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उत्तराखंड कैसे बनेगा ग्लोबल हेल्थ सेंटर? आजतक पर बाबा रामदेव ने शेयर किया विजन
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00:05नमस्कार सिमन्या सेवा सौली मीराजीव ढॉंडियाल आज उत्राखण नहीं चूँ और विक्सित उत्राखण कारेकरम मिस्स कॉनक्लिप में आप सभी का
00:17स्वागत है
00:20उत्राखण जहां आस्था प्रगति और संभावनाय एक साथ सास लेती हैं आज हम उसी धरती से एक नए संकल्प की
00:27बात करने जा रहे हैं विक्सित उत्राखण का संकल्प
00:31विक्सित उत्राखन कॉन्क्लिब में येक ऐसा मंच है जहाँ पर सिबाते नहीं बलकि भविश्य की दिशा भी तैह होगी
00:37जहाँ पर पहाड की चुनोतियों को अवसर में बदलने की रणनीती बनेगी
00:41जहाँ पर विकास सिर्फ शेहरों तक सेमित नहीं बलकि गाउ गाउ गाउ तक पहुँचने का एक विजन तयार होगा
00:47आज राज्य का नेत्रित्व, नीति निर्माता और युवा सब आमने सामने होंगे
00:53और हमारे जो पहले महमान हैं, वो भी हमारे साथ में उपस्तित हैं
00:58मैं चाहता हूँ कि जूरदार तालियां बजाएं आप, जिन्होंने योग को विश्वस्तर पर नहीं पहचान दिलाए
01:04आयुर्वेद और स्वदेशी के प्रबल समर तक करोडों लोगों के प्रेड़ना स्रोत
01:08योग गुरू बाबा राम देव और आपका जीवन समर्पन अनुशाजन और सिवा का एक अद्भुद उदाहरन है
01:15और इस सत्र को आगे बढ़ाएंगे में साथी
01:17श्वेता सिंग एक बार जोर्दार तालिया हो जाएंगे
01:44आप सबका स्वामी जाए आपका भी और चुक्राइब
01:50कि चार वर्ष पूरे हो रहे हैं उतरा घंड सरकार के
01:52और मैं जो पहला प्रशन आप से पूछना चाहती हूँ
01:56चुकि पहला सत्र है आप पहले महमान हमारे यहां पर
02:00एक नागरिक के रूप में एक सन्यासी के रूप में
02:06और एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो एक बिजनस को हेड कर रहा है
02:11मैं उत्तरा खंड का विकास क्या आपने देखा है अपनी आखों के सामने होते
02:16कहां गुंजाईश आपको रहती है एक नागरिक के तौर पर बताएं एक आध्यात्मे गुरू के रूप में बताएं और एक
02:23ऐसे व्यक्ति के रूप में जो आर्थिक रूप से एक परिवर्तन बना लाना चाह रहा है
02:29वैसे तो मैं भारत का आगरिक हूँ उसमें उत्राखंड मेरी आध्यात्मे के जनव भूमी है बहुत एक जनव हरियाना के
02:39एक छोटे से गाउं में हुआ और सन्या से होने के नाचे मैं वर्ल्ड सिटिजन हूँ
02:47हाँ उत्राखंड यहां के जल जंगल जमीन यहां की माटी यह एक spiritual land है हमारे मुनी जी कहते हैं
02:59spiritual land से भी ज़्यादा प्यारी है spiritual land और इस नाते कि यहां कि हवाओं में देवत्व है इसने
03:13देव भूमी कहते है
03:16कोटी-कोटी इर्श्वनियों का असीरवाद यहां पर है गंगा यमुना का असीरवाद है
03:20और हिमालय की असंख़ 안돼 जड़गूट या अपार संपदा है यहां पर
03:28यहां के गंगो तर्यमनी तर्वधरिक एदार से लेकर के मा गंगा से लेकर के
03:33पहाड के लोगों में बहुत जजवाय शौरी वीरता पराक्रम है
03:39अध्यात में गुरु होने के नाते में कहूंगा कि
03:42पूरी दुनिया की जो मूल माग है
03:54इस नाते अब पूरी दुनिया उत्राखंड को अपना
