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Only PM Modi can help stop the Iran war…”—this statement by Jammu & Kashmir Chief Minister Farooq Abdullah has grabbed attention amid rising Iran–US tensions. He подчеркнул that Indian Prime Minister Narendra Modi carries significant global influence and diplomatic credibility, which could play a role in de-escalating the conflict. Abdullah also criticized Pakistan, accusing it of contributing to instability in the region rather than supporting peace efforts. He praised India’s balanced foreign policy approach, which focuses on dialogue, neutrality, and strategic engagement with all sides.

As the Iran–US conflict intensifies, his remarks highlight India’s potential as a mediator on the global stage. The key question remains: can India leverage its diplomatic standing to help reduce tensions and push for peace?

पीएम मोदी ही रुकवा सकते हैं ईरान युद्ध…”—ईरान–अमेरिका तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Farooq Abdullah का यह बयान सुर्खियों में है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के पास वैश्विक स्तर पर वह कूटनीतिक ताकत और साख है, जो इस बड़े संघर्ष को शांत कराने में भूमिका निभा सकती है। फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह क्षेत्र में शांति की बजाय अस्थिरता फैलाने का काम करता रहा है। उन्होंने भारत की संतुलित विदेश नीति की तारीफ की, जिसमें सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति पर जोर दिया जाता है। ईरान–अमेरिका युद्ध के बढ़ते खतरे के बीच यह बयान भारत की संभावित मध्यस्थ भूमिका को उजागर करता है। सवाल यह है कि क्या भारत वास्तव में इस संकट में शांति का सेतु बन सकता है?

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~PR.516~ED.276~GR.538~HT.96~

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Transcript
00:00हम तो चाहेंगे कि वार जल्दी खतम हो और इसमें जो रोल वजिर आजम साब अदा कर सकते हैं वो
00:06शायद और कोई अदा नहीं कर सकता क्योंकि उनके अच्छे तालुकात है इन तमाम मुलकों के साथ।
00:30अनिम्प्लॉइमेंट का मसला है इससे कोई इनकार नहीं कर सकता ना यह मसला रातों रात कोई आपको हल करके दे
00:39भी सकता है लेकिन जैसे मैंने अपनी तक्रीर में कहा जब हम कहते हैं कि सरकारी मुलाजमत बेरोजगारी का हल
00:48नहीं है हमें सरकारी मुलाजमत के अलावा भी और
00:52रस्ते ढूमने होंगे
00:53उन रस्तों में मिशन यूवा जो है
00:57अपनी एक एहमियक है
00:59क्योंकि इसमें
01:01फंडिंग
01:02फंडिंग के साथ-साथ
01:04बिजनिस चालू करने के लिए
01:07जो डी पियार बनाना होता है
01:08उसमें मदद
01:09और बिजनिस चालू करने के बाद
01:12जो मार्केटिंग वगेरा में आपको मदद की जरूरत होती है
01:14वो सारा कुछ मिल जाता है
01:17इस स्कीम को भी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है
01:19जून के महीने में एक साल पूरा होगा
01:23इन नौ महीनों में हजार करोर लोगों पे बांटना
01:27और इतने सारे स्कीम जो हैं उनको मनजूरी देना
01:31ये अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है
01:33जिसमें गवर्मन्ट और गवर्मन्ट के साथ
01:35जेन के बैंक का अगर हाथ नहीं होता
01:37ये मुम्किन नहीं होता
01:38तो जेन के बैंक और गवर्मन्ट का एक बहुत ही करीबी जो इसमें तालमेल रहा है यह उस चीज का
01:45नतीजे आगे स्कोर्स तेंटन करेंगे
02:06अगर आप असाम में देखें तो बीजे पी का है असाम गणा परशिद के साथ लेफ्ट का है
02:14कांगरस के खिलाफ केरला में तामिलनाडू में अलाइंसिस का ही है बीजे पी विध एई डीम के डीम के विध
02:23कांगरस तो अब देखते हैं हम तो चाहेंगे कि ऑपोजिशन जो है पांच की पांच जीते हैं
02:28पॉंडिचरी इंक्लूड़िट अब लोग क्या फैसला करेंगे वो जिस दिन बोट गिने जाएंगे उस दिन पता चलेगा
02:34वार जो है उसमें अभी रिपूर्ट से जो इरान का कहना है कि यूएस जो है वो ग्राउंग इसे भी
02:41अटैक कर सकता है तो क्या लगता है कि ये बढ़ेगा वार या हम तो जैसे मैंने हाउस में इस
02:46दिन कहा हम तो चाहेंगे कि वार जल्दी खतम हो और इसमें जो रोल वजि
03:03पर सालों साल किसी ने राज नहीं किया है इतना आसान नहीं होगा मुझे जगता है अब जो है वहीं
03:14पर यहाँ पर खतम कर लिया जाए एक सीस्वाइड डिक्लेयर हो और यह वार खतम हो जाए तो सब दूसरी
03:20तरह से पाकिस्तान में बैठे कुई है इस जंपो लेकर लेकर �
03:33कि अगर कोई भी मुल्क कोई रोल इसमें अदा कर सकता है जिसमें के जंग की सूरत से हम बच
03:38जाएं मुझे लगता है किसी को इसमें इतराज नहीं होना चाहिए
03:43मैं फिर इस चीज़ को दराओंगा जो मैंने हाउस में कहा हमारे वजिर आजम के अच्छे तालुकात और करीबी तालुकात
03:51हैं तमाम मुलकों के साथ
03:52चाहिए वो इसराइल हो अमरीका हो इरान हो या इरान के आसपास के जो मुलक हैं उन्हीं रिष्टों का इस्तिमाल
04:00करके अगर हम भी एक पेश्ट अफिसमें कर सके तो अच्छी बात होगी
04:03लेकिं गुएस के एक रिपोर्ट में दावा किया है तो वो उनका कहना है उस रिपोर्ट में कि भारत में
04:10अभी भी आतन की हमले जो हो सकते ही लशकर है जैसे जैसे मुहमत तो उससे कौन इंकार कर सकता
04:18है तो आप इन दोनों चीजों को अलग देख लीजे ना हिंदुस्तान
04:21और पाकिस्तान के रिष्टे अलग हैं ये पाकिस्तान जो है अपने एरान और अमरीका के साथ जो उनके अच्छे रिष्टे
04:30हैं उनका फाइदा ले रही है अब उनने ले लिया हम क्यों हम क्यासे इतराज कर सकते हैं अगर उनके
04:36इस पहलू से जंग जो है वो रुक जाए त
04:52अजस्टेजारा है.
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