00:00जब कहा का Congress Party है? कहा रेता है यह Party? कहा है यह Congress? क्या Party है यह? में
00:07तो नाम भी नहीं सुना हूँ
00:10कुन्छ आपवन खेळा? एपंड़ा ऊटू भगुड़ा है
00:16उनका reply में क्यों देना है?
00:20Congress ने आपवन खेळा के साथ तीखी बयान बात
00:31देश में जब मद्दान प्रतिशत कल्पना से भी उपर चला जाता है तो सिर्फ आकड़े नहीं बदलते
00:36सियासत का पूरा गणित हिल जाता है
00:39राजनितिक पंडितों के कैलकूलेशन्स थरा जाते हैं और ऐसा ही कुछ हुआ है असम में
00:449 अप्रेल 2026 को कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब तीन राज्यों में हुए विधान सभाचिनावों ने इतिहास रच
00:50दिया
00:51सुभह की पहली किरण से लेकर शाम की आखरी कतार तक मद्दान केंद्रों पर जोश, उमीद और भरोसे की ऐसी
00:58लहर दिखी जोसने पुराने सारे रिकॉर्ड दोड दिये
01:01असम में 85.91 प्रतिशत वोटिंग राज्य बनने के बाद का सबसे उचा आकड़ा बन गया
01:07पुडूचेरी में 89.87 प्रतिशत वोटिंग, आजादी के बाद का एक एतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हो गया और केरला में 78
01:15.27 प्रतिशत वोटिंग, पिछले 49 सालों का सबसे ज्यादा मद्दान
01:20अब क्या ये रिकॉर्ड तोड वोटिंग बदलाव का संकेत है या फिर कंटिन्यूटी की मुहर
01:25क्योंकि भारतिय चुनावी इतिहास बताता है कि जब जब मद्दान और समान्य रूप से बढ़ा है तब तब नतीजों ने
01:32सब को चौकाया भी है
01:34तो आज हम इसी सवाल को पाँच चैप्टर्स में समझेंगे
01:38सबसे पहला भारत के सतर साल का चुनावी ट्रेंड क्या कहता है
01:42दूसरा क्या इस बार एंटी इंकंबेंसी की कोई लहर बन रही है
01:47तीसरा इतिहास के सबसे उचे मद्दान का राजुनीतिक असर क्या हो सकता है
01:52और चौथा ग्राउन पर हुए ताजा सर्वे और उनका संकेत क्या है
01:56पाँचवा और सबसे एहम क्या हिमनता बिस्वा सर्मा अपनी कुर्सी बचा पाएंगे
02:02या ये रिकॉर्ड वोटिंग किसी बड़े बदलाव की भूमी का लिख रही है
02:05नमस्कार मेरा नाम है रिचा पर आशर और आप देख रहे हैं
02:08वन इंडिया का ये फास प्रोग्राम आज का एक्स्प्लेनर
02:16लोग तंत्र में सिर्फ वोट नहीं पड़ते
02:19हर वोट एक संकेत होता है
02:20सत्ता के भविश्यका जुसकी शाखा सीधे जन्दा से जूड़ती है
02:24तो चलिए भी न देर किये चैप्टर एक को समझते है
02:27चैप्टर एक क्या असम 2016-2021 का ट्रेंड दोराएगा
02:31असम में 126 सीटों पर 722 ओमिद्वार मैदान में थे
02:3526 जिलों में 80 प्रितिशत से उपर वोटिंग हुई
02:39सबसे ज्यादा 95.56 प्रितिशत साउथ सलमारा मनक्चर में वोटिंग हुई है
02:45CM हिमंता विश्वा सर्मा ने कहा कि बांगलादेशी मूल के मुसलिम
02:49समाज का 95 से 96 प्रितिशत वोटिंग हमेशा ही रहता था
02:53लेकिन इस बार असमिया समाज ने भी 75 से 76 प्रितिशत से उपर वोट डाले
02:58दोनों समाज के बीच प्रितियोगिता रही
03:00इतिहास देखें तो 2016 में 84.7 प्रितिशत वोटिंग हुई थी
03:05और भाजपा ने पहली बार सरकार बनाईगी