03:59सबसे बड़ा डेस्टिनेशन मानती है
04:01लेकिन उत्राखंड में जो इसको एक पूरी विश्व के आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विक्सित करने के लिए
04:08जो प्रियात्न होने चाहिए वो उन्हें अब बहुत बहुत दुरी है भी
04:15उस दुरी को पाटने के लिए सरकार समाध हम सन्यासियों को
04:20एक-एक सन्यासि को बहुत बड़ा प्रचंद पुर्शार्थ करना पड़ेगा बहुत से हमारे सन्यासियों अपने मठो मंदरों में बैठे वे
04:28और उसमें तो
04:32कुस्त बस लगा लेते हैं और बैठ जाते हैं वो ठीक नहीं तो सरकार के सर पर भी द्रचंद सारी
04:41बात इस पर डिपेंड करते हैं श्रतक जी हमसरों की सब्सक्त कर रहे हैं तो ज्यादतर इस में इस का
04:47फोकस ही जी से पर रहता है और देगन के विकास हो इंड़िस्ट्री �
04:50आएं यह हो जाए वो हो जाए तो सब विकास करके आदमें कहां जाना चाहता है सब विकास करके आदमें
04:57हेल्थ पाना चाहता है पीस पाना चाहता है खुशियां पाना चाहता है तो वो सारी खुशियां हम यहां से दे
05:02सकते तो उसकी बहुत संभावना है मनें पूरी दुनिया
05:08के
05:08साधे नो सो करोड के करीब आवादी के
05:11हम पान सो करोड
05:12लोगों को उत्राखंड में
05:14ला सकें उस तरह का एक वीजन
05:16ले करके विक्सित किया जाए
05:18आसे साथ साल पहले क्या था दुबई में
05:20ओ ठीक है अब तो इरान ने
05:22सब के अलत खराब कर दी लेकिन
05:24इर्गिस्तान में क्या उन्होंने
05:26अट्टालिकाई बनाए पुरी दुनिया का
05:28वहाँ पर इन्वेस्मेंट ले आए
05:29सारी दुनिया के एडवेंचर को ले आए
05:31बहुत कुछ कर दिया तो हम
05:34उत्राखंड को एक स्पिर्चियल लेंड के रूप में
05:36विश्व के अध्यात्मिक राजधनी की रूप में
05:38विक्सित करने के लिए बहुत कुछ करने की संभावना है
05:41आश्ट्र दु आपने बात कही
05:42आर्थिक सम्रिद्धी
05:44हमारे यहां पर धर्म अर्थकाम
05:46मोक्षिस को पुरुसार्थ चत्रिष्टे काह जाता है
05:49हमारा जीवन धर्म से
05:51सनात्न अध्यात्मिक शाष्ट सत्यों से
05:53इतना आपलावी तो हो
05:55कि हम जो कुछ करे उससे अर्थ सिर्जी तो हो
05:57हमने दरीद्रता को धर्म नहीं माना
06:00और उससे हम अपने संकल्पों की पूर्ती कर सके
06:02और जीवन में पूनता पा सके
06:04इसको कहते है धर्म अर्थकाम और मौक्ष
06:06तो
06:08यहां बहुत संभावनाएं है
06:10विकास की भी
06:13केवल
06:15यांत्रिक विकास नहीं
06:16उद्द्रिक विकास नहीं
06:17पूरी दुनिया
06:19बीपी, शुगर, थारड़, स्मार्ट स्राइटिस, फिजिकल, मेंटल, इन्लेस
06:23और इस सब का समाधानी यहाँ पर है
06:24ऐसे इसी जड़िवूटिया उनस्वतिया है
06:27हजारों ने लाखो करोड रुपए का हम कारुबार कर सकते हैं
06:30पूरी दुनिया का उपचार
06:33और उत्राखंड के लिए
06:35एक समरिद्ध वियापार
06:37तो उस दिशा में
06:38बहुत कुछ करने की जरूरत है
06:40जैसा महाकुम्ब के बाद हमने देखा कि
06:42प्रयाग राज इतनी बड़ी संख्या में लोग गए
06:44वहाँ से एक पलट प्रवाह कहा गया
06:46वो हर एक
06:48डेस्टिनेशन अगर वैसे देखें
06:50और परयटन से जो पैसा आया
06:52वो तो आखिर राज्य को गया
06:53आपको लगता है कि अगले वर्ष जब अर्धकुम्ब यहाँ पर है
06:56जिसे कुम्ब के रूप में
06:57एक मराने का प्रयास है
06:59उसके जरिये उत्तरा खंड की एक ऐसी तस्वीर दिखाई जा सकती है
07:02कि लोग और आए
07:03मैं कुम्ब तक ही हरिद्वार को या यहां के आध्यात में धार्मिक विकास को नहीं देखता हूँ
07:10कुम्ब उसमें एक बहुत बड़ा गौरव शाली पर्व है
07:15सारे पर्वों की जो प्रवाह मानता है
07:19उसमें consistency continuity होनी चाहिए
07:21अब यहां को उत्सव आता है
07:25तो एक लाख, दो लाख, पाँच लाख कावर में
07:27पाँच-पाँच करोड भी लोग आ गए
07:29पाँच करोड लोग आये
07:35दस करोड लोग उम्हें आ गए
07:36विस करोड लोग आ जाएंगे
07:37तो उसके बाद क्या
07:39इसलिए
07:42consistency होनी चाहिए
07:44तो इस तरह से
07:46अब हरिद्वार, वहां हर की पोड़ी पर जब मैं आता जाता देखता हूँ ना, तो मन को पीड़ा होती है,
07:54कहीं पन्या उड़ी हैं, थैलियां प्लास्टिक की, कहीं पर ऐसे जोग जोपियों में लोग रह रहे हैं, मैं यह नहीं
08:01कहता हूँ कि तीर्थों में सादगी, जोप
08:16से, माने, हमारा धर्म तो यतो अब्योदय निश्रह सा सिध्धि सा धर्म का उपासक है, तो भोतिक सम्रिद्धी भी पराकाष्ठा
08:25में और आध्यात में क्षानते भी अतिरेक में, ऐसा तो अरिद्वार का विकास, हमारा तो प्रयास होगा, कि यदि ये
08:35आवसर पतंजरी को �
08:36दिया जाता है, तो हम इसी कुम्भ में ऐसा कुछ कर सकते हैं, कि जो आने वाले कम से कम
08:4350 साल तक पुरी दुनिया क्या करशन का केंद्र बना रहे हर की पुरी का पूरा जो क्षेत्र है, उसमें
08:48से कुड़ों करोड़ रुपए भी खर्च करेंगे, तो हम अपने हाथ से खर्�
09:05करोड़ थे 5,000,000,000 करोड़ के बारबर देखते हैं, हमने फास्य लाख करोड़ से ज्याद इस देश का
09:08बचा दिया, और सरकारे जब खर्च करती है, उनका 5,000,000 करोड़ उसका जो अल्टिमेट जो प्रोडेक्टिविटि उसकी जो
09:16बाहर दिखती है, वो कहीं 13 हो जाती है,
09:20यह मैं खाली उत्राखंड की बात नहीं कर रहा हूँ, एक दृष्टी की बात कर रहा हूँ, इस तरह से
09:24हमें कुछ दृष्टे रखने पड़ेंगी, जिससे कि सारी दुनिया जो है, वो उत्राखंड को देखे, उत्राखंड के सामर्थ को पहचाने,
09:33वो सामर्थ है हरिद्वा
09:48इसके लिए न, 18-20 गंटा प्रती दिन यहां के नित्रत्रों को, यहां के सारे मंत्रियों को, यहां के सरकार
09:56को, यहां के विपक्ष को, यहां के समाज को, यहां के सन्याशियों को, सब को स्रजन शिल उत्पादक होना पड़ेगा,
10:03प्रोटेक्टियों होना पड़ेगा, हम ल
10:18स्वामी जी आपके बातों को सब बहुत ध्यान से सुनते हैं
10:21आजकल लोग कह रहे हैं कि स्वामी रामदेव पार्टी लाइन
10:24पार्टी लाइन से अलग बोल रहे हैं इसले मैं कह रही हूं क्योंकि
10:26यह कहा गया कि स्वामी रामदेव भारतिय जनता पार्टी को सपोर्ट करते हैं यह कहा गया है यह कोई लोकाची
10:38पी वाला आज में नहीं हूँ और अभी भी मैं मुझे जो देश के लिए सुभ लगता है मैं धर्म
10:45के साथ हो देश के साथ हो जो मुझे ठीक लगता हो बोलता ह�
10:48अभी आर्थिक रूप से आप क्या समझ रहे हैं जब 95 मेरा खायल है कि मतलब रुपया डॉलर के विरुद
10:54इस समय बड़ा बड़ी कठिन स्थिती हो गया अच्छा अब पता लगा स्वेता जी मुझे सरकार के खिलाब बुलवाना चाहती
11:00है मैं तो मैं जानना चाहती हूँ क
11:15सोल डॉलर लेकर के आए तो मैं उसको एक रुपा पकड़ा हूँ तब उसके मुझे पर तमाचा लगेगा मैं चाहता
11:21तो यह हूं यह मेरी मनो कामना है मनो भावना एक मैं चाहता हूँ ऐसा हूँ कि भारत का जो
11:29नागरिक अपना पासपोर्टी लेकर के जाए तो उसको दु
11:45रक्षा तो अरे उतनी नहीं उसके दस्परतिशत्यों करो यदि समय ऐसा करेंगे तो भारत के पासपोर्ट की भारत के करेंसी
11:55की भारत की सिटीजन की भारत के धर्म अध्यात्म परवों की भारत के कलेंडर की सब अब 2026 मना रहें
12:04किस बात कभे एक और प्छान्मे करो आठ �
12:06सब्सक्राइब एक सो 27 वर्षुप पुरानी हमारी सांस्कृतिक विरासत हम पिसलगों हो गए हैपी बाड़ डे टू यू आपी बड़
12:15डे वो अंगरी जीती थी के इनसार कलेंडर अंगरी जूका इतिहास भी विदेशी तो यह जो गलानिक गुलामी कुंठाएं शिक्षा
12:25का ऐ गुलामीचिक चकत्सा की गुलामियायतिक वहैचारी भुलामी हर बात में हम दूसरूंकी सामेर शास्टांग दंडवत प्रणाम करते हैं उर्वेद
12:34को अपने वैग्यौने के प्रमाण देने की अती आवशक्ता
12:39मैसूस करवाई जाती है समाज में देखो ये दुनिया मातर 200 साल की नहीं है ये सो कोल्ड जो रीसर्च
12:50हो रहे हम तो उसको फॉलो भी कर रहे हैं हमने तो सेलनेंट्रायल इन वीवो इन वीट्रो एं यूमेंट्राय सब
12:57कुछ कर दिया ड्रग डिप्स के लिए पूरा कर रहे है
13:16लेकिन और हमने तो कैंसर में भी कैंसर पर भी विजय पा लिए जो लोग बख्वास करते थे कि एक
13:22बार बोड़ी डिजनेट्राय लंग हार्ट ब्रेंड डिजनेट्राय तो हम तो लिवर को किन्दी को पेंगाज को हाट को ब्रेंड को
13:28आंखों को सब को रिजनेट करके दि�
13:46आदमी का तुलिया ख़र और रखा आदमी का पूरा फजीता हु रखा पात तीस-शाली साल के आदमी को सारी
13:53किसारी बीमारियों रखें तो साठ की सब में ढशाठ से जी रहे हैं और इरादा आए कि कम से कम
13:58यड़ी सो साल जी एंगे
14:00यह ताकत है अईरवेद की अईरवेद में जो ताकत है आप देखे लिए ना श्वेता जी आने वाले 20-25
14:08जादा जादा 50 साल लग सकते हैं पूरी दुनिया वापस अईरवेद को फोलो करेगी योग को फोलो करेगी भारत को
14:15फोलो करेगी सहातन धर्म को फोलो करेगी यह तो अ
14:29काम है वहाँ पर उसका क्या काम है लेकिन सुन्यों को प्रॉट मुहमत
14:35सॉक्न के साथ रडा दिया सिया जो है रियल ब्रड है प्रॉट मुहमत
14:40का और ये जौ यह जंडा लेकर के चलते जो कुछ लोग हर समय अपना लोक संत्र
14:48ओर जो है डेमोक्रेशि की बात कने वाले सब अब सब को ऐसाम اधाल दिया अमरिका नेैं के साथ है
14:55मैं एरान इसाथ मैं
14:57तो मानौता के साथ हूं कि जगड़ा इरान ने सुरू नहीं किया जगड़ा इसर्याइल
15:01पहने और अमरीका ने शुरूए कि क्यों कि देमोक्रेसी निया तुमारे यह डेमोक्रेसी सारे देश को आफ़ता में डाल रखा
15:07इसराइल ने और अमरीका ने वो कहते हुआ हिजाब पहंटे हिजाब तो साउधिय अरब में भी पहंटे उन फुफो को
15:13कुछ नी बोलता है
