क्या एक प्रशासनिक अधिकारी को किसी खास राजनीतिक दल का पक्ष लेना चाहिए? मेरठ से आया यह वीडियो लोकतंत्र के लिए बड़े सवाल खड़े कर रहा है! मेरठ में अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने जब "मोदी तेरे राज में, कटोरा आ गया हाथ में" का नारा लगाया, तो मौके पर मौजूद ADM बृजेश सिंह अपना आपा खो बैठे। उन्होंने न केवल नारा लगाने से रोका, बल्कि व्यापारियों को सीधे तौर पर "सपा वाला" करार दे दिया। बड़ा सवाल: क्या प्रशासन का काम जनता की समस्याओं को सुनना है या उनकी राजनीतिक विचारधारा पर टिप्पणी करना? लोकतंत्र का तकाजा: जब एक सरकारी कुर्सी पर बैठा व्यक्ति राजनीतिक भाषा बोलने लगे, तो निष्पक्ष न्याय की उम्मीद किससे की जाए? जाइरो न्यूज़ (Zyro News) के मैनेजिंग एडिटर शुभम त्रिपाठी @merutpolice और @dm_meerut से पूछते हैं कि क्या प्रशासनिक अधिकारियों के लिए कोई आचार संहिता नहीं है? रिपोर्ट: शुभम त्रिपाठी (Managing Editor, Zyro News) #Meerut #TradersProtest #UPPolitics #Democracy #BreakingNews #ViralVideo #ShubhamTripathi #ZyroNews #UPPolice #AdministrativeEthics #YogiAdityanath #PublicProtest
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