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ईरान ने दावा किया है कि वॉर ने उसके देश को करीब 270 अरब डॉलर (भारतीय रुपये में करीब 24,30,000 करोड़ रुपये) का नुकसान पहुंचाया है, और अब तेहरान इस भारी-भरकम नुकसान की भरपाई चाहता है. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ईरान ने यह बिल अपने दुश्मनों को नहीं, बल्कि Saudi Arabia, UAE, Qatar और Bahrain जैसे खाड़ी देशों के सामने रख दिया है...

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~HT.318~PR.476~ED.472~GR.508~

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00:01The war has reached the बारूत की गंद के साथ साथ हिसाब किताब की राजनी टीवी सुरू हो गई है
00:07War की आग भले ही धीमीपढ़ दीख रही हो
00:10लेकिन उसके बाद उठने वाला धुओंआ अब पुरी खाड़ी को सियासत में घेरने लगा है
00:14because Iran has to get the water saved by an écras on its descent
00:16that war has to be about 27000 dollars
00:19which means that 24,3000 billion dollars
00:22in price of 24,3000 billion dollars
00:24and now Iran has to get the water
00:27but the best thing is that Iran has to be about it
00:31because Iran has to be able to get the water
00:32Saudi Arabia, UAE and Qatar
00:34on the planet Netanyahu, Japan has got the water
00:36and the Iran has to be able to get the water
00:39Iran has to be able to get the water
01:02
01:14जियो पॉलिटिकल संदेश छिपा हुआ है
01:16तहरा लंबे समय से या हरोप लगाता आया है कि
01:19गल्फ के कुछ देश छेत्रिय सक्ती संतुलन में उसके खिलाब खड़े रहते हैं
01:23ऐसे में कमपंसियेशन की मांग एक तरह से राजनीतिक दबाव का हथियार भी बन सकती है
01:46पहले से नाजुक रिस्तो के भी यह मांग डिप्लोमेटिक कानफर्मेशन को और तेज कर सकती है
01:51विसे सक्तियों की माने तो अगर यह विवाद बढ़ा तो इसका असर सिर्फ बयान बाजी तक्सीमित नहीं रहेगा
01:57छेत्रिय गठबंदन बदल सकते हैं
02:00तेला पूर्ती पर दबाव बन सकता है
02:01स्ट्रेट आफ फॉर्मूज जैसे एहम सिपिंग रूट्स पर तनाव बढ़ सकता है
02:05और क्रूर ओल मार्केट में फिर से उथल उथल मच सकती है
02:08भारत जैसे देशों के लिए यह चिंता की बात है
02:11क्योंकि देश की बड़ी एनरजी यानि कच्चे तेल की जरूरतें गल्फ रिलिजन से पूरी होती है
02:16अगर खाडी में तनाव फिर बढ़ा तो पेट्रोल डीजल महंगा हो सकता है
02:20इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर नया दबाव बन सकता है
02:24फिलाल दुनिया यह देख रही है कि खाडी देश इस 270 अरब डॉलर के बिल का क्या जवाब देते हैं
02:30लेकिन इतना तैह है कि वार के मैदान से निकल कर अब लड़ाई डिप्लोमेटिक टेबल्स और आर्थिक दबाव के तरफ
02:36बढ़ रही है
02:37क्योंकि मिडल इस्ट में अक्सर असली लड़ाई तब सुरू होती है जब बंदुकें सांथ हो जाती है
02:42ऐसी ही और खबरों और अपडेट्स को जानने के लिए देखते रहें
02:46गुड रिटन्स डिजिटल
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