नोएडा में मजदूरों का आंदोलन थमा ही था कि पुलिस के एक शर्मनाक व्यवहार ने फिर से पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है! सोशल मीडिया पर चर्चा है कि सड़क पर खड़ी एक छात्रा के साथ पुरुष पुलिसकर्मी ने अभद्र व्यवहार किया। सवाल यह है कि क्या एक अकेली छात्रा को देखकर पुलिसकर्मी अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने लगते हैं? क्या कानून की रक्षा के नाम पर महिलाओं का अपमान करने की इजाजत किसी को दी जा सकती है? नियमों की धज्जियां: प्रोटोकॉल कहता है कि किसी महिला या छात्रा से पूछताछ के समय महिला पुलिसकर्मी का होना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ मर्दानगी का प्रदर्शन किया जा रहा है। बढ़ता आक्रोश: मजदूरों के बाद अब छात्रों और आम नागरिकों का भी पुलिस के इस अड़ियल रवैये के खिलाफ गुस्सा फूट रहा है। अधिकारों का हनन: क्या सड़क पर खड़ा होना या अपनी बात कहना अब अपराध बन गया है? जाइरो न्यूज़ (Zyro News 24) के मैनेजिंग एडिटर शुभम त्रिपाठी का सीधा सवाल— @noidapolice और @Uppolice क्या ऐसे वर्दीधारियों पर कार्रवाई कर नजीर पेश करेंगे? रिपोर्ट: शुभम त्रिपाठी (Managing Editor, Zyro News 24) #PoliceHighhandedness #WomenSafety #StudentProtest #LawAndOrder #NoidaPolice #UPPolice #Shameful #ZyroNews #ShubhamTripathi #JusticeForStudents #HumanRights
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