00:03आईपियस केके बिश्णोई की शादी से पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वाइरल हो रहा है जिसमें वो
00:08अपनी मां का दूद पीते हुए नजर आ रहे हैं
00:24दरसल IPS अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्णोई और बरेली SP अंशिका वर्मा की शादी इन दिनों देजभर में चर्चा का विशय
00:30बनी हुई है लेकिन इस हाई प्रोफाइल शादी में सबसे ज़्यादा सुर्ख्या किसी आलिशान इंतजाम नहीं बल्कि एक बेहत भावुक
00:36और प्राचीन परंपराने बटूरी है सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वैरल हो रहा है जिसमें IPS के के
00:41बिश्णोई दुलह बनने के बाद अपनी मा के पास बैट कर बिश्णोई समाज की अतिहासी कर रस्मन इभाते हुए मा
00:46का दूथ पी रहे हैं सोशल मीडिया प
01:03बीच भी जातिवादी मानसिक्ता मौजूद है यह IPS कृष्णिकुमार बिश्णोई ने अपनी मा दूथ पिलाई रस्म से साबित कर दिया
01:09पड़ा लेका होना और जागरुक होना दोनों में अंतर है मनुवाद मनुस्मिर्ती पर अधारित है जो जाती के अंतर को
01:15सपष्ट क
01:29रही है जो बेहत शर्मनाक है कम से कम पड़े लिखे लोगों को इसका विरोध करना चाहिए लिकिन IPS कृष्णिकुमार
01:34बिश्णोई ने विरोध करने की जगा इसको नहीं भाया IPS अंशिका वर्मा ने भी आपत्ती नहीं जताई पता है बच्चों
01:42को मां का दूद तब पिला
02:01जहां सिर्फ आदमी और उसकी पत्नी को ही अपनी मां का आदर सम्मान करने को कहा जाता है वोमेंस आर
02:07ओफन एक्सपेक्टिट तो नेग्लेक्ट दियर ओन मदर्स वाइल मैं आर एक्सपेक्टिट तो केर फॉर पैरेंट्स विकर दे लिखा दूद पिलाई
02:13राजिस्थान मे
02:29राजिस्थान के विश्णोई समाज और कुछ ग्रामेड समुदायों में ये परंपरा सदियों पुरानी है इसे स्थानी भाषा में आंचल पीना
02:34कहा जाता है परंपरा के मताबिक जब दूलह पूरी तरह सजधज कर बरात लेकर घर से निकलने वाला होता है
02:40तब वो अपनी
02:42आंचल से एक अक्टिंग बतौर बेटे को दूद पिलाती है या थाली में दूद निकाल कर उसे घरण करवाती है
02:47इसके बाद मा अपने लाल के सिर पर हाथ रखकर उसे घरस्त जीवन में जाने का आशिरवात देती है विश्णोई
02:52समाज में ममता का स्थान इश्वर से भी �
02:55उचा माना गया है इस समाज की करुणा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां की
02:59महिलाएं ना सिर्फ अपने बच्चों को बलकि अनात हिरन के बच्चों को भी अपना दूद पिला कर पालती हैं विश्णोई
03:05समाज की महिलाओं की तरफ से हिरन के बच्चे को
03:07इस तन पान कराने की तस्वीर दुनिया भर में काफी पॉपिलर हैं
03:10यही कारण है कि जब एक बेटा शादी जैसे बड़े पड़ाओ पर खड़ा होता है
03:14तो वो मात्र रण यानि मा का करजे को सुईकार करता है
03:17यह रस्म याद दिलाती है कि बेटा चाहे कितना भी बड़ा दिकारी बन जाए
03:21वो अपनी मा के दूद का करज कभी नहीं चुगा सकता
03:24यह परंपरा उस अटूट विश्वास का प्रतीक मानी जाती है
03:26कि मा के संसकारों की लाज बेटा उम्र पर रखेगा
03:29इतिहास कारों की माने तो इस रस्म का संबंध शौरे और मर्यादा से है
03:32मधिकाल में जब योद्धा युद्ध के मैदान में जाती थे तब वो मा का दूद पीकर निकलते थे
03:37इसका मतलब ये था कि वो युद्ध में ऐसा कोई भी अनैतिक काम नहीं करेंगे
03:41जिससे मा के दूद को लग जाए यानि शर्माए
03:43फिलाल आप क्या कहेंगे इस रस्म पर कॉमेंट सेक्शन में हमें लिक कर ज़रूर बताएं
03:46वीडियो को लाइक करें शर्क करें और चैनल को सबस्क्राइब करना बिल्कुल नभूलें
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