00:06अक्षे तृतिया का पावन पर इस साल 19 अप्रेल 2026 को मनाया जाएगा।
00:30नई सुर्वात करने और जीवन में सुक सांती लाने के लिए सबसे उत्तम बाना जाता है।
01:00अक्षे तृतिया का दिन इतिहास और पुराडो की कई महत्पूर घटनाओं का साक्षी है।
01:06हिंदु मान्यता के अनुसार इसी पावन तिती पर भगवान विश्नु की छटे आउतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था।
01:13इसे युगादी तिती भी कहा जाता है क्योंकि माना जाता है इसी दिन से त्रेता युक की सुरुआत्वी थी।
01:20अक्षे त्रितिया को क्यों इतना सुब माना जाता है इसको लेकर हिंदु धर्म में कई प्रौराडिक मान्यताईं चली आ रही
01:28है।
01:28ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन त्रेता युक का आरंभ हुआ था और इसी दिन से महा भारत दिखने
01:35का भी सुबारंभ हुआ था।
01:37ऐसी ही साथ कहानियों के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं जिसकी वज़ा से अक्षे त्रितिया को
01:42सबसे सुब्टिती माना जाता है।
02:23ुपणा ने उनकी जोपडी को महल में बदल दिया था।
02:33He also had a good name for the day.
02:38The story of Udhishthira was also a good name for the story.
02:44That Udhishthira also had a good name for the story of Udhishthira and the story of Udhishthira.
03:03In this book, the story came from the Satsang with Akshay and the Akshay.
03:08This story was the first story of Akshay, which were the Satsang with the Akshay.
03:15Akshay was at the Satsang with the Satsang with the Satsang with the Satsang with a question.
03:22She was a good friend of Akshay, which was a good friend.
03:31She was a good friend of Akshay.
03:32Dr. लिटुका भी सबस्क्राइब कि अच्छेत्रतिया।
04:03ुवापुन्य कभी भी समाप्त नहीं होता है।
04:06बात करें एक बे कहानी की तो अक्षे तृतिया पर कृष्ण ने द्रौपती की रक्षा करी थी।
04:12महाभारत में द्रौपती के चीरहरन की घटना सरवादिक चर्चित मानी जाती है।
04:18पौरा निकमानेताओं के अनुसाहर उस दिन भी अक्षे तृतिया ही थी जब पांड़ों ने कौरों के साथ खेले गए खेल
04:25में द्रौपती को दाओ पर लगा दिया था।
04:28दुसासन ने द्रौपती का चीरहरन कीया था। अक्षे तृतिया के दिन ही द्रौपती की लाज बचाने के लिए।
04:34श्रीकृष्ण ने द्रौपती को अच्छे चीर प्रदान किया था। बात करे अगली कहानी की तो अक्षे तृतिया पर मा गंगा
04:43का भी आउतरन हुआ था।
05:04आज ही के दिन उतराखंड के अलकनंदा नदी के टट परस्थि प्रसिद्ध तीर तस्थल बद्री नारायन के कपाट भी खुलते
05:12हैं। दरासल नवंबर के आसपास लगबग 6 महीनों के लिए बद्री नाथ के कपाट बंद कर दिये जाते हैं। और
05:19अक्षे तृतिया के दिन ह
05:20इस कपाट को खोन दिया जाता है। लेकिन आपको बता दे कि कपाट बंद रहने के दौरान भी मंदिर के
05:27अंदर अखंड जोती जलती रहती है। दरासल जिस दिन मंदिर के कपाट बंद किया जाते हैं। उसी दिन एक बड़े
05:34से दीपक में 6 महीने तक के लिए पर्याप्त �
05:46If you have any questions, please do not answer the question.
06:07kore bhaagwan ke darshan karne ar akhan jyoti ko dekhane ke liye aate hai
06:11aysi mannyata hai ki akhan jyoti ko dekhane matre se
06:14aapki sabhi parishaniyan aur duch dure ho jate hai
06:17aysi hi or khabroon aur update ko jianne ke liye dhekte rhey
06:21Good Returns Digital
Comments