03:072021 में भी हाई टरनाउट के साथ ही मनता के सरकार बनी
03:11अब हाई वोटिंग का फाइदा भाजपा को तब मिलता है
03:15जब असमिया हिंदू और आदिवासी वोटर घर से निकलते हैं
03:18इस बार भी यही ट्रेंड दिख रहा है
03:20चैप्टर टू इस बार के सर्वे क्या कह रहे हैं
03:23एक्जीट पोल अभी नहीं आये हैं
03:25लेकिन पिछले 48 घंटे के उपीनियन पोल और ग्राउन रिपोर्ट से कह रहे हैं
03:29कि असम में BJP प्लस AGP कर बंदन
03:31सतर से असी सीटों का अनुमान लगाया जा रहा है इनका
03:35हाई टर्न आउट असमिया हिंदू वोटर के पक्षम गया
03:38तो भाजपा की हैट्रिक पकी हो सकती है
03:40कॉंग्रस का दावा है इदर 45 से 50 सीटों का
03:43अब केरल में अगर बात करते हैं
03:45तो LDF 65 से 75
03:47UDF 55 से 65
03:49बीजेपी 0 से पार सीटे लेकिन
03:51महिला और मुस्लिम वोटरों के
03:53हाई टर्न आउट से LDF को
03:55नुकसान जरूर पहुंचेगा और वहीं
03:57UDF को इसका फाइदा मिलेगा
03:59जिसका बाद पुडू चेरी की बारी है
04:01तो यहाँ पे AINRC और कॉंग्रस गडबंदन
04:0318 से 22 सीटे जीत सकती है
04:05BJP 4 से 6 सीटे जीत सकती है
04:07बाकी अन्ये के खाते में जा सकता है
04:09अब बात करते हैं chapter 3
04:11क्या हिमंता विस्वा सर्मा अपनी कुर्सी बचा पाएंगे
04:15असम चुनाओ में हिमंता विस्वा सर्मा की जीत की संभवनाय समझने के लिए
04:19एक बात तो साफ है, ये चुनाओ सिर्फ लहर का नहीं बलकि
04:22Controlled Politics vs Controversy का मुकावला बन चुका है
04:26पहले समझिए Controversy कितनी भारी है
04:29अब हाल के दिनों में सर्मा कई विवादों में रहे
04:32इसमें पतनी के पास्पोर्ट को लेकर आरोप और पलतवार
04:35कॉंग्रिस ने तापवन खेड़ा के साथ तीखी बयान बाज़ी
04:38फेक AI कैमपेंग का आरोप, मुस्लिम समुदाय खास कर मिया
04:42मुसल्मान को लेकर बयान और नीतियां इन विवादों ने चुनाओ को गरम जरूर कर दिया
04:47लेकिन जरूरी नहीं कि इस सीधा नुकसान ही हो
04:50तो अब असली सवाल, कैसे वोट कटेंगे?
04:53यहां तस्वीर दिल्चस्प है, कॉर वोटर बेस मजबूत है
04:56रिपोर्ट्स के मताबिक सरमा अपने लोयल वोटर बेस पर काफी भरोसा कर रहे है
05:01यानि जो वोटर पहले से बीजेपी के साथ हैं, उन पर इन विवादों का ज्यादा असर नहीं पड़ता
05:06हाई टर्न आउट
05:08डबल एच तलवार इस बार असम में रिकॉर्ड वोटिंग ही है
05:11अगर नया वोटर नाराज है, तो नुकसान हो सकता है
05:14अगर कोर वोटर प्रस नया समर्थ दोनों निकलें साथ में तो फाइदा तो पक्का है
05:20लेकिन पोल्स क्या कहते हैं
05:22पोल्स में अंटिये को बढ़त दिखाई गई करीब 80-100 सीटों तक के अनुमान
05:26खुद सर्मा ने भी 90-100 सीटों का अनुमान लगाया है नहीं दावा कर चुके हैं
05:31तो फिर कॉंट्रोवर्सी का असली असर कहां पड़ेगा
05:33शहरी इलाकों में कॉंट्रोवर्सी चर्चा बनती है
05:51और सर्मा की सबसे बड़ी ताकत यही है
05:53वो हर आरोप को राजनितिक साजिश बनाम राष्टुवाद में बदलतेते हैं
05:57और जब राष्टुवाद का खेल हो जाए फिर तो आपको कोई रोक ही नहीं सकता है
06:02इसका फाइनल आकलन यह हो सकता है कि सर्मा अभी भी फ्रंट रनर है
06:06लेकिन ये वन साइड़ चुनाव नहीं है
06:08मुकाबला कड़ा है लेकिन बढ़त अभी भी बीजेपी एंडिये के पास चुकी हुई दिखाई पड़ती है
06:14अब आते हैं चौथे चाप्टर पर
06:27भारत का 70 साल का ट्रेंड क्या कहता है
06:30हम जानेंगे कि जब ज्यादा वोट परती है तो किसकी जीत के चांस बढ़ते हैं
06:35भारतिय चुनाव में हाई टर्नाउट का मतलब हमेशा एक जैसा नहीं होता है
06:391952 से 1977 हाई टर्नाउट कॉंग्रेस के पक्ष मजाता था क्योंकि कॉंग्रेस की ग्रासरूट मशिनरी मजबूत थी
06:471977 से 1990 इमर्जंसी के बाद हाई टर्नाउट ने जनता पार्टी और ठेत्रियों दलों को पाईता दिया
06:54असम में 1985 AGP के जीत
06:571990 से 2014 हाई टर्नाउट अक्सर सत्ता विरोधी लहर के साथ आया
07:032014 में 66.4 प्रतिशत नैशनल टर्नाउट के साथ मोधी लहर आया
07:092014 के बाद असम में 2016-2021 उत्तर प्रदेश में 2022 जैसे राज्यों में भाजपा ने हाई टर्नाउट से जीत
07:17हासिल की
07:17क्योंकि उनका वोटर मोटिवेटेड और पोलराइज़ था यानि कि आप समझेगे कि कितने प्रकार के समीकरण है
07:24अगर मोटिवेटेड वोटर्स कर रहे हैं पॉलराइज़ेशन फैक्टर भी है याँ पर इंपॉर्टेंट और एंटी इंकम्बंसी कब-कब लगती है
07:30ये भी निश्चित नहीं है
07:32अब आते हैं पाचवे चाप्टर पर
07:33केरल पर
07:341987 के बाद सबसे ज्यादा हो पिनाराई विज़ेशन पर एंटी इंकम्बंसी
07:40केरल के 140 सीटो पर 2.71 करूर मद्दाताओं ने 78.27 प्रतिशत बोट डाले
07:46कोजी कोड में 81.32 प्रतिशत सबसे ज्यादा मद्दान हो
07:51पत्रम ठिटा में 70.76 प्रतिशत सबसे कम रहा
07:541987 में 80.54 का पुराना रिकॉर्ड तूटने के करीब था
07:59केरल में पिछले 46 साल से UDF और LDF बारी-बारी से सकता में रहे
08:04लेकिन 2021 में पिनराई विज़ेशन ने लगतार दूसरी बार सरकार बनाई
08:0870 साल में ये पहली बार हुआ इस बार हाई टरन आउट महिलाओं और मुस्लिम वोटरों के
08:13सबरी माला मुद्द से नाराज हिंदू वोटरों की वज़े से बढ़ा
08:16भाजपा का कहना है कि महिला मद्दाताओं ने रिकॉर्ड वोटिंग की जिब कि CPIM का आरोप है
08:21कि मृतक और शिप्टेड वोटरों को लिस्ट से हटाने से प्रतिशत बढ़ा है
08:26अब फाइनल चैप्टर समझते हैं यानि कि जो बाकी पांचों चैप्टर का कैलकूलेशन क्या कहता है
08:31इस बिच पुडुचेरी भी है अपने पास
08:33तो आजादी के बाद का सबसे उचा रिकॉर्ड जो रहा है वो पुडुचेरी में बना है
08:36तीस साल वालों इस केंद्र शासित प्रदेश में 10 लाक मद दाता हूं
08:40ने 89.87 प्रतिशत गोड डाले
08:59इन रंगा सामी 17 साल से सत्ता में है
09:02हाई टर्नाउट यहांक सर कॉंग्रेस AINRC गटबंदन को फायदा देता है
09:06तो पुरा कल्कूलेशन जिसके हम बात कर रहे थे
09:08सभी चैप्टिस के कल्कूलेशन क्या कहता है
09:10जब मद दाता प्रतिशत अच्छानक बहुत उचा चला जाता है
09:13तो यह सिर्फ एक आकड़ा नहीं होता बलकि एक गहरा राजुनितिक संकेत होता है
