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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है और इस बीच पाकिस्तान की भूमिका को लेकर बड़ी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि ट्रंप ने इस्लामाबाद के जरिए ईरान को एक संदेश भेजने की कोशिश की है। क्या वाकई अमेरिका अब पाकिस्तान के जरिए ईरान से बात कर रहा है या यह सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है? इस वीडियो में जानिए पूरी सच्चाई और पीछे की कहानी।

Tensions between the US and Iran have reached a new turning point as fresh claims suggest behind-the-scenes diplomatic moves involving Pakistan. Reports indicate that former US President Trump may have indirectly used Islamabad’s channel to send a message to Iran amid rising regional instability. With Iran’s growing influence and ongoing Middle East tensions, questions are being raised about whether Washington is seeking external mediation. This video breaks down the alleged Islamabad link, Trump’s strategy, and the shifting power dynamics between the US, Iran, and Pakistan in the current geopolitical crisis.

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~PR.540~HT.408~ED.276~GR.538~

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00:00देखे जी एक चीज़ तो कनफर्म है कि इस पूरे सेंटर जो वार है जो वार निगोसियेसन्स हो रही है
00:07उसका पूरे एक सेंटर क्या है इस्राइल है अब यहां पर जो मैं समझपा रहा हूं अगर वहाँ टॉक्स होती
00:14भी ऐ Romans तक अगर होती भी है तो वहाँ पर इस्राइल
00:30जबसे बड़ा कौन है।.. उसमे सब से बड़ा रोड़ा ऊरण है। इरान को आप ढलत ढंसी ज़्रा से देखिए।
00:36बार बार क्या होता है कि इरानख सेंपैथी ज़्कीस आती है इरान को
00:39इस देखे कि रिसराल एरिया में इरान ने अपना एक दबदबा ऐसा बना रखा है कि उसने लेवलान में कबजा
00:44कर रखा है, उसने यमन में कबजा कर रखा है, उसने इराक में कबजा कर रखा है, उसने सिर्या में
00:49कबजा कर रखा था जो टरम्प साहब ने असद को रसिया भा
01:09जब तक वहां पर सिर्टी अमेरिका को नहीं होगी कि इस्राइल इस्टेफ नाओ और जब तक गो एड इस्राइल की
01:15तरफ से नहीं होगा मुझे नहीं लगता कि कोई भी टाक स्थाफल होगी और एक चीज़ हो रहा है
01:19प्रम्प जी इस भेरी क्लियर इसी बीचि़ करने के लिए इस स्थिर्माइंड तो जशरेख करने
01:51अगर बात कर भी रहा हूँ, अगर कल भी बात हो रही है, अगर इसराइल को पता चल जाएगा कि
01:56वहाँ के जिस कमांडर को मुझे मारना हो, अगर हो किसी रेस्टोरेंट में बैठा या मार्केट में या किसी मज़िस
02:00में आ गया है, वो तुरण सूट कर देंगे, बात भी से द
02:15है, लेकिन यह लोग बिल्कुल किलियर हैं कि अगर कुछ भी होगा, अब यहां पर पाकिस्तान में देखिए, पाकिस्तान में
02:22इरान जो है, उसकी वो चाहती है कि समझाता हो जाए, जिस तरह से कंडिसन इरान की खराब होती जा
