00:07राजनीतिक रणनीती और चुनावी मैनेजमेंट की दुनिया में काम करने वाली कमपनी आई-पैक एक बार फिर बड़े विवाद में
00:14आ गई है।
00:14इस बार मामला इतना गंभीर है कि जाच एजिंसियों ने सीधे कमपनी के शीर्ष स्तर तक पहुँच बना ली है।
00:21प्रवर्तन निदेशाले यानी E.D. ने आई-पैक के निदेशक और सहसन स्थापक विनेश चंदेल को गिरफतार कर लिया है।
00:28ये गिरफतारी पश्चिम बंगाल में सामने आये कथिप कोईला घोटाले से जुड़े मनी लॉंडरिंग केस के तहद की गई है।
00:35जाच एजनसी के अनुसार ये पूरा मामला लंबे समय से चल रहा था और कई लेंदेन की जाच के बाद
00:41अब ये कारवाई सामने आई है।
00:43इडी का कहना है कि इस केस में कई कमपनियों और व्यक्तियों के बीच संदिग्द वित्य लेंदेन पाए गए हैं,
00:49जिनकी कड़ी अब आईपैक से जुड़ रही है।
01:14इस से पहले 8 जनवरी को भी इडी ने इस केस को लेकर बड़ी कारवाई की थी। उस समय कोलकाता
01:20में आईपैक के दफ्तर और इसके संस्थापक और नेदेशकों में से एक प्रतीक जैन के आवास पर छापे मारे गए
01:26थे।
01:43अमता बैनर जी को फटकार लगाई थी जुससे राजनेतिक माहौल और गर्म हो गया था।
01:48ये पूरा केस नवेंबर 2020 में दर्ज एक FIR से जुड़ा बताया जा रहा है।
01:53इस FIR में पश्चिम बंगाल के आसन सोल और आसपास के इलाकों में स्थित इस्टन कोल फील्ज लिमिटेड की खदानों
01:59से जुड़े बड़े पैमाने पर कोईला चूरी का आरोप लगाया गया था।
02:03रिपोर्ट्स के अनुसार ये घोटाला करोणों रुपे का बताया जा रहा है।
02:33अनुसार नाम आम तोर पर राजनीतिक पार्टियों के चुनावी कैमपेन और रणनीती बनाने के लिए जाना जाता है।
02:38लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
02:43फिलहान E.D. इस पूरे नेटवर्क की कडियों को जोडने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस केस
02:48में और भी लोगों से पूछताच और कारवाई संभव है।
02:52ये मामला अब सिर्फ एक गिरफतारी तक सीमित नहीं रहा, बलकि राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर बड़ा विवाद बनता
02:58जा रहा है।
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