00:02इलहबाद हाई कूट के न्याय धीश न्याय मूर्ती युश्वन वर्मा ने कैश का अंड विवाग और धस्टाचार के गंभीर आरुपन
00:08के बीच अपने पत से इस्तीफा दे दिया
00:10उन्होंने अपना त्यागपत राश्वती दुराबदी मुर्मू को भीजा
00:24तिली हाई कूट में उनके कारेकाल के दौरान आधिकारिक आवास पर कधिततौर पर भारी मात्रा में नकदी मिलने के बाद
00:31ये विवादों में खिरे थे
00:43जताई जा रही थी और आंत्रिक जाँच भी जारी थी
00:46इस पूरे मामले की शुरवाद उस वक्त थी जब जस्टिस यश्वंत वर्मा दिलिहाई कूट में न्यायधीश के रूप में कारे
00:52रख थे
00:53एक घटना ने पूरे कानूनी और प्रिशाचनिक जगत को चौका दिया जब भूली की रात उनके सरकारी आवास पर संदिध
00:59परिस्तितियों में आग लग गई
01:01आग बुझाने और रहतकारे के दौरान वहां भारी मात्रा में नकदी बरामत होने की खबरें आई
01:07इस घटना के बाद न्यायक शुचिता पर सवाल उठने लगे और सुप्रीम पूर के मुख्या न्याय धिश ने मामले की
01:13गंभीरता को लेते हुए और आंध्रिक जांच के संकेती है
01:17अलगी उस समय आधिकारिक तौर पर किसी भी जांच की रिपूर्ट सारवजनिक नहीं की गई लेकिन कॉलिजियम ने तुरंत सक्रिता
01:24दिखाते हुए जोस्टिस वर्मा को दिल्ली से हटा कर उनके मूल कैडर अलाबाद हाई कूर भीजने का निर्ण लिया
01:30विदी मंतर अले द्वारा जारी अधिसूशना के बाद उन्होंने अलाबाद में कारेबार संभाला भी था अलंकि कई विरूध विरूधी तत्व
01:38वहां निकल कर सामने आये थे लगातार उनका देश भर में विरूध हो रहा था वो जोस्टिस हो या फिर
01:43वकील लगातार व
01:58अनुसार किसी भी उच्च न्यायाले या उच्चतम न्यायाले के न्यायधीश को उनके पद से हटानी की प्रक्रिया अत्यंत कटिन है
02:06जिसे महाभ्योग कहा जाता है इसके लिए संसत्त के दोनों सद्नों में विशेश बहुमत की आवशक्ता होती है मेडिया रिपोर्स
02:13के �
02:13जस्चिस वर्मा के मामले में साक्षियों की गंभीरता को देखते हुए सरकार और विपक्ष के कुछ स्तरूं पर महाभ्योग प्रिस्ताव
02:20लाने की तैयारी चल रही थी
02:21समयधानिक विशेशक्यों का मानना है कि महाभ्योग की अपमान जनक प्रक्रिया और सार्वजनिक सुनवाई से बचने के लिए अकसर न्यायधीश
02:29पद से इस्तीफा देना ही उचित समझते हैं और इस मामले में भी अब कुछ ऐसा हूता नसर आ रहा
02:35है
02:35जस्टिस वर्मक अस्तीफा एक ऐसे वक्त में आया जब न्यायपालिगा की पारदर्शिता और जजजों की जवाब देही कुलेकर दीश में
02:42व्यापक विमर्श चल रहा है
02:44इस मामले ने एक बार फिर से कॉलिजियम प्रणाली और न्यायधिशों की न्यूकती वा निगरानी की प्रक्रिया पर सवाल खड़े
02:50कर दिये
02:51यद्दिपी उन्होंने राश्टपती को भेजे अपने पत्र में स्तीफे के विशिष्ट कारणों का उलेक नहीं किया
02:56लेकिन ये स्पष्ट है कि कैशकांड और उसके बार शिर्य हुई जाँच ने उनके न्याय करियर पर बड़ा प्रशन चन्न
03:02लगा दिया
03:03अलाबाद हाई कूट में वापसी के बाद भी उन पर आंत्रिक समीती की नजर बनी रही
03:07अब उनके स्टीफे के बाद ये देखना महत्वपूर्ण हो जाता है कि क्या उनके किलाफ चल रही जाँच जारी रहीगी
03:13या पद छूडने के साथ ही ये मामला ठंडे बस्ते में जाएगा
03:17ये घटना भारतिय न्याइपालिका के इतिहास में उन विल्डे मामलों में दर्ज होवे
03:21जहापर भष्टचार के आरोफ ने एक मौजूदा जच को पद छूडने के लिए मजबूर कर दिया
03:26पुल मिलाकर ये प्रकरण न्याइपालिका के भीतर, शुद्धिकरण की आविशक्ता और शुचिता बनाये रहने की चुनाती को एक बार पर
03:33रितांकित करता है
03:35एक बड़ा मिसाल उधहरण पीश करता है
03:38बेराल स्थीवे को लेकर आपकी क्या राय है, आपकी क्या टिपणी है, कॉमेंट बॉक्स आपके लिए है, अपनी राय जरूर
03:44दीजेगा
03:44मेरा नाम है मुकुर्द आप बने रहे वन इंडिया के साथ, शुक्रिया
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