00:00BHAARAT AMERICA TRADE DEAL
00:30ुपित्री पेश्कों
01:00कि रूस कभी भी भारत को तेल सप्लाई करने वाला अकेला देश नहीं रहा है
01:04भारत पहले भी और आज भी कई देशों से तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदता है
01:10इसलिए इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है
01:12रूस को भारत की तरब से रूसी तेल की खरीद बंद करने को लेकर
01:16अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है
01:19यह बयान टरंप के उस दावे के उलट है
01:21जिसमें उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी रूस ते तेल खरीदना
01:25बंद करने और अमेरिका वो संभावित रूप से बेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत हो गए है
01:31रूसी मीडिया का भी कहना है कि प्रधान मंत्री मोदी ने किसी सार्वजनिक बयान में ऐसे किसी डील का जिक्र नहीं किया है
01:38वही उर्जा विशशग्यों के मुताविक भारत के लिए रूसी तेल को पूरी तरह वदलना आसान नहीं है
01:43रूस भारत को रोजाना 15 से 20 लाख वैरल तेल सप्लाई करता है जो भारत की उर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा है
01:51अमेरिकी तेल हलके ग्रेड का होता है जबकि भारतिय रिफाइनरिया भारी ग्रेड के रूसी तेल के हिसाब से डिजाइन की गई है
01:58ऐसे में अमेरिकी तेल इस्तेमाल करने के लिए उसे दूसरे ग्रेट के तेल के साथ मिलाना पड़ेगा जिससे लागत बढ़ेंगी और रिफाइनिंग प्रक्रिया जटिल हो जाएगी
02:07इसके अलावा अमेरिका के लिए इतनी बड़ी मात्रा में लगतार सप्लाई करपाना भी बड़ी चुनावती है
02:13विशेशग्यों का मानना है कि इन बेहवारिक और तकनीकी कारणों को देखते हुए रूस के तेल की पूरी तरह जगन लेना फिलहाल संभव नहीं है
02:20ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रम्प का बयान ज्यादा घरेलू राजनीती और कुटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो सकता है
02:27ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट से जुरी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस डिश्टल के साथ
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