00:00नमस्कार, उत्तर प्रदेश का संभल जिला हाल ही में काफी चर्चा में रहा, वज़त ही एक बड़ा अतिक्रमन विरोधी अभ्यान
00:07जिसमें दो धार्मिक धाचों को गिरा दिया गया। तो आखिर ये कारवाई क्यों हुई और इसके पीछे की पूरी कहानी
00:14क्या है? आईए इ
00:17शुरुआत होती है इन दो चीजों से. चार बुल्डोजर और दो धाचे. हाली में संभल जिले के बिच्छौली गाउं में
00:25प्रशासन की एक कार्यवाही ने सबका ध्यान अपनी तरफ खीचा है. तो चलिए, सबसे पहले ये समझते हैं कि आखिर
00:32ये पूरा मामला क्या है? �
00:34बिच्छौली गाउं में ये बुल्डोजर अक्षन क्यों और किन धाचों पर लिया गया? तो बात है उत्तरप्रदेश के संभल जिले
00:41के बिच्छौली गाउं की. यहां पर एक इदगाह और एक इमाम बाडे को गिराया गया. अब प्रशासन का कहना है
00:48कि ये दोनों ही निर
01:03प्रशे क्या वजह बताई? चलिए उनके पक्ष को थोड़ा और घहराई से जानते हैं. देखे, इस पूरे विवाद की जड़
01:10में है एक खास तरह की जमीन. सरकारी काग्जों में इसे सारवजनिक उपियोग हितु सुरक्षित भूमी कहा जाता है. अब
01:17इसका मतलब क्या है
01:18आसान भाशा में समझें तो ये वो जमीन है जो पूरे गाउं या समुदाय के इस्तिमाल के लिए रखी जाती
01:23है. जैसे जानवरों के लिए चारा गाह या फिर खाद बनाने के गड़ों के लिए. और नियम ये कहता है
01:29कि इस पर किसी भी तरह का निजी निर्मान पूरी तरह
01:32से मना है. इस मामले पर SDM निधी पटेल का बयान भी आया. उनके मुताबिक ये जमीने रेविन्यू रिकॉर्ड में
01:39पब्लिक यूज के लिए हैं और तहसीलदार कोट से इने हटाने का आदेश भी पास हो चुका था. तो पुलिस
01:45और राजस्व की टीम मिलकर बस उसी कोट क
01:48आदेश का पालन कर रही थी. हाँ, तो ऐसा नहीं है कि ये कारवाई एक दिन में अचानक हो गई.
01:53इसके पीछे पूरी कानूनी प्रकीरिया चली है. आये एक नजर डालते हैं इसकी टाइम लाइन पर. तो देखिए, सारा मामला
02:00जैनवरी महिने में ही शुरू हो गया था. स�
02:15पिर 31 जनवरी को तैसीलदार कोट ने फाइनल ओर्डर दे दिया कि इस जमीन को खाली करवाया जाए. इसी आदेश
02:21के अधार पर ये पूरा आक्शन लिया गया. चलिए, अब उस दिन पर चलते हैं जब ये ऑपरेशन हुआ. जमीन
02:27पर असल में क्या हुआ था? इस पर एक न
02:45इरिया भी बताया गया है. इदगा करीब 87 स्क्वेर मीटर में बनी थी और इमामबाडा वो थोड़ा बड़ा था करीब
02:52168 स्क्वेर मीटर में. और जाहिर है इतने बड़े ओपरेशन के लिए सुरक्षा के भी पुखता इंतजाम थे. किसी भी
03:00तरह के तनाव से बचने के ल
03:14ताकि पूरी तरह से शांती बनी रहे. तो ठीक है, जमीन तो आप खाली हो गई है. लेकिन अब आगे
03:20क्या, प्रशासन का अगला प्लान क्या है और जिन लोगों ने ये निर्मान करवाया था, उनका क्या होगा? प्रशासन का
03:27कहना है कि जो जमीन खाली कराई गई है, उसकी क
03:30कीमत कोई छोटी मोटी नहीं बलकि करीब साड़े छे करोड रुपय है. तो आप समझ सकते हैं कि ये मामला
03:36आर्थिक रूप से भी कितना बड़ा है. तो इस बेश कीमती जमीन का होगा क्या? प्लान ये है कि इसे
03:43एक गवर्मेंट लैंड बैंक का हिस्सा बनाया जाएगा. मत
03:58जिन लोगों ने ये अवैद कबजा किया था, उनकी पहचान की जाएगी और उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा. ये
04:05कहीं ना कहीं भविश्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए एक कड़ा संदेश देने की कोशिश है. तो संभल
04:12में हुई ये कारवाई, सरकारी जमीन
04:14पर अतिक्रमन को लेकर प्रशासन के सक्त इरादे को तो दिखाती ही है, लेकिन एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती
04:20है, कि कानूनी कारवाई और लोगों की भावनाओं के बेच एक सही संतुलन कैसे बनाया जा सकता है? ये कैसा
04:26सवाल है जो सोचने पर मजबूर करता है?
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