00:09लगभग आधी सदी तक मिडली इस्ट के देशों ने खुद को सस्ते और भरोसे मंद तेल सप्लाइर के रूप में
00:15पेश किये।
00:16लेकिन अब चल रहें तीसरे खाड़ी युद्ध के पाँचवे हफते में ये सीरीज पूरी तरह से तूट गई है।
00:22स्ट्रेट ऑफ हर्मुस के बड़े पैमाने पर बंध होने से दुनिया का लगभग 15% तेल अपने ग्राह कोंक तक
00:30नहीं पहुँच पा रहा है।
00:32लेहाजा सभी खाड़ी देशों ने उत्पादन घटा दिया है। जब माल बिक नहीं रहा तो नया माल बनाएगे।
00:38उधर इसराइल और अमेरिका इरान पर नकेल कसने के सपने भी देख रहे थे लेकिन साथ में उनके अपने पार्टनर्स
00:45के पिस गए।
00:46आपको भी ऐसा ही लग रहा होगा, मुझे भी ऐसा ही लग रहा था पर आप और हम दोनों ही
00:52गलत है।
00:53इस युद्ध में इरान को छोड़कर बाकी खाड़ी देशों की कमाई बुरी तरह गरी है जबकि इरान ने बता दिया
00:59कि युद्ध जितना लंबा खिचेगा वह उतना ज्यादा पैसा पीट देगा।
01:04कैसे आपको सब बताएंगे।
01:06नमस्कार, मैं हुसिधार्थ और आप देख रहे हैं One India
01:09दरसल जब इसराइल और अमेरिका ने इरान पर साजह हमले किये तो उन्हें लगा कि वह इरान को तोड़ देंगे
01:15और इरान की मिसालें तो हम तक पहुंशेंगे नहीं।
01:18लेकिन इरानी तो इरानी है, उनका IQ दुनिया में साथ वे नमबर पर है जो अमेरिका और इसराइल दोनों से
01:24काफ़ी उपर है।
01:26लिहाजा उन्होंने काम भी वैसा ही किया।
01:28उन्होंने वो खेल खेला ही नहीं जो उन्हें आता ही नहीं था।
01:32उन्होंने अमेरिका पर एक भी डिरेक्ट हमला नहीं किया, बलकि उसके उन सेन्याड़ों को निशाना बनाया जो खाड़ी देशों में
01:40हैं।
01:40साथ ही इन सभी खाड़ी देशों के तेल और गैस फैसिलिटीज पर भी जम कर कहर बर पाए।
01:46इरान की स्ट्रेटीजी देखकर पता लगता है कि उसे पहले दिन से पता था कि क्या करना है।
01:52उसने किया भी ठीक वैसा ही सीधा गर्दन दबोश लिए।
01:56इरान ने स्ट्रेट आफ हॉर्मुस पर हर उस जहाज को टार्गेट पर लिया जो बिना उसकी मर्जी के जा रहा
02:01था।
02:02अब इरान इन मुश्किल हालातों के बावजूद एक अपवाद बनकर उभरा है जो पैसा कमा रहा है।
02:08खाडी का वह अकिला देश है जिसके टेंकर लगातार स्ट्रेट आफ हॉर्मुस से गुजर रहे हैं और तेल भी सप्लाई
02:15कर रहे हैं।
02:15इरान अब तेल बेश का रोजाना लगभग दो गुना पैसा कमा रहा है यानि कि 28 फरवरी के पहले यदि
02:22वह 100 रुपए प्रती दिन कमा रहा था तो अब वह 200 रुपए प्रती दिन कमा रहा है।
02:27मज़े की बात देखिए कि यो दुम्हें भले ही दबाव में हो लेकिन एनरजी वार में आगे चला गया है।
02:33इरान कितने बेरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा है इसका सतीक डेटा निकालना अभी मुश्किल है।
02:39उसके टेंकर अब ज्यादा गुप्त तरीके से चलते हैं।
02:42सेटिलाइट इमेजडरी कम हो गई है और इलेक्ट्रोनिक इंटर्फेरेंस के कारण ट्रेकिंग भी कठिन हो गई है।
