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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने शांति वार्ता शुरू करने के लिए सख्त शर्तें रखी थीं, जिन्हें अब स्वीकार किया जा रहा है। इन शर्तों में तत्काल सीज़फायर, भविष्य में हमले न होने की गारंटी और युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है। सबसे अहम मांग स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की रही है। यह वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा बन गया है। इस बीच, इस्लामाबाद में संभावित वार्ता को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। हालांकि, अमेरिका की ओर से अभी तक पूरी तरह आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। विशेषज्ञ इसे ईरान की रणनीतिक जीत के रूप में देख रहे हैं। अब देखना होगा कि यह स्थायी शांति की शुरुआत है या सिर्फ एक अस्थायी विराम।

A major diplomatic twist has emerged amid rising tensions between Iran and the United States. Reports suggest that Iran had set strict preconditions for initiating peace talks, which are now reportedly being accepted. These include an immediate ceasefire, guarantees against future attacks, and compensation for war damages. Notably, Iran has also demanded the right to charge fees on ships passing through the Strait of Hormuz. This has raised global concerns due to its impact on international trade. Talks are expected to take place in Islamabad, but uncertainty remains. The US has not officially confirmed all aspects of the deal yet. Experts view this as a potential strategic win for Iran. The coming days will determine whether this leads to lasting peace or temporary relief.

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Transcript
00:00मिडल इस्ट में सीस फायर के बाद अब एक बड़ा डिपलोमाटिक विस्ट आ गया है
00:12यूएस और इरान की जो टेंशन स्पीक पर थी
00:14अब रिपोर्ट्स कह रही है कि इरान ने अपनी कंडिशन्स को मनवा लिया है
00:19और अमेरिका ने आखिरकार इरान की सेट की प्री कंडिशन्स को मान लिया है
00:24लेकिन दर्शकों इसके बाद एक प्रशन खड़ा हो गया है
00:28कि ये पीस की शुरुवात है या फिर कोई और बड़ा गेंड प्लान, कोई और बड़ी चाल
00:34सबसे पहले थोड़ा रिवाइन करते हैं और समझते हैं कि पिछले कुछ दिनों में एरान ने युनाइटेज स्टेस के सामने
00:41क्लियर ली क्या बोल दिया था
00:42उन्होंने बोला था कि टॉक्स तभी होंगी, बाचीत तभी होगी जब हमारी कंडिशन्स मानी जाएंगी
00:49यानि बाचीत करने के लिए ही उन्होंने कई शर्ते सामने रखी थी
00:54ये कोई नॉर्मल शर्ते नहीं थी, ये एक तरहा की प्रेशर टाक्टिक थी
00:58जहां इरान नेगोसियेशन टेबल पे आने से पहले ही रूल्स को सेट कर रहा था
01:03और इरान की प्री कंडिशन्स क्या थी, अब आपको वो बताते हैं
01:07इरान की डिमांज क्या थी, आपको विस्तार से समझाएंगे
01:10ताकि आपको समझ आए कि इरान किन बातों के लिए तो विल्कुल भी नेगोसियेट करने को तयार नहीं
01:16सबसे पहले था इम्मीडियेट हॉल टू स्ट्राइक्स, मतलब तुरण सब मिलिटरी अटाक्स बंद होने चाहिएं
01:22लेबनन इंक्लूडिड, जीहां दर्शको लेबनन इंक्लूडिड की बात रखी है एरान ने
01:28और जब तक लेबनन पर हमले बंद नहीं होंगे, एरान टेबल पे बात करने ही नहीं आएगा
01:34इसके बाद दूसरी थी, गैरिंटी की फ्यूचर में यूएस या उसकी अलाइज दुबारा कभी अटाक नहीं करेंगे
01:41इस बात की रिटन अशॉरेंस, इसके बाद था तीसरा कंपनसेशन जो डैमेज हुआ है उसका पैसा एरान को चाहिए था
01:47और सबसे शौकिंग डिमांड थी कि एरान ने बोला कि अगर पर्मनेंट पीस होती है तो वो श्रेट ओफ होर्मूस
01:54से गुजरते शिप्स पर भी
02:11हाल ही कि रिपोट्स के मताबित इरान ने इनी प्री कंडिशन्स को एकसेप्ट करवा लिया है यानि यूएस चाहता है
02:18कि भईया आप इसलामाबाद में एक बार आमने सामने बैट के बात को कर लो और इसी वज़े से रिपोट्स
02:24का ऐसा कहना है कि इरान की इन शर्तों को मान
02:32लिया गया है ताकि Iran negotiation table पर आ सके US की तरफ से लेकिन अभी भी कोई official confirmation
02:39नहीं आई है कि हमने ये मान लिया है लेकिन US अगर चाहता है कि Iran negotiation की table पर
02:46बैठे peace talks करने की कोशिश भी करे तो ये सारी शर्ते उसे मानने ही पड़ेंगी और US के लिए
02:53ये एक बड़ी हार के समान है आपको
02:56क्या लगता है क्या इस बड़ी हार से इस बड़े धक्के से US उभर पाएगा या फिर एक real agreement
03:02नहीं एक diplomatic move होगा जिससे pressure बढ़ चाहेगा लेकिन इरान का दबदबा अब geopolitical table पर दिख रहा है
03:10ये talk ceasefire या peace तक ही limited नहीं है इसके पीछे एक बड़ी global game चल रही है इरान
03:16का nuclear program द�
03:21यहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा oil supply होता है और अगर इरान को यहां control या fees का
03:26right मिलता है तो दुनिया भर की oil prices पर global economy पर और Middle East के power balance पर
03:33फरक पड़ जाएगा असान भाशा में यह अब सरफ दो देशों की बात नहीं यह पूरी दुनिया का मामना बन
03:39चुका है आपको क्
03:41की क्या राए है हमें comment section में जरूर बताइएगा अब देख रहे हैं one India मैं हुआ कुछ काशिक
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