09:17चुनावी विशलेशक का पुराना अनुभाव कहता है
09:19कि हाई टर्नाउट की असली कहाने इस बात में शिपी होती है
09:23कि वोट डालने कौन निकला
09:24नए मताता या पारंपरिक वोटर
09:27जब नए वोटर या वो समुदाए जो आमतोर पर कम मर्दान करते हैं
09:32बड़ी संख्या में बाहर आते हैं
09:33अकसर ये सत्ता विरोधी लहर को मस्बीट करता है
09:36ऐसे वोटर आमतोर पर बदलाव की उमीद में मर्दान करते हैं
09:40लेकिन तस्वीर तब बदलती है
09:41जब कोर वोटर बेस यानि कि जो पहले से ही सक्रिय और प्रतिबद्ध बताता है
09:47उनके साथ साथ नए मोटिवेटेड वोटर भी बड़ी संख्या में निकलते हैं
09:51ऐसे में फाइदा अकसर सत्ता पक्ष को मिलता है
09:54क्योंकि उनका बेस पहले से मस्बूत होता है
09:57और उस पर नया समर्थन भी जुड़ जाता है
09:59असम में इस बार 85.91 प्रतिशत वोटिंग को इसी नजरिये से देखा जा रहा है
10:04मुख्यमंत्री हिमंता विश्वा सर्मा का बयान भी इसी दिशा की और इशारा करता है
10:09ये बढ़ा हुआ मद्दान उनके पक्ष में जा सकता है
10:12अगर असमिय समाज और पारंपरिक भाजपा समर्थक वर्ग बड़ी संख्या में मद्दान के लिए निकला है
10:17तो ये सत्ता की वापसी को मजबूत का सकता है
10:20लेकिन हाई टर्न आउट का मतलब सिर्फ सत्ता की मजबूती नहीं होता
10:24ये अनश्रिक्ता भी बढ़ाता है
10:25क्योंकि 85-90 प्रतिशत जैसे आंक्डे ये बताते हैं
10:29कि मद्दाता अब सिर्फ आप्चारिक्ता निभाने नहीं निकला
10:32बलकि वो निर्ना लेने निकला है
10:34या तो बदलाओ का या फिर स्थिर्टा का
10:38केरलम में थोड़ी स्थिथी अलग है
10:40अगर यहां महिलाओ और मुस्लिम मोटरों की बड़ी भागिदारी हुई
10:43तो उनका वोट LDF और UDF के बीच बढ़ गया
10:46तो मुकावला और कड़ा हो सकता है
10:48यहां तक की सत्ता परिवर्तिन की स्थिथी भी बन सकती है
10:50वहीं पुडूचेरी में 89.87% का रिकॉर्ड मद्दा निकलग संके देता है
10:56यहां यह माना जा रहा है कि इतनी बड़ी भागिदारी से
10:59इन रंगा सामी के नित्रतों वाले कड़ बंधन को फाइदा बन सकता है
11:03क्योंकि स्थानी अस्तर पर उनकी पकड़ और नेटवर्क मजबूत माना जाता है
11:07इन तीनों राजियों की तस्वीरे अलग-अलग हैं
11:10लेकिन एक बात कॉमन है
11:12रिकॉर्ड गोड मद्दान से चुनाव को और ज्यादा अनिशित बना दिया है
11:17चुनाव आयों के अंतिम आकड़े तो बाकी हैं
11:19लेकिन 9 अपरेल का दिन में पहले से ही ये साबिद कर चुका है
11:23कि भारतिय लोकतंत्र जितना सक्रिय होता जा रहा है
11:26उतना ही अप रत्याशित भी होता जा रहा है
11:28क्योंकि अब वोट सिर्फ संख्या नहीं रहे
11:30वे एक स्वेश्ट संदेश बन चुके हैं
11:32या तो सत्ता को मजबूत करने का या उसे बदलने का
11:35अब आज की एक्स्प्लेनर के इस एपिसोड में इतना ही
11:38ये एपिसोड कैसा लगा हमें कॉमेंट करके जरूर बताईए
11:41हम आपके लिए फिर ऐसा ही एक अपिसोड लेकर आएंगे
11:44तब तक बाकी खबरों के लिए देखते रहे हैं One India हिंदे
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