15:16हिजाब यह दिये साउधिय अब्रिया वाले पहने तो ठीक इरान वालों के हिजाब उतरवाने इसने पूरे अपनी इज़त उतरवार रखी
15:23है
15:24कपड़े जिसको पहने है जैसे पहनो हिजाब जिसको पहना है पहनो हमारी दरह से बावा रहना है बावा रहना हो
15:29नंगा रहना हो हमारे तो दिगंबर भी है यह ता हम लोकल अज़ा के लिए कपड़े पहन दे कोई दिक्कत
15:34नहीं है हमको किसी से ना हमको सियाओं से दिक्कत न
15:53हमारे यहां तो जगड़ा किसी बात का ही नहीं हम तो कहते हैं सम्मिल जूल करके रहो मिल जूल करके
15:56देश को आगे बढ़ाओ फाल तुका ये हिंदू ये मुसल्मान ये सिक्ख ये इसाई ये जैनी अबुद जाती प्रांत वर्ग
16:03मजब के नाम पर जगड़े ये जाहिल लो�
16:24अब दरसल क्या है पताने कून से काल मुहृत में पैदा हुआ हार दिन नई ब्रेकिंग चाहिए उसको दुनिया की
16:34त्यास में पहला पॉल्टी शिम्वा पहले तो साइद मीडिया वो नारजी से गुज़रा हो जाता था इसको हर दिन उठते
16:41ब्रेकिंग चाहिए बेकिंग क
16:47पूरत टुकड़े टुकड़े हो जाएं इंसानियत के मानवता के दुनिया के तो देखो मैं तो किसी भी जाती वर्ग समधाय
16:55के नाम पर मैं तो गुरुमों में भी कोई शंकराचारी को जगत गुरु को आचारी माहमन लेश्चर कोई मनलेसर अरे
17:02साधू साधू होता है का ह
17:08साधू को एक समान मिनना चाहिए कोई भाव नहीं होना चाहिए साधू साधू के नाम पर कोई भाव नहीं होना
17:14चाहिए मनुश्य मनुश्य के नाम पर आदमी में भेद होता उसके कर्मों से उसके चरितर से उसके आचरन से आचरन
17:20जिसका हूँचा हो किसी भी कुल वर्ग ज
17:37मुझे समझ नहीं आये कि योगी जी और शंकराचारि जी के बीच के विवाद में आप किसी की सीर्ड.
17:43भाई यहांम ना संकराचारि हैं ना वुक्रा योगी करूं ना आप मुख्यबनतरी हम किसी के वीज में क्यों पड़ें।
17:50तो ये लड़ाई होनी चाहिए थी नई होनी चाहिए थी?
17:51हम इसके बारे में कोई टिपणी ने करते, next
17:56मतलब इसमें से माइने निकालने हम
17:58ने देखो हम कोई माइने हम जितना बोलते हैं वही बोलते
18:01उसके आगे पीस से कोई मानने नेगा
18:03वो अपने असी तेसी करा है हमारा कोई लड़ दरन नहीं
18:05दिखो जाती वर्ह समुधाय के नाम पर उचे नेचे
18:30चरितर गिर गये लोगु का आशन के अचैन से गर गये लोग किस बात का गयर
18:36विलतियों के ऊपित शिriendदा हुआ है पहला रज रहा जहां पर के यह तो एक देश एक कानून
18:58यह तो सब होना चाहिए इस से मतलब डिविजन बढ़ेगा या इस से एकता वाली बात है
19:03सब एक देश के ना देश समविधान से चलेगा लेकिन जीवन चलेगा अपने अपने विश्वास से
19:09अपने अपने पवित्र चरित्र से, अपने अपने उचे आचरन से, तो जीवन के लिए उचे आचरन, जीवन के लिए है
19:15सांस्कृतिक समविधान, वेद का विधान, जो भी जिसके आस्था है, जीवन चलता है, जो हमको driving force है, हमारा thoughts,
19:23emotions, अमारा faith, वो हमारी driving force है, लेकिन दे�
19:30किसी ग्रंथ से नहीं चलेगा, ग्रंथ है, पन्थ है, गुरु है, वो अपने जीवन को पवित्र बनाने के लिए, और
19:36एक बात और कहता हूँ, जिसका गुरु, जिसका ग्रंथ है, जिसका पन्थ पवित्र होगा, वो समविधान के प्रतिब आस्था रखेगा,
19:43स्वाम राम
19:59कर दो पूरी दुनिया में जो दुनिया के बड़े-बड़े नेता है वो डिप्लोमसी भूल गहें आज स्मामी रामदेव डिप्लोमसी
20:27बताने
20:33कि अपने उत्तरा खंड को लेकर भी कहा आपके हिसाब से क्या होना चाहिए क्योंकि मैं भी कई जगे जब
20:46आप लोगों से बातचीत करने
20:47जाते हैं रिशिकेश में, हरिद्वार में, दहरादून में, लोगों की अपनी एक अपेक्षा होती है और ऐसा लगता है कि
20:54बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जिसकी गुंजाईश मों महसूस कर रहे हैं, आपके अनुसार, चलिए आज जो हम कह रहे
21:01हैं कि बाबा का बिजनस बढ�
21:04ठीक है, मैं उस हिसाब से आप से पूछ रही हूँ, क्या जिस चीज की इच्छा आप रखते थे आज
21:10से 10 साल, 12 साल पहले, वो चीजें बदली और उस रफ्तार से बदली जो आप चाह रहे थे
21:16देखे, हम इच्छों पर चलते हैं, सन्यासी अकाम होता है, जिसकी कामनाई हैं, जिसकी वाशनाई तरशनाई हैं, सन्यासी सेवा करता
21:22है, सन्यासी अपने स्वधर्म को अपना राश्ट धर्मान करके अपना काम करता है, हम अपने काम कर रहे हैं, और
21:27अंतिम स्वास तक करें
21:42मैं जीने में विश्वास करता हूँ
21:43मैं कहता हूँ हिंगुत और सनातन अधंभी जीने का है
21:47और नाम और जहां तक बात है पतंजली का सामराजय
21:49पतंजली का सारा सामराजय सेवा के लिए
21:51ना एक रुपैस पोजियाचार बार्क्षिन जी के पास
22:12अगर चाचा ही भती जाए लेकिन चलिए
22:16मैं इस तो डू बिजनस पूछ रही हूं आपसे
22:19चलिए आपका है कि आप एक पैसा नहीं रखना है लेकिन बहुत सारे लोग होते हैं
22:23जो बेवसाइल लगाते हैं आगे और स्रिजन के लिए और काम के लिए और पैसों के लिए
22:27क्या उसमें बदलाव आया है ट्रांसपेरेंसी में भारत में अच्छा तो हो रहा है अभी बहुत अच्छा होने की गुंजाइस
22:35है
22:35अच्छा है कि अभी आर्थिक पारदर्शीता राजनेतिक पारदर्शीता नियाइक पारदर्शीता ट्रांसपेरेंसी एक बहुत बढ़ा तत्रा है
22:46तो यह एक क्रमिक विकास का प्रवाह है तो मुझे लगता है धेरे धेरे यह पारदर्शिता का दोर और सबल
22:53होगा और वो सब के कल्यान के लिए जरूरी है सब के लिए जरूर है आज हमारे जो चोट-चोट
22:57बच्चे कल को जवान होंगे कल को वो भी पुरी दुनिया के साथ �
23:01अपने को पंपेर करेंगे तो भारत में सभी क्षेत्रों में और जाधा पारदर्षी था है विधाय का का निय āगरपाली
23:07नियंगर पाली का from नियौरर पाली का
23:11कि सब जगह है त रह्त बसचे तरंसपरेनन्सी तो ज़रूरी है और
23:31में कुछ लोग आपस में लड़ रहे हैं उसमें हम जाके अपना फुजीता क्यों करवाएं तो देखो मोदी जी बहुत
23:37ही वोकल है हर बारे में वो बोलते हैं लेकिन इस समय जो वो कम बोल रहे हैं जितना ज्यादा
23:45जरूरी उतना बोल रहे हैं तो इसको अप्रिशेट करना च
23:53कि उन्होंने इरान के साथ भी अपने संबंदों को साधावा इसराइल के साथ भी अमरिका के साथ भी यहां तक
23:58की रसिया के साथ भी चाइना के साथ भी अपने आपको किसी भी तरह से युद्ध में नहीं जोका और
24:04जिसमें भारत का ही ता वो उसकी बात कर रहे हैं अब रा
24:22पूछूंगी तो आप बोलेंगे नहीं आज आप उस ले में नहीं है लेकिन अग लोगों का व्यवसाय प्रभावित होगा अगर
24:31ये लंबा चल गया तो अभी तक आपको क्या हो रहा है हो चुका है सबीका सेहर मार्केट के बाज़े
24:38बज़े हुए लोगों के प्रोडक्शन क
24:41को लेकर के किसी की 75 कि 50 पर पहुच गई है क्योंकि हर चीज के लिए तो उर्जा चीए
24:48ना देखो सारी दुनिया में और जीवन और सारा जगात और पिंड और ब्रमान सब तो एनरजी के खेल है
24:54सब तो एनरजी वाला जो मामला है वो गड़मड हुआ पड़ा है तो ये तो �
24:59ऐसे भी किसमत पर होना ही नहीं चाहिए देख रहा हुए तो यह को वही ठोकता जा रहा है आज
25:15इसके साथ अकल उसके साथ यह अब तो ऐसा होना चहें जैसे बारत में ना आजादी के पहले
25:30और उसमें यह सब को आपस में समझोता करने चाहिए जितने भी युद्ध हैं सब एक साथ जो इनसे सब
25:37को बाजाना चाहिए और जितने भी हथियार हैं मिसाइल हैं परमाणो बंब समने बना रहें सब पटाके एक साथ ही
25:44सब इनको खतम कर दो तो यह दुनिया तभी ठीक चले
25:47और आज आपको जो बोल रहा हूँ हो सकता है चाहिए इसमें पचास साल लगें सो साल लगें एक दिन
25:52वर्ल्ड गवर्मेंट बनेगी और यह सारी हथियार और युद्ध खत्म होंगे युद्ध किसी भी कीमत पर किसी भी देश के
25:58लिए किसी भी जाती वर्ग समधाई के लि
26:11लेकिन इस समय क्या भारत को बीच बचाओ में जाना चाहिए वैसे भारत की बात को इरान मानने के लिए
26:21तैयार है और इसरेल भी वह तो दोस्ता है हमारा अमरीका दरसल क्या है कि उसको लगता है कि भारत
26:29को यदि बीच में रखे बात करें युद्ध तो खत्म हो जाएगा �
26:31लेकिन भारत का गोरो बढ़ जाएगा तो ये थोड़ा ट्रम साब को थोड़ा अनुलोम बिलोम करने की जरूत है तो
26:39फिर ये भारत ही समझोता करा सकता है अब कून कराएगा रसिया को चाहिनों को लाना नहीं चाहता अमरीका और
26:48पाकिसान खुट टटमूजी आए तो क्या
27:01कि भारत को बीच में डाल करके अपनी फजियत भी बंद करवा आपके पास जरिया है उन तक संदेश पहुंचाने
27:06का नहीं निवो अब जैसे एरान से वो बात कर रहे थी एरान बोला हमें पता ही नहीं बात किस
27:10से कर रहे हैं निवो मितरा तो कोई होट लाइन हो होट लाइन
27:31सरकार के और यानि चुनावी साल में प्रवेश कर रहा है राज एक बड़ी रवायत आजकल चल गई है जहां
27:43पर भी चुनाव होने वाले होते हैं कुछ फ्री के वादिक किये जाने लगते हैं कुछ फ्री के पैसे जाने
27:48लगते हैं स्वावलंबन के नाम पर क्या एक नागर
28:06यह तो पबलिक की सेवा है यह तो लोगों के स्वावलमन के लिए उनकी जिंदगी की जो मूलभूत जरूते उनको
28:12पूरा करने के लिए तो देखो अब इसमें हर राजनीती में तो हमेशा एक बैलेंस समत्व की दृष्टी है विसे
28:22तो हमारी तो योकी दृष्टी समत्व की �
28:24दृष्टी है समत्व योग उच्छे थे तो लोगों की मुल्भूत जरूते पूरी होनी चाहिए जो सरकार साहता कर सकती है
28:32वो साहता कभी करने चाहिए लेकिन तीन चीजों पर सबसे ज्यादा फोकस करना चाहिए वह है एक तो एजुकेशन मैं
28:40तो पूरे भारत को लेकर के
28:54कक्षा जो बार्वी तक के पढ़ाई सब की एक जैसी होती हो बहुत हाई क्वालिटी की होती है हमारे यहां
28:59पर मतलब बार्वी तक की पढ़ाई को बंटाधार कर रखा है और इस लिए फिर आगे कोलेज में नसेडी गंजेडी