02:49एक विश्वस नहीं है, सोर्स के मुताबिक इरान फिलाल जो जाता 2.4 यानि की 2.4 से 2.8
02:56मिलियन बेरल तेल और पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात कर रहा है।
03:01इसमें 1.5 से 1.8 मिलियन बेरल कच्चा तेल है।
03:06जो की पिछले साल के उसत के बराबर या उससे थोड़ा सा ज्यादा है।
03:10खास बात ये है कि अब ये तेल ज्यादा कीमत पर बिक रहा है।
03:14इसलिए तेल एक्सपोर्ट की मात्रा में भले ही थोड़ी सी बड़ोत्री हुई हो पर तेल महंगा बिकने से तिजोरी दुगनी
03:21रफ्तार से भर रही है।
03:23एक और गजब की बात इरान ये व्यापार इरानी करंसी है डॉलर में नहीं बलकि चाइनीज करंसी यूआन में कर
03:30रहा है जिससे ट्रम्प की और सुलग रही है।
03:33इरान की तेल से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा आई आर जीसी के पास जा रहा है।
03:37आई एर जीसी के पास ही सत्ता की असली कमान इस वक्त में कही जा सकती है।
03:41वहीं चाइना इस पैसे के फ्लो को बनाए रखने में उसकी पूरी मदद कर रहा है और इरान का वार
03:48फंड एशिया में सुरक्षित रखा गया है।
03:51इरान का तेल व्यापार तीन चीजों पर चलता है।
04:21अपने अपने नेटवर्क के जरिये तेल बेशते हैं।
04:24मतलब तेल बेशना भी डिसिंक्रोनाइस कर दिया है।
04:27कोई ग्रूप तूटेगा भी तो उसका असर पूरे तेल नेटवर्क पर या पूरे एक्सपोर्ट पर नहीं पड़ेगा।
04:33इस नेटवर्क में अली शाम खानी जैसे बड़े नाम शामिल हो रहे हैं।
04:37उनके बेटे हुसेन भी शिपिंग और ट्रेडिंग बिजनेस समालते हैं।
04:41वहीं मौस्तवा खामनेई से जोड़े समू भी तेल व्यापार में जबर्दस एक्टिव हैं।
04:46IRGC ने शिपिंग सिस्टम पर भी मजबूत पकड़ बना ली है।
04:50यह स्टेट आफ हॉर्मोज और खाड़ी के बड़े हिस्से में ट्रांस्पोर्ट और कम्मिनिकेशन कंट्रोल कर रहा है।
04:56कई कंपनियां जैसे सहंद, सहारा, थंडर और पासरगार्ड भी इसी नेटवर्क का हिस्सा है।
05:02इरानी टेंकरों में देड़ सो से दो सो मिलियन डॉलर तक का कारवू होता है।
05:06इसलिए उन्हें सुरक्षित रखने के लिए खास इंतिजाम किये गए हैं।
05:10वहीं खार्ग आइलेंड से निकलने वाले जहाज अब इमर्जेंसी सिस्टम के साथ चलते हैं ताकि हमले की इस्तिती में तुरंट
05:17निकल सके।
05:18वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने खार्ग दूई पर हमले किये हैं और कवजे की धमकी भी दी है।
05:23इस से निपटने के लिए एरान ने जास्क, लावान और सिरी जैसे टर्मिनलों को एक्टिव कर दिया है जो मिलकर
05:30कुल निर्यात का 25 प्रतिशत समभाल सकते हैं।
05:34सप्लाइ कैसे हो रही हैं वो भी समझ लेते हैं।
05:37दरसल हर जहाश को IRGC से पास कोड लेना पड़ता है। इसके बाद हॉर्मूस के पास पहुंचने पर ये पास
05:43कोड रेडियो के जरिये वेरिफाई किया जाता है और तब जाकर IRGC की नावे जहाश को एसकौर्ट करती हैं।
05:51एक और चीज पहले टेंकर बीच रास्ते से गुजरते थे लेकिन अब किनारे किनारे गुजरते हैं जहाँ ज्यादा निगरानी होती
05:59है।
06:20कई बार बीच समंदर, खुले समंदर तेल दूसरे जहाज में ट्रांसफर कर दिया जाता है। मतलब इस हाथ से उस
06:27हाथ में। जबकि ट्रेकिंग पिछले जहाज की होती रहती है।
06:30अब आते हैं कि खरीदार कौन कौन है।
06:33इरान का 90 प्रतिशत से ज्यादा तेल सिर्फ चीन खरीदता है।
06:38खासकर शेडाउं की छोटी टी-पॉर्ट रिफाइनरियां इस तेल को प्रोसेस करती है।
06:43पहले इरान का तेल ब्रेंट से 18-24 डॉलर सस्ता मिलता था लेकिन अव्यायंतर घटकर 7-12 डॉलर ही रह
06:51गया है।
06:52कुछ मामलों में इरानी तेल ब्रेंट से भी महंगा हो गया है।
06:55चीन में कीमतों पर सरकारी कंट्रोल होने के कारण रिफाइनरियों को मुनाफ़ा थोड़ा सा कम मिल रहा है।
07:01लेकिन सप्लाय जारी रहने की भी अपनी खुशी है जो कि एशिया के कई देशों में अभी नहीं हो पा
07:07रही है।
07:08इरान ने पेमेंट लेने का सिस्टम भी गजब बना रखा है। पैसे ट्रस्ट अकाउंट के जो रिए चोटे बैंकों में
07:14ट्रांसफर होते हैं और इनके खाते शेल कंपनियों के नाम पर होते हैं जिससे पता ही नहीं चलता।
07:20इसके बाद इरान का तेल से कमाया गया पैसा चीन, भारत, तुर्की और अन्य देशों में ट्रांसफर किया जाता है
07:27जबकि कुछ पैसा चीन में ही रख दिया जाता है ताकि आयात के लिए इस्तिमाल हो सके।
07:33यह कह सकते हैं कि एक मौटी रखम जो है वो चीन के पास ही रहती है। यह पूरा नेटवर्क
07:38इतना उलजा हुआ है कि इसे ट्रैक करना बेहर मुश्किल है।
07:42हजारों अकाउंट्स के जरिए पैसा इधर से उधर किया जाता है जिस से हैस सिस्टम युद्ध के जटकों को जेल
07:47पाता है।
07:48पहले युए इभी इसका एक हिस्सेदार था लेकिन युद्ध के बाद इरान ने उससे वास्ता खतम कर लिए।
07:55अब लेंदेन और ज्यादा गुप्त तरीके से हो रहा है जिसमें कई लेयर की फरजी कंपनियां शामिल है।
08:01कुछ अकाउंट्स से अर्वो डॉलर निकाल कर दूसी जगाए शिफ्ट किये जा रहे हैं।
08:05साथ ही इरान के बैंक अकाउंट्स भी अब पूर्वी एशिया, ब्रिटेन, जर्मनी, जॉर्जिया, इटली और रोमानिया तक फैले हुए।
08:12यह नेटवर्क इतना बड़ा है कि इसे रोकना लगभग लगभग नामुम्किन है।
08:17इतनी उलजी हुई व्यवस्था के चलते ईरान का तेल कारोबार बंद करना बेहत मुश्किल है।
08:23जब तक उसके पूरे ऊर्जा धांचे पर हमला नहीं होता, तब तक यह सिस्टम चलता रहेगा।
08:28और पूरे ऊर्जा धांचे पर हमला मुश्किल है।
08:31युद्ध कितना भी लंबा क्यों न हो जब तक उसके पूरे उर्जा धांचे पर हमला नहीं होता तब तक यह
08:37सिस्टम ऐसे ही चलता रहेगा भले ही युद्ध कितना भी लंबा क्यों न खिच हुजाए तो जब सब खो रहे
08:44हैं तब इरान जबरदस्त पा रहा है
08:47हमारे इस एक्स्प्लेनर पर आपकी क्या राय है और आपकी क्या राय है इस युद्ध पर हमें कॉमेंट में जरूर
08:53बताएं
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