02:28रही है, इंटरनली वो बहुत वीक हो चुका
02:31है, इसको चाहिए, मानने चाहिए, तो कि नारेटिव और एक्ट्वालिटी इस भरी डिफरेंट थी, मैं कुछ आपको पॉइंट देना चाहूँगा
02:36बैबाजी, अल्खोमेनी को चालिस मैं तालिस साल से हर प्रेशिदेंट अमेरिका का मारना चाहता था तो टूबी फ्रें
03:04इंटेलिजेंस का इंटेलिजेंस मिनिश्टर मारा गया, उसके बाद आपके इंटेलिजेंस के चीफ मारे गए, आपके कई 40 कमांडर मारे गए,
03:13एक अच्छुब है, नेरेटिव क्या है, इरान जीट गया, ऐसे बाराज दिन के उन्दे में भी हुआ था, तीन बार
03:17अटेक �
03:18करता है वाध इसके बाद बीटू बंबर उसको अच्ट करकर कि धरासाई
03:24कर देता है फिर भी दिद्र किया बनता है इराण जीट गया और जाने का न वह क्या होता है
03:29कि
03:29एक मुर्फ की हिसाब lapse होता है अ मैं कि इर सिर्टम suis म कि जैंगे तो इर Сп sentiments
03:36जीत रहा है, लेकिन अगर वहीं पर आप आध्या में आएंगे तो इरान हार हो, डिमोग्रेकिस सेट अप भी डिसाइड
03:42करती है, तो अक्चुल और नरिटिव में क्या है, लेकिन यहां पर टॉक्स नहीं हो पाएंगी सफल, चीजे बनी रहेंगी,
03:48जब तक एक्जिट क्लियर
03:49डिफाइंड नहीं होगा, आप डॉपलेमेटिक इस्ट्रक्चर क्रियेट नहीं कर सकते किसी कंट्री में, इरान के अंदर इस्ट्रक्चिव क्रियेक्टर अगर आएगा
03:55तो विदिन से आएगा, अमेरिका के हस्तक छेफ से आद दुनिया में किसी भी देश में, चाई इंड
04:19नहीं तो आप 6-7 महिना के कूलिंग के बाद, या 2-4-10 दिन, बीज दिन, दो हफ्ते क
04:23कूलिंग के बाद, फिर से इरान पर अटेक होगा, अगर इरान पर अटेक नहीं होगा, तो कुछ ऐसे एप्ट किये
04:28जाएंगे, जिससे इरान जो एग्रावेट होगा, वो छोटा मोट
04:30मिसाइल भारेगा, फिर सवार होगा, तो एक टाटिनिक प्रोसेस है, तिल कि सिविल डिपलोमेसी, इरान की बाहर नहीं आती है,
04:36और बाहर आके अपनी पब्लिक को कन्विंस नहीं करती है, कि हमको एड़ाप्टिव नेचर लेके चलना है, जैसे कि नार्थ
04:42पुरिया ड़ा�
04:55जैदा तर मिडियेटर का पार्ट नहीं करते हैं, ने किसी यूद में जैदा पढ़ते हैं, इंडिया जब संतावंदेस आजाद हुए
05:02उपनिवेस के बाद, इंडिया, ब्राजील, दोई-चार देसों को काउंट करा सकते हैं, जो कि विकात में आगे हैं, और
05:08दुनिया को च
05:24कर देंगे, और उसी रात में फिर अचानक शहवास सरेप का एक्ट्विट आता है, कि नहीं नहीं, आप डेडलाइन को
05:29आगे बढ़ाएं, तो कहा जा रहा है, निवयक टाइम्स की रिपोर्ट है कह रही है, कि उस पोस्ट को तयार
05:34कराने में वाइट हाउस की बहुत बढ़ी
05:54ट्रम साथ की आप शुरू से देखेंगे, जब से एरान के अंदर जो है, प्रोटेस्ट शुरू आता, तब से डॉनलर्ड
06:00ट्रम साथ जो है, बार बार जो है, किसी ना किसी शकल में जो है, इरान को धंकिया लिये जा
06:05रहे थे, और वो धंकी इतनी तक, लास तक, जो साथ अ�
06:09बात करें, उस ताइम ये थी, कि पूरी आज की रात, पूरी सिविलिजेशन खतम हो जाएगी, अभी डॉनलर्ड ट्रम साथ
06:15की सबसे बड़ी समस्था ये थी, कि डॉनलर्ड ट्रम साथ ने जो अब्जेक्टिव रखे थे लड़ाई से पहले, जो कि
06:21कुछ लोगों को कहते ह
06:24ऐसे चार पाँच अब्जेक्टिव थे, जिसमें ये था कि भई, उनकी जो मिजाइल प्रोग्राम उसको खतम कर देंगे, न्यूक्लियर जो
06:30साइट्स को खतम कर देंगे, रेजीम चेंज कर देंगे, ठीक है, और उसके बाद जो जो उनके प्रॉक्सिज हैं, उनको
06:36ऐसा अन
06:51को कोई ऐसी पॉइंट नहीं मिल रहा था, जो जिससे वो स्पेस सेविंग करके इसे लड़ाई से निकल जाए, तो
06:58उनके बाद दो तिन आप्शन ये थे, पहला आप्शन ये था, किसी तरह डील करके यहां से निकल लो, और
07:05तीसरा आप्शन ये था, कि जो है, अगर डील न
07:19दो चल रही थी, लेकिन ये जो अभी आपका पॉइंट है, इस देखें, अभी इसकी कोई तज्दीक नहीं कर सकता,
07:25लेकिन हाँ, ये जरूर है, जिस तरीके से वो ट्विट की गई थी, शैबाज शरीफ से, और उपर लिखा था,
07:31ड्राफ और पाकिस्तान प्राइमिस्टर,
07:35और जिसकी लेंग्वेज भी जो यूज की गई थी, जाएतर वो लेंग्वेज जो एनिलिस्ट हैं, जो वाइट हाउस के साथ,
07:41जिनका जादे पाला पढ़ता है, अमेरिकल जो एनिलिस्ट है, उनका ये कहना है कि ये जो पॉइंट जो जिस तरीकी
07:48के इंग्लिस लिखी गई
08:05जब डॉनल्ड ट्रम्प साथ इस तीस्ट की धंकी दे रहे थे कि आज की रात पूरी सिविलिजेशन खत्म हो गई,
08:11उससे पहले ही डॉनल्ड ट्रम्प साथ को पता था कि इस तरीके से जो क्योंकि दोनों देशों में पाकिस्तान और
08:17अमेरिकन एड्मिस्टेशन में ये दो
08:34बता रहा था कि ये जो है आपके पार ये ड्राफट है, इसके आपने बोलना है और उसी ड्राफट चक्कр
08:41तभी तो ये गया और इस
08:54तो इस तरीके से जो confusion गया गया तो इसमें कोई दो राय नहीं है पाकिस्तान सिरफ एक messenger का
09:01काम कर रहा है पाकिस्तान की वो काबियत नहीं है जो एक negotiator की काबियत होनी चाहिए क्योंकि पाकिस्तान की
09:08अपने credibility नहीं है और पाकिस्तान की सबसे बड़ी मजबूरी है पाकिस्तान
09:24danishan countries है साओधे रेबिया है कतर है उमान है इनको जो है Americans
09:29फिर सकते लेकिन नहीं कर सकते तो इसलिए अमेरिका को वो देश चाहिए
09:34मेडियेशन के लिए जिसको वो कंट्रोल भी कर सके तो पाकिस्तान ऐसा
09:39है जिसको अमेरिकल्स इंफ्लिएंस भी कर सकते और कंट्रोल भी कर सकते तो वो ही काम अमेरिका ने किया कि
09:46उन्होंने पाकिस्तान को जो वो पाकिस्तान चाहते थे वो ही पाकिस्तान जो है उसको लेके पाकिस्तान कर रा था अदर्वाइस
09:53पाकिस्तान रोल इस टोटली अपे �
09:56postman, उनकी तरफ से कोई चीज नहीं है, जो अमेरिका बोलता है, वो पाकिस्तान के पहुंच जाता है, पाकिस्तान उसी
10:02चीज को इरान को बोलता है, फिर इरान उनको देता है, वो वो अमेरिका को बोल देते हैं, तो इसमें
10:07कोई मतलब मेरे को तो यह है, और मीडिया भी काफी,
10:10इसके उपर काफी जो है वो है कि ये सारी चीजे जो थी पाकिस्तान का इसमें कोई हक नहीं हाथ
10:16नहीं था
10:17सिरफ पाकिस्तान के इतना हाथ था कि वो जो है ये so-called mediation करा रहे है
10:22otherwise everything is coming from white house
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