00:12पिंटेगोर्न ने छिपाई सच्चाई
00:14कुएट बेस पर यूएस सैनिकों की मौत का दावा
00:18साथे तेरह हजार से ज्यादा यूएस सैनिक खत्रे में
00:21फुलासों ने मचाई सैंसनी
00:23नमस्काल मेरा नाम है रिचापराशर और आप देखने हैं वन इंडिया हिंदी
00:26छे अमेरिकी सैनिकों की मौत दरजनु घायल और अब जो सच सामने आ रहा है
00:31वो सर्फ एक हमले की कहानी नहीं है बलकि सिस्टिम की एक बड़ी चूक की तरफ इशारा करता है
00:36एक मार्च दोहजार प्शब्श
00:38कुएट के पोर्ट शुआइबा में स्थित एक अमेरिकी सैन ठिकाना अचानक आसमान से आता एक ड्रून और कुछ ही सेकेंड
00:45में सब कुछ बडल जाता है
00:47धमाका इतना तेश था कि पूरी इमारत हिल जाती है आग, धुआँ और चीखों से भर जाता है
00:53पूरा इलाका
00:54लेकिन कहानी यहीं खत नहीं होती
00:57असली सवाल अब शुरू होता है
00:59अमेरिकी रक्षा विभाग, पेंटागॉन ने शुरुआत में इस हमले को एक मामूली घटना बताया
01:04कहा गया कि एक 45 टेकनिकल ओपरेशन सेंटर था यानि पूरी तरह से सुरफशिक्त चिकाना
01:09ट्रोन को स्विवर्टर कहा गया
01:11मतलब छोटा खतरा जो बस सिस्टम को चक्मा देकर निकल गया
01:15लेकिन जो सैनिक उस वक्त वहां मौजूर थे
01:17उनकी कहानी बिल्कुल अलग है
01:19बचे हुए सैनिकों ने खुलासा किया है कि ये कोई मजबूत बंकर नहीं था
01:23बलकि एक साधारन मेटल छट वाला ट्रेलर था
01:26चारो तरफ टी वाल्स जरूरी थी लेकिन ये सिर्फ जमीन से होने वाले धमाकों को रोक सकती थी
01:32उपर से आने वाले ड्रोन के सामने ये बेकार साबित हुए
01:36सबसे चुकाने वाली बात वहाँ कोई समर्पित एर डिफेंस सिस्टेम ही नहीं था
01:40कोई अलर्ट साइरन नहीं, कोई चेतावनी नहीं
01:43और जब तक सैनिक समझ पाते तब तक बहुत तेर हो चुपी थी
01:48एक घायल सैनिक ने कहा हम उस हमले से खुद को बचाने की सिथी में नहीं थे
01:52तमाके के बाद हालात और भयावा हो गए
01:54दिवारे उड़ गई आग ने पूरी जगे को घेर लिया और कई सैनिक मलबे में दब गए
02:00शुरुवाते रिपोर्ट्स में कुछ घायलों की बात कही गई लेकिन बात में सामने आया कि 60 से ज्यादा सैनिक घायलों
02:06है
02:06कई को गंभीर चोटे आई हैं जलने के जख्म हो गए थे और कुछ को अंग कवाने तक की नौब
02:11बताए
02:12अब सवाल उड़ता है क्या यह सर्फ एक हाथसा था या एक बड़ी लापरवा है
02:16रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस ठिकाने की सुरक्षा को लेकर पहले ही चिंता जताई गई थी
02:20अतिरिक्त सुरक्षा की मांग भी की गई थी
02:23लेकिन उसे कम भीरता से नहीं लिया गया और सबसे खतरनाक पहलू इरान पहले से ही इस ठिकाने पर नजर
02:29रख रहा था
02:30ड्रोन और चोटे सर्विलन सुपकरनों के जरिये अमेरिकी गत्थी विदियों पर निगरानी की जा रही थी
02:35यानी हमला अचानक नहीं था बलकि सोची समझी रणीती का हिस्सा था
02:40इरान के शाहे ड्रोन की कीमत 20 से 50 हजार डॉलर के बीच होती है
02:45जबकि उन्हें रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाले मिसाईलें उसे कई गुणा महंगी होती है
02:49यही वो रणीती है कि कम लागत में बड़ा नुकसान कर दिया जाए
02:54यह हमला सर्फ 6 सैनिकों की जान नहीं ले गए
02:57इसने दुनिया की सबसे ताकतवर सेना की सुरक्षा ववस्था पर सवाल खड़े कर दिये
03:02पेंटागॉन का काम है ताकत दिखाना भरोसा बनाए रखना
03:05लेकिन सच यह है कि उस दिन जो सैनिक वहां मौझूद थे
03:09वे सुरक्षित ही नहीं थे वे पूरी तरह एक्स्पोजड थे
03:12और अब वही सैनिक दुनिया को बता रहे हैं
03:16कि असल में उस दिन वहां क्या हुआ था कैसा कहर बरपा था
03:19और यह क्या स्थिती थी जो पूरी दुनिया से चिपाई गए
03:23इस ख़बर में इतना ही अप्डेट्स के लिए देखते रहें पर इंटिया हैं दे
Comments