00:00हम संबीदेनिक रास्तों से हमारी लड़ाई लड़ेंगे या हाथ में अथ्यार लेकर निर्दोसों को मार डालेंगे
00:06अगर आप धमकाना चाते हैं ये डरने वाली सरकान नहीं है मानेवर किसी को भी अन्याय हो तो अथ्यार हाथ
00:13में उठा लेना ये लोकतांत्रिक तरीका है
00:16अपनी आइडियोलोजी के साथ जोडने की वहाँ पर अनुकुलता नहीं थी अगर विकास ही पैमाना होता अगर प्रती व्यक्ति आए
00:27ही पैमाना होता तो देश के बहुत सारे हिस्से ऐसे थे
00:32जहां सत्तर में विकास नहीं पहुँचा था वहाँ क्यों अक्सलवाद नहीं हो और मान्यवर आज तो मैं इस सदन में
00:42ये विचार को सिरे से खारिश कर रहा हूं
00:46हम लोक तंत्र में हैं हमने इस देश के सम्विधान को स्विकार किया है सम्विधान के माध्यम से ही आज
00:54इस महान सदन के हम सदस्य हैं अन्याय किसी को भी हो सकता है अन्याय किसी को भी हो सकता
01:03है विकास कहीं पर भी कम ज्यादा हो सकता है हम सम्विधनिक रास्तों से हमारी ल
01:17किस थियोरिका यहां से समर्तन हो रहा था मैं नहीं समझ रहा हूं अगर आप धमकाना चाहते हैं कि यह
01:26होगा तो यह भी अत्यार उठाएंगे यह होगा तो यह भी अत्यार उठाएंगे यह डरने वाली सरकार नहीं है मानेवर
01:33सबके साथ न्याय करने वाली सरकार किसी को भी अ
01:46समिदान के सारे बता हुए रास्ते सारे कुंद हो गए है बंद हो गए है कि जो वकील बन रहे
01:54हैं एक अत्यारी मुउमेंट के के कहते हैं हम अन्याय के खिलाप लड़ोगे समिदान को मानोगे या नहीं मानोगे
02:05किसी को भी अन्याय होता है इसका उपाए हमारे संविधान के अंदर नहीं थे अदालत यह बनी है विधान सबाए
02:14बनी जिल्ला पंचायत यह बनी है तैसिल पंचायत यह बनी है
02:33नरेंद्र मोधी की सरकार है जो थ्यार उठाएगा उसको हिसाब इस तरह से नहीं चलेगा
02:41सरकार संवेधन सिल सभी समस्याओं को सुनना चाहती है निराकरण भी चाहती है
02:49यही संसद ने धेर सारी योजनाय बनाई
02:53मगर इसका इंपलिमेंटेंशन भी आप नहीं करने दोगे
02:56क्योंकि आपकी आइडियोलोजी रॉपका अवेग सासन वहाँ पर चलता रहे
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