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Kamada Ekadashi Vrat Katha:कामदा एकादशी व्रत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है। साल 2026 में कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च को रखा जाएगा। कामदा एकादशी का व्रत रखने वालों को व्रत कथा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए, तभी व्रत का पूर्ण फल आपको प्राप्त होता है। आइए जानते हैं कामदा एकादशी की व्रत कथा।


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~PR.115~HT.408~ED.464~

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00:00कामका एकदशी वरत चेत्रमा के शुक्ल पक्ष की एकदशी तिथी को रखा जाता है
00:04इस दिन भगवान विश्नु की पूजा करने से शुब फल प्राप्त होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है
00:09साल 2026 में कामका एकदशी का वरत 29 मार्च को रखा जाएगा
00:14कामका एकदशी का वरत रखने वालों को वरत कथा का पाठ भी जरूर करना चाहिए
00:18तब ही वरत का पूरा फल आपको मिलता है
00:20आए जानते हैं कामका एकदशी की वरत कथा
00:23धार्मिक मानेताओं के मताबिक कामका एक अदशी की वरत कथा गुरु वशिष्ट जी ने भगवान राम के पूरवज राजा दिलीप
00:29को सुनाई थी
00:30कथा के मताबिक प्राचीन समय में भोगीपुर नाम का एक नगर था जहां पुंडरीक नाम का एक राजा राज्य करता
00:36था
00:36भोगीपुर में ही एक ललित और ललित नाम के पति-पत्नी भी निवास करते थे और पति-पत्नी के बीच
00:41गहरा प्रेम था
00:42ललित राजा पुंडरी के दर्बार में संगती सुनाता था
00:44एक बार गंधर्वों के साथ ललित राज दर्बार में संगीत सुना रहा था
00:48गाना गाते वक्त उसका ध्यान अपनी पतनी पर गया और ललित का सुर बिगड़ गया
00:52राजा ने इसे अपना अपमान माना और राजा क्रोधित हो गया। क्रोध में आकर राजा ने ललित को राक्षस बने
00:58का श्राप दे दिया। राजा के श्राप के प्रभाव से ललित मास खाने लगा और उसका चहