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Mahua Moitra का LPG Crisis पर बड़ा हमला, Khamenei का नाम लेकर Modi Govt को क्यों घेरा? इस वीडियो में देखिए कैसे महुआ मोइत्रा ने संसद से सड़क तक मोदी सरकार की विदेश नीति और घरेलू महंगाई पर धज्जियां उड़ा दीं।

TMC MP Mahua Moitra has launched a scathing attack on the Modi government over the rising LPG crisis and inflation. Linking the current geopolitical situation involving Iran's Khamenei and the Israel conflict, she questioned PM Modi and Home Minister Amit Shah's priorities. This video analyzes her latest statement and the political storm it has created regarding domestic fuel prices and India's diplomatic stance.

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Transcript
00:00ये कितनी विडंबना है जब आज भारत दुनिया के कई अन्य हिस्सों के साथ दक्षिन पंथी आतंक से जूज रहा
00:06है जब पश्चिम एशिया का संकट पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रहा है
00:11जब इस सरकार ने न तो यह बताया कि इरान इराक इसराइल युद्ध से दो दिन पहले हमारे पीएम इसराइल
00:19में क्या कर रहे थे और नहीं जनता को उर्जा संकट पर कोई सपष्ट रोड मैप दिया है
00:26पेट्रोल पंप के बाहर कतारें लग रही है जब एलपीजी सिलेंडरों की काला बाजारी हो रही है
00:30जब मंत्राले ने हवाई किराय की सीमा हटा दी है और किराय बढ़ गए हैं अचानक आप वामपंथी उग्रवात पर
00:37चर्चा कर रहे हैं
00:38क्यों क्योंकि यह संकट ग्रस्त सरकार और विशेश रूप से माननिय ग्रह मंत्री इसे अपनी पीठ थप थपाने के बहाने
00:47के रूप में इस्तिमाल करना चाहते हैं
00:49फाचपा सांसदों और सहयोगियों का खड़े होकर कहना कि अमित शाह जी कितने महान है
00:57हम इस चर्चा और इसके समय को समझते हैं यह दुनिया और भारत की सडकों पर चल रही अन्य बातों
01:04से सिर्फ ध्यान भटकाने वाला है
01:06अब जब हम भारत में वामपंथी उग्रवात को देखते हैं तो यह कहां से शुरू हुआ
01:12इसे मेरे राज्य पश्चिम बंगाल के सिली गुडिक शेत्र में नकसलबाडी के किसान विद्रोह से जोड़ा जा सकता है
01:191967 में चारू मजूमदार कानू सान्याल और जंगल संथाल के नेत्रित्व में एक आंदोलन चला
01:25इसे 1969 में CPI एमेल यानि भारतिय कम्यूनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी का जन्म हुआ
01:33जो पश्चिम बंगाल से अन्य राज्यों में फैला और आज भी जारी है
01:372004 में पीपल्स वार और भारत के माववादी कम्यूनिस्ट सेंटर MCCI ने मिलकर CPI माववादी पार्टी बनाई
01:47अब माव ने गुरिल्ला युद्ध के बारे में खुद क्या कहा था
01:51माव ने कहा था गुरिल्ला को जन्ता के बीच ऐसे घुलना मिलना चाहिए जैसे मचली पानी में
01:58तो जो पश्चिम बंगाल के एक छोटे से कोने में एक क्रिशी विद्रो के रूप में शुरू हुआ था
02:04धीरे धीरे पूरे भारत के लिए एक बड़ा आंतरिक सुरक्षा खत्रा बन गया
02:09जो 2000 के दशक के अंत में चरम पर था
02:122011 में जब LWE अपने चरम पर था भारत के लगभग 800 जिलों में से 180 जिले
02:20यानि लगभग 22% LWE की चपेट में थे और एक रेड कॉरिडोर था
02:25यह रेड कॉरिडोर मध्य और पूर्वी भारत में फैला हुआ था
02:28इसमें 36 गड़, महाराश्ट्र, आंद्रप्रदेश, तेलंगाना, जारखंड, ओडिशा, बिहार और बंगाल के कुछ हिस्से शामिल थे
02:37समय के साथ यह गलियारा काफी सिकुड गया है
02:40अब यह मुख्यता तीन राज्यों तक सीमित है, ज्यादा तर 36 गड़, जारखंड, महाराश्ट्र के कुछ हिस्से
02:47यह विद्रो गुरिला युद्ध से चलाया गया था, इसने पुलिस, नागरिक बुनियादी धांचे और नागरिकों को निशाना बनाया
02:54जिससे सैकडों हजारों नागरिकों की मौत हुई
02:56लेकिन वामपंथी उग्रवाद रातो रात नहीं पनपा, यह अचानक जमीन से नहीं निकला
03:03इसकी जड़ें सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक हैं
03:07मूल भूमी का शोशन, आदिवासियों का विस्थापन, उनके प्राकृतिक संसाधनों की लूट
03:12और लगातार सरकारों द्वारा गरीब व आदिवासी क्षेत्रों की एतिहासिक उपेक्षा इसके कारण है
03:19अब LWE को केवल कानून व्यवस्था की समस्या के रूप में देखा या सुलजाया नहीं जा सकता
03:26ये कहीं अधिक जटिल समस्या है जिसके लिए बहु आयामी द्रिश्टी कौन चाहिए
03:31हेंरी किसिंजर ने कहा था कि पारम पर एक सेना हार जाती है अगर वह जीतती नहीं
03:37लेकिन गुरिल्ला जीतता है अगर वह हारता नहीं
03:40जब तक वह है हारा नहीं है आज भाजपा कहेगी कि उन्होंने LWE मुद्दा सुलजा लिया है
03:48लेकिन यह कोई रुबिक क्यूब नहीं है जिसे आप बस हल कर सकें
03:52यह इतना आसान नहीं सच तो यह है कि LWE समाधान सरकारों ने
03:572000 के दशक की शुरुआत से ही अपनाया है जब UPA मनरेगा और 2006 में
04:031 अधिकार अधिनियं लाई और इस कानून ने पहली बार आदिवासियों को
04:08जमीन और जंगल पर अधिकार दिये और एकिकृत कार्य योजनाओं ने
04:13विकास का विकेंद्री करण भी किया जहां जिला कलेक्टरों और स्थानिय अधिकारियों
04:17को आदिवासी क्षेत्रों की स्थानिय जरूरतों के प्रती लचीला पन था तो जिस सफलता की बात भाजपा सरकार कर रही
04:24है उसके सहयोगी ढोल पीट रहे हैं वह एक नीति का परिणाम है
04:28क्या यह पूर्ण उन्मूलन की नीति का नतीजा है जहां हत्याओं में भारी वृद्ध हुई है क्या इससे सफलता कहेंगे
04:36LWE क्षेत्रों में 2019 से 2025 के बीच हत्याओं में 121 प्रतिशत की वृद्ध हुई है जबकि इसी अवधी में
04:46LWE गिरफतारियों में 26 प्रतिशत की कमी आई है
04:49हत्याओं बढ़ती हैं गिरफतारियों घटती हैं तो क्या आप उन्हें बस खत्म कर रहे हैं या आत्मसमर्पन करवा रहे हैं
04:56इसमें बहुत बड़ा अंतर है
04:592021 से 2024 के बीच LWE के कारण लगभग 1300 मौते हुई सबसे ज्यादा 36 गड़ में 800 से अधिक
05:07फिर जारखंड लगभग 300 महाराष्टर और मध्यप्रदेश में
05:11पश्चिम बंगाल में पिछले तीन सालों में शून्य मौते हुई हैं लेकिन हत्याएं बढ़ने के अलावा सरकार ने इन इलाकों
05:22के लिए और क्या किया है आईए फंड्स देखें
05:25अप्रियुक्त निधियों को देखें तो वामपंथी उग्रवाद LWE क्षेत्रों के लिए सुरक्षा संबंधी खर्च और विशेश बुनियादी डांचा योजनाओं के
05:3514 प्रतिशत फंड का उप्योग इस सरकार द्वारा वित्तिय वर्ष 2026 में नहीं किया गया जो अभी स
05:43समाप्थ हुआ है सुरक्षा बलो को देखें तो जम्मू कश्मीर और मणीपूर के बाहर इस क्षेत्र में उनकी तैनाती चरम
05:51पर है ये सबसे सैन्निकृत क्षेत्र हैं केंद्रिय सशस्त्र पुलिस बलो में 2025 तक एक लाग से ज्यादा रिक्तिया हैं
05:59और 2024-25 में रिक्तियों
06:03की व्रिद्धी हुई है आत्महत्याओं को देखें इन क्षेत्रों में CRPF की भारी तैनाती के साथ पिछले तीन सालों में
06:11लगभग 160 आत्महत्याएं जो 2024-25 के बीच 22% बढ़ी अगले डेटा पर नज़र डाले CRPF में इस्तीफे 2020
06:22और 2025 के बीच 290 प्रतिशत बढ़ गए
06:28पांच सालों में तीन गुना व्रिद्ध आदिवासी अधिकार सुकमा में 2017 में 25 CRPF जवानों की मौत का गलत आरोप
06:38121 आदिवासियों पर लगा उन्हें बरी कर दिया गया पहले उन पर UAPA के तहत मुकदमा चला और जेल हुई
06:46राष्ट्रिय जांच एजेंसी ने उन्हें �
06:48बरी तो किया परवे 2017 से अब तक सालों जेल में रहे आए LWE क्षेत्रों में बुनियादी धांचे को देखें
06:55सरकार ने क्या किया है ग्रामीन विकास और पंचायती राजसंबंदी स्थाई समिती की रिपोर्ट में जिसकी अध्यक्षता मेरे मित्र सब्तगिरी
07:02उलका कर रहे
07:05हैं अब PMGSY के तहट एक और आयाम है जो LWE क्षेत्रों के लिए सडक संपर्क परियोजना है अब इसे
07:122016 में लॉंच किया गया था इसे पूरा करने की समय सीमा 2020 थी इसे 2025 तक बढ़ाना पड़ा 12
07:21,000 किलोमीटर सडकें स्विकृत की गई आप तक केवल 9500 पूरे हुए हैं 2700 कि
07:30छूता पड़ा है फंड अभी भी है इन क्षेत्रों में शिक्षा एकलव्य मौडल आवासिय विद्याले हैं इन LWE क्षेत्रों में
07:3931 प्रतिशत विद्याले गैर कार्यशील है कुल स्विकरत गैर शिक्षन पद 79 प्रतिशत खाली है कोई शिक्षक नहीं है 70
07:49प्रतिशत पद �
07:50इन ख्षेत्रों के आदिवासियों के बच्चों को शिक्षा कैसे मिलेगी आईए इसके ठीक विपरीत हमारे पश्चिम बंगाल राज्य को देखें
07:59मम्ता बनजी सरकार के पहले 6 साल 2011-17 में 328 LWE उग्रवादियों ने आत्मसमरपन किया और 225 का पुनरवास
08:08हुआ
08:09पिछले 3 सालों में बंगाल में जाड ग्राम में बांकुडा में पुरुलिया में पश्चिम मेदिनिपूर में एक भी LWE घटना
08:17नहीं हुई है
08:18और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि उन क्षेत्रों के लोगों को कल्यान वितरन के नागरिक विकास मॉडल में एक
08:26ही कृत किया गया है
08:27तो हम उन्हें सुविधाएं देने के लिए सैन ने शिविरों का उप्योग नहीं कर रहे है
08:31जैसा 36 गड में करना पड़ रहा है
08:33सामान्य दौारे सरकार शिविरों के सुविधाएं इन लोगों तक वैसे ही पहुँचती है
08:36जैसे कोलकाता या नदिया या मुर्शिदाबाद में किसी तक
08:39आज भी जब ग्रिह मंत्राले अपनी पीठ थपथपा रहा है
08:4336 गड का बस्तर जहां भाजपा 2023 में सत्ता में लोटी
08:48जम्मू कश्मीर और मनिपूर के बाहर भारत के सबसे अधिक सैन्निकृत क्षेत्रों में से एक है
08:53ग्रिह मंत्राले के आंकडों के अनुसार 13 दिसंबर 2025 तक