29:06भगेडी बेरुजगार ऐसे बच्चे निकल
29:24सामाजी कार्थिक राजनेतिक सामराज्य खड़ा कर सके इतना उसके भीतर उद्यमाश्या समधैरियम बद्धी शक्ति पराक्रम शड़ेते यत्र वर्तंते तत्र देव
29:32साइकृत ऐसे युद्धा तयार हो तो पूरे देश का ध्यान निर्मान पर होना चाहिए भारत वर्ड
29:40का नुमर एक देश कैसे बनेगा यह उंच नीच भेद वाव खुरापात यह सब बंद होने चीए और तीसरी बात
29:48सब देश वासियों के लिए नेशन फास्ट मेरा इसलाम मेरी इसायत मेरा अपना धर्म मेरे अपने पूजा पाठ की पद्दती
29:59सब गोड नेशन फास्ट देश सर्वो पर ही है तो यह काम आने वाले 20-30 सालों तक चलना चाहिए
30:07उसमें इस्तियां क्या है पुरुष क्या है �
30:10यह जाती यह प्रांति यह वर्ग यह सब सब उचा-था वकेडा कुछ नहीं होना चाहिए तो यह पहुना इसके
30:17उपर पूरे पोलिटीक्स को फोकस करना चाहिए बाकि तो पोलिकस अपने ढंसे चलती है मैं कहा ना मैं कोई हिया
30:23को हमारी ख़बřनीति मैं हो योग नीती, र
30:39अध्यात्म हो, अध्यात्म हमारा मूल अधिष्ठान है, सवाओ अध्यात्म मुच्चति, इस धेश का मूल सवाओ, मूल प्रकृति, मूल संस्कृति, अध्यात्म
30:49ही है मेरी मैंने सवेबाद।
31:10अंतराश्रे योग दिवस हो, क्या उसके बाद से वाकई परिवर्तन आया है या केवल एक दिन रह गया है।
31:39आदमी गिरा जा रहा है वो बच जाएगा। जो आदमी योग करता है ना वो इन तमाम किसी का वो
31:48कंजूमर नहीं बन सकता, वो क्रियेटर बनेगा। तो मैं तो सब से कौँगा पांच चीजें तो सब करी ले।
31:58लंबे सांसरी ले लेंगे, लंबी जी लेंगे। चेरी पर नूर रहेगा, उत्साह रहेगा। और कपाल भात ही कर लेंगे। अंदर
32:08सरीर के सब कलपुर्जे ठीक रहेंगे। भाइटल और्गेंस ठीक रहेंगे।
32:12मुरदार से सस्रार तक दे है, देवाले की तरह रहेगा। और हो सके तो देखो।
32:25पहले कहते थे बाबा का पेट और मंदर का गेट दूर से ही दिखता है। हमने उसको भीतर तो घुशा
32:30दिया।
32:31फिर अनुलो मिलो म्रामरी, थोड़ा उसके भीतर सहजता, आनन्द, प्रसन्यता, सब कुछ करते ही युद्ध सो विकताच्वारा।
32:40युद्ध के समय भी हमारा चित्त प्रशांत रहे।
32:45जीवन को जीने का जो सडली का है न, वो अपने पुर्खों ने जो सिखाया है, उधर लोटना ही पड़ेगा,
32:50बैक टू वेदाज, बैक टू अर्वेदाज, बैक टू बेसिक, बैक टू निचर, बैक टू उत्राखंड।
32:56बहुत बहुत धन्यवाद स्वामी जी।
32:59बहुत बहुत धन्यवाद आपको भी श्वेता जी और आज तक को उत्राखंड को गोरव देने के लिए, और कि उत्राखंड
33:05की बात हो, आज तक जो हुआ, बहुत अच्छा हुआ, आगे भी अच्छा होगा धामी जी से ले करके, पक्ष
33:11को भी हमारी सुबकामना इस रूप
33:13में सम्मिलजुल करके उत्राखंड को देवभूम के इतना गोरव दिलाएं कि देवभूम में हमाल हैं तो पूरे भारत के मुकुट
33:20मनी की तरह है, उत्राखंड का गोरव बढ़े, ऐसी सुबकामनाओं के साथ भारत मता की जै, जै उत्राखंड!
34:07क्या बात एक बार फिर से जूरदार तालियां हो जाएं और स्वामी रामदीव को सुनना हर बार बड़ा ही खास
34:12होता है,
34:13बहुत को सीखने को मिलता है,
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