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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है। यूपी पुलिस के तेज-तर्रार आईपीएस अजय पाल शर्मा को दक्षिण 24 परगना में पुलिस पर्यवेक्षक बनाया गया है, जिसे टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता है। ‘सिंघम’ छवि वाले इस अफसर की तैनाती से सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग का यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। वहीं टीएमसी ने इस पर सवाल भी उठाए हैं। जानिए क्यों अजय पाल शर्मा की एंट्री बंगाल चुनाव में चर्चा का केंद्र बन गई है।

West Bengal Election 2026 is witnessing major political buzz ahead of the second phase of voting. The Election Commission has appointed Uttar Pradesh cadre IPS officer Ajay Pal Sharma as police observer in South 24 Parganas, a key TMC stronghold. Known for his strict law-and-order reputation and “Singham” image, Sharma’s deployment has triggered strong political reactions. While the Commission aims to ensure peaceful and fair elections, the move has sparked controversy from TMC leaders. This development has added new intensity to Bengal’s electoral battle, making security arrangements and administrative decisions a central talking point in the ongoing political contest.

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~PR.540~ED.276~HT.96~

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00:00ममता बनर जी के गढ़ में इस बार चुनावी माहोल कुछ अलग ही कहानी लिखता हुआ नजर आ रहा है।
00:06दूसे चरण की वोटिंग से ठीक पहले ऐसा फैसला सामने आया है जिसने राजनितिक दल्यारों में नई चर्चा छेड़ दी
00:13है।
00:13चुनावायोग ने पशिमंगाल में सुरक्षा और निगरानी को और सक्त करने के लिए जिन अधिकारियों को मैदान में उतारा है।
00:20उनमें से एक नाम सबसे जादा सुर्खियों में है। ये नाम है IPS अजैपाल शर्मा का।
00:26उत्तरपरदेश पुलिस से आने वाले अजैपाल शर्मा को बंगाल में पुलिस परविक्षक की जिम्मेदारी सौपी गई है और उनकी तैनाती
00:33दचिर 24 परगना जैसे बेहत समवेदनशील जिले में की गई है। ये वही लाका है जिसे तिर्मूल कॉंग्रेस का मजबूत
00:42
00:42गड़ माना जाता है और जहां राजनितिक प्रभाव का केंद्र कई बार सीधे सत्ता के समिकर्णों से जुड़ जाता है।
00:50ऐसे में इस न्यूक्ती को केवर प्रशासनिक फैसला नहीं बलकि राजनितिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
00:57अजैपाल शर्मा यू�
01:10गडम उठाने के लिए जाने जाते हैं। यूपी में तैनाती के दौरान उन्हें कई बड़े ऑपरेशनों और कड़े कानुन व्योस्था
01:18भियानों से जोड़ा जाता रहा है। उनकी फिटनेस, सक्त अनुशाशन और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कारवाई ने उन्ह
01:38सुरक्षा से समवेधन शील जिला रहा है। यहां ग्रामीर और तटिये इलाकों का मिश्रण है और चुनाव के दौरान कई
01:44बार तनाव और जड़कों की खबरें सामने आती रहती हैं। राधनितिक दलों के बीच यहां सीधा मुकाबला होता है और
01:52मद्दान के दौरान सु
02:06से पहले सामने आया है। उनकी तैनाती को लेकर राधनितिक प्रक्रियाएं भी तेज हो गई है। तिर्मुल कॉंग्रेस से खेमे
02:13में इस फैसले को लेकर असंतोष देखा जा रहा है। पाइटी के कुछ नेताओं का कहना है कि इस तरह
02:18के सक्त छविवाले अधिकारी की तैन
02:36अशासनिक हलकों में इस कदम को कानुन व्योस्था मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। चुनावायोग
02:42का उद्देश ये सुनिश्चित करना है कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और निश्पक्ष माहोल में संपन हो। इसी वज़ा से
02:50सम्वे�
02:52होई और सक्त अधिकारियों की तैनाती की रणीती अपनाई गई है। अजैपाल शर्मा की भूमिका इस पूरे चुनावी चरण में
02:59महत्मूर रहने वाली है क्योंकि उनके पास सुरक्षा व्योस्था की निग्रानी और बलो के समनवय की जिम्मेदारी होगी। अस्थानिय
03:06के पुलिस और केंद्रिय बलो के बीच बेहतर तालमेल बनाना और किसी भी आप पर ये घटना को रोकना उनकी
03:13प्रात्मिक जिम्मेदारी होगी। दूसरे चरण के मद्दान से पहले उनकी तैनाती ने प्रश्यमंगाल की राधनीती में एक नई बहस जरूर
03:21शुरू कर दी ह
03:21अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में चुनावी मैदान में हालात किस दिशा में
03:27जाते हैं और ये सक्त प्रशासनिक रणी की कितना असर दिखा पाती है। इस वीडियो में बस इतना ही मेरा
03:34नाम वैभो है आप देखते रहिए वरिंडिया।
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