00:11ुद्ध एक महीने से अधिक समय से जारी है।
00:30में भारत के लिए रूस एक भरोसेमन्ट ट्रेड पार्टनर के रूप में सामने आया है।
00:33रिपोर्ट्स के मुताविक मार्च दुहजार शब्विस में भारत में रूस से अपने तेल आयात में लगबग 90% की बृदि
00:39की है।
01:00जिससे भारत को सप्लाई के बैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़े हैं।
01:04दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक आयात सुस्त रहा।
01:08लेकिन अमेरिका द्वारा दी गई 30 दिन की राहत के बाद रूस ते तेल की खरीद में तेजी आय।
01:12इसके साथ ही भारत में अंगोला, गैबॉन, घाना और कांगो जैसे अफ्रीकी देशों से भी कच्छे तेल का आयात वढ़ाया।
01:20हालाकि इन देशों की हिस्सेदारी अभी भी सीमित रही।
01:50इनरजी द्वारा घोसित, फोर्स में जोर और होर्मुज रुकावटों के कारण कतर से एलेंजी आयात में 92% की भारी
01:56गिरावट हुई है।
01:57एलपी जी में कमी को घरेलू उत्पादन बढ़ा कर और अद्वगित तता व्यापारिक उपभोगताओं को सप्लाई सीमित करके संभाला गया।
02:04इसे भारत के 33 करोर से अधिक घरेलू उपभोगताओं के लिए एलपी जी की परियाप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकी।
02:10इस पूरे मामले से या इसपष्ट है कि बैश्विक शंगर्स सिर्फ युद्धरत देशों को ही प्रभावित नहीं करता।
02:16भारत ने इस संकट में रणनीतिक दूर्दरसीता दिखाई और अपने उर्जा सुरोतों को अलग-अलग देशों से पूरा किया।
02:22रूस जैसे भरोसे मंद पार्टनर के साथ ब्यापार बढ़ाना और बैकल्पिक मार्गो से सप्लाई सुनिश्चित करना भारत की उर्जा सुरक्षा
02:28के लिए बेहद महत्पून कदम है।
02:30भविष्य में ऐसे बैस्विक संकटों के लिए भारत को सतर्क और तयार रहना होगा।
02:34खैर इस पूरे मामले पर आपको क्या लगता है कमेंट सेक्षन में जरूर बताएं।
02:38और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शियर मार्केट्स से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए बने रहें गुड रिटरंस दिश्टल के
02:43साथ।
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