बेटियां बोझ नहीं, अभिमान हैं! मेरठ से आई यह खबर पूरे देश के लिए एक बड़ी मिसाल है।
मेरठ की प्रणिता शर्मा का मेजर से तलाक होने के बाद, जब वह अपने मायके लौटीं, तो उनके पिता (रिटायर्ड जज) ने आंसुओं के बजाय ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
पूरे परिवार ने "I Love My Daughter" लिखी हुई टी-शर्ट पहनकर समाज को कड़ा संदेश दिया है कि बेटी की सुरक्षा और उसकी मानसिक शांति, किसी भी बेमेल शादी को ढोने से कहीं ज्यादा जरूरी है। पिता ने साबित कर दिया कि घर के दरवाजे अपनी बेटियों के लिए हमेशा खुले रहने चाहिए।
रिपोर्ट: शुभम त्रिपाठी, मैनेजिंग एडिटर (Zyro News)
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