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  • 2 weeks ago
Transcript
00:07ुड़ गई मेरी शेजादी
00:16आओ बैठो
00:27इंविटेशन दूगा
00:35एक हबते बाद कोट में पेशी है
00:38तू कोट में ये कहीगी
00:41कि फिज़ सुल्तान की बहुत अची दोस्त है
00:43और आपस में मिलते रहते हैं
00:46प्रियोज में घुक अची हैं
00:48झाली आपस अची हो हुत अची हैं
00:49कि अची आपस हुआई ये शची हैं
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