09:00नकसल प्रभावित क्षेत्रों में सुद्रड पुलिस स्थानों की संख्या
09:042014 में 66 से बढ़कर 586 हो गई है
09:09इस पृद्ध को देखिए
09:11सरकार के बार बार के दावों के बावजूद की माउवादी प्रभाव काफी कम हो गया है
09:17और बस्तर में सामान्य स्थिती लोट रही है
09:20विसैनिकरण या सैनिकों की चरण बद्ध वापसी का कोई संबंधित संकेत नहीं है
09:27अगर हालात सामान्य हो रहे हैं और LWB खत्म हो गया है
09:30तो आपके सैनिक अभी भी वहाँ क्यों है और यह इलाका इतना सैनिकरित क्यों है
09:35यह पहला सवाल है
09:35इस संबंध में 36 गड़ में एक विशेश चिंता जनक बात यह नयाय नेलनना योजना है
09:40जिसे 36 गड़ में भाजपा सरकार ने 20-24 में शुरू किया है
09:44अब सरकार का कहना है कि यह दूर दराज के इलाकों में आदिवासियों के लिए एक कल्यान कारी योजना है
09:50इसके तहट 160 आंगनवाडी केंद्र काम कर रहे है
09:54लेकिन असल में आवश्यक सेवाएं जैसे सार्विजनिक, राशन, स्वास्थिय, शिक्षा
10:00सभी सैन्य शिविरों के पास दी जा रही है
10:03इससे गंभीर चिंताएं बढ़ रही है
10:05क्योंकि कल्यान कारी सेवाएं नागरिक आधारित और अधिकार आधारित होनी चाहिए
10:11अब ये सैन्य क्षेत्रों से संचालित हो रही है
10:15अपने हक के लिए आपको काटेदा शिविर में जाकर पहचान पत्र और पांच सैनिकों से बात करनी होगी
10:23तभी आपको आपका हक मिलेगा यह लोकतंत्र के लिए मौत की घंटी है कल्यान को अधिकार से नियंत्रित पहुँच में
10:32बदलना और 36 गड़ के प्रभावित समुदायों से लगातार आरोप है कि कई शिविर और उनसे जुड़े धांचे पंचायत अनुसूचित
10:40क्षेत्र व
10:52बनाये गए हैं इस सरकार के तीन साल में LW क्षेत्रों में संघर्ष से सामान्य स्थिति नहीं आई है नहीं
10:59मेरे पास तीन मिनिट और हैं सरक्षा केंद्रित शासन मॉडल का जमाव हुआ है अब मेरे पास कुछ प्राथमिक सवाल
11:06है जो मैं ग्रह मंत्राले से पूछना चाह
11:20है दूसरा क्या सरकार LWE में स्थापित सभी सुरक्षा शिवीरों का जिलावार विवरन पेश करेगी और क्या ये क्षेत्र के
11:28आदिवासियों की भूमिव अधिकारों का उलंगन करते हैं और फरजी मुटभेड न्यायेतर हत्याओं में जवाब देही सबसे अहम क्यों बस
11:50सर एक मिनट कृपया मुझे बात पूरी करने दें सर ये एक महत्वपूर्ण चर्चा है हमने इसके लिए कहा है
11:56सदन खाली है सर चार घंटे मिले हैं अब यह सब इस सब मेरा समय सर में तो मैं अकेला
12:02बगता हूँ आपका समय सिर्फ तेरह मिनट है मैं तेरह मिनट दे चुका
12:24आप पूरी आबादी को आतंकवादी आबादी बना रहे हैं सर मेरा एक आखिरी सवाल है DRG यह बहुत जरूरी है
12:33DRG यानि डिस्ट्रिक्ट रिजर्फ गार्ड आत्म समर्पित माववादियों की एक सहायक सेना थी सरकार आज इने सफलता की रीड बता
12:41रही है लेकिन ये गं
12:50अलवा जुरूम के खिलाफ है श्री श्री जी आउर्रेमान जी मुझे अपनी बात पूरी करने दे बस आखिरी का खत्रा
12:57मिटाने के लिए हमें विश्वास जीतना होगा यह इलाका जीतने की बात नहीं लोगों को डर छोड़ना होगा सिर्फ बंदू
13:04के नहीं यह जरूरी ह
13:06जब तक यह नहो अपनी पीठ न थपठ पाएं धन्यवाद
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