00:07मिडल इस्ट में जहां एक तरफ सीस फायर की बात हो रही है
00:10वहें दूसरी तरफ एक नई रिपोर्ट ने पूरी तस्वीर को बदल कर रख दिया है
00:14खबर है कि चीन अब चुकचाप इरान की मदद के लिए आगे आ सकता है
00:18और उसे एर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी में है
00:20अमेरिकी खूफिया जानकारी की मताबिक आने वाले कुछ हफतों में
00:24चीन इरान को मैन पैड्स यानी मैन पोर्टबल एर डिफेंस सिस्टम दे सकता है
00:29ये वही हतियार हैं जिन्हें एक व्यक्ति अपने कंधे पर रखकर चला सकता है
00:33और ये हेलिकॉप्टर, ड्रोन और लो फ्लाइंग फाइटर जेट तक को गिराने में सक्षम दते हैं
00:38छोटे लेकिन बेहत खतरनाक ये हतियार जंग का पूरा संतुलन बदल सकते हैं
00:43खास बात ये है कि ये सप्लाइ सीधे नहीं बलकि तीसरे देशों के जरीए हो सकती है
00:47ताकि इसकी असली पहचान छिपाई जा सके और चीन पर सीधे आरोप ना आए
00:51अब अगर ये सच साबित होता है तो ये सिर्फ एक हतियार डील नहीं बलकि जंग में एक बड़े बदलाव
00:57का संकेत होगा
00:58क्योंकि अब तक चीन पर आरोप लगते रहे हैं कि वो इरान को ड्यूल यूज टेकनोलोजी देता रहा है
01:03यानि ऐसी तकनीक जो सिविल और मिलिटरी दोनों काम में आ सकती है
01:07लेकिन अगर सीधे हतियार दिये जाते हैं तो ये साफ संकेत होगा कि चीन अब खुल कर इरान के साथ
01:12खड़ा है
01:13और इसके असर भी बेहत गंभीर हो सकते हैं
01:15हाली में अमेरिका इसराइल और इरान के बीच चली पांच हफते की जंग में लो फ्लाइंग ऐरक्राफ्ट पहले ही खत्रे
01:21में थे
01:22यहां तक की एक फाइटर जेट गिरने का दावा भी किया गया था
01:24और उसमें भी शक इसी तरह के हीट सीकिंग हतियार पर गया था
01:28अब अगर यही सिस्टम बड़ी संख्या में इरान के पास पहुँचते हैं तो इसराइल और अमेरिका की एर पावर को
01:34सीधी चुनौती मिल सकती है
01:35और यही इस पूरे मामले को और ज्यादा खतरनाग बना देता है
01:38क्यूंकि मैन पैट्स जैसे हतियार सस्ते होते हैं लेकिन इनका असर बहुत बड़ा होता है
01:44और इन्हें रोकना भी आसान नहीं होता
01:45इसके साथ ही यह मामला चीन और इरान के बढ़ते रिष्टों को भी दिखाता है
01:49इरान जहां चीन को तेल सप्लाई करता है
01:52वहीं चीन लंबे समय से आर्थिक और रणनीतिक तोर पर इरान के साथ जुड़ा हुआ है
01:56लेकिन दिल्चस बात ये है कि चीन खुद को शांती का समर्थक भी बताता रहा है
02:01और उसने सीस फायर को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाने की बात भी कही है
02:05फिलहाल वाइट हाउस या अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से भी इस पर कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है
02:10लेकिन ये खबर तेजी से पहल रही है और पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी हुई है
02:15क्योंकि अगर ये डील आगे बढ़ती है तो न सिर्फ जंग का मैदान बदल सकता है बलकि कूट नीतिक बातचीत
02:21भी और मुश्किल हो सकती है
02:22ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये कदम स्थिर्ता की और ले जाएगा या फिर ये एक
02:28नई और बड़ी टकराव की शुरुवात है
02:30फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ
02:54अपना प्रोवाला ये बड़ा के लिए?
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