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दिल्ली: लोकसभा में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "जो लोग एक सशस्त्र आंदोलन के पैरोकार बनकर यह कहते हैं कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, मैं उनसे पूछता हूं क्या आप संविधान का सम्मान करेंगे या नहीं? यदि किसी के साथ अन्याय होता है, तो उसके लिए अदालतें स्थापित की गई हैं, विधानसभाएँ, जिला परिषदें और तहसीलें गठित की गई हैं। मैं यह कहना चाहता हूँ कि वह दौर अब खत्म हो चुका है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। जो कोई भी हथियार उठाएगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस तरह का बर्ताव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील है, वह सभी शिकायतों को सुनने के लिए तैयार है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है..."

Delhi: Speaking in the Lok Sabha on the fight against Naxalism, Union Home Minister Amit Shah says, "...We live in a democracy. We have adopted the Constitution of this nation... This is not a government that bows down to anyone's threats. This is a government committed to ensuring justice for all..."

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~HT.410~PR.516~ED.520~GR.538~

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Transcript
00:00हम संबीदेनिक रास्तों से हमारी लड़ाई लड़ेंगे या हाथ में अथ्यार लेकर निर्दोसों को मार डालेंगे
00:06अगर आप धमकाना चाते हैं ये डरने वाली सरकान नहीं है मानेवर किसी को भी अन्याय हो तो अथ्यार हाथ
00:13में उठा लेना ये लोकतांत्रिक तरीका है
00:16अपनी आइडियोलोजी के साथ जोडने की वहाँ पर अनुकुलता नहीं थी अगर विकास ही पैमाना होता अगर प्रती व्यक्ति आए
00:27ही पैमाना होता तो देश के बहुत सारे हिस्से ऐसे थे
00:32जहां सत्तर में विकास नहीं पहुँचा था वहाँ क्यों अक्सलवाद नहीं हो और मान्यवर आज तो मैं इस सदन में
00:42ये विचार को सिरे से खारिश कर रहा हूं
00:46हम लोक तंत्र में हैं हमने इस देश के सम्विधान को स्विकार किया है सम्विधान के माध्यम से ही आज
00:54इस महान सदन के हम सदस्य हैं अन्याय किसी को भी हो सकता है अन्याय किसी को भी हो सकता
01:03है विकास कहीं पर भी कम ज्यादा हो सकता है हम सम्विधनिक रास्तों से हमारी ल
01:17किस थियोरिका यहां से समर्तन हो रहा था मैं नहीं समझ रहा हूं अगर आप धमकाना चाहते हैं कि यह
01:26होगा तो यह भी अत्यार उठाएंगे यह होगा तो यह भी अत्यार उठाएंगे यह डरने वाली सरकार नहीं है मानेवर
01:33सबके साथ न्याय करने वाली सरकार किसी को भी अ
01:46समिदान के सारे बता हुए रास्ते सारे कुंद हो गए है बंद हो गए है कि जो वकील बन रहे
01:54हैं एक अत्यारी मुउमेंट के के कहते हैं हम अन्याय के खिलाप लड़ोगे समिदान को मानोगे या नहीं मानोगे
02:05किसी को भी अन्याय होता है इसका उपाए हमारे संविधान के अंदर नहीं थे अदालत यह बनी है विधान सबाए
02:14बनी जिल्ला पंचायत यह बनी है तैसिल पंचायत यह बनी है
02:33नरेंद्र मोधी की सरकार है जो थ्यार उठाएगा उसको हिसाब इस तरह से नहीं चलेगा
02:41सरकार संवेधन सिल सभी समस्याओं को सुनना चाहती है निराकरण भी चाहती है
02:49यही संसद ने धेर सारी योजनाय बनाई
02:53मगर इसका इंपलिमेंटेंशन भी आप नहीं करने दोगे
02:56क्योंकि आपकी आइडियोलोजी रॉपका अवेग सासन वहाँ पर चलता रहे
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