धुआ निकलना बंध हो
01:12जाए तब कंडों के अंगारों पर गुड़ घी अर्पत करें फित्रों का ध्यान करें
01:18हतेली में जल लेकर अंगोठी के ओर से पित्रों को अर्पत करें
01:22अमावस्या पर पित्रों के नाम से ज़रुतमंद लोगों को भोजन कराए अनाज, जूते चपल, खाना, छाता, पानी, मटका, धन का
01:29दान करें
01:30इस दिन पीपल को भी सुबह जल चड़ाए परिक्रमा करें और पेड के नीचे दीपक भी जलाए
01:35कम से कम साथ बार परिक्रमा जरूर करें
01:39मांसाहार और नशे से दूरी रखें, घर परिवार में कलेश ना करें
01:44अमावस्या पर शिवलिंग की पूजा भी कर सकते हैं
01:47उन्हें बेल पत्र, धतूरा, अंकड़े के फूल, चावल आदी अरपत करें
01:52चंदन का लेप लगाए, ओम शुक्राय नम, ओम नमश्रवाय इस मंत्र का जाप करें
01:57धूपदीप जलाकर आरती करें और मिठाई का भूग लगाए
02:01फिल हाल अस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेर करें
02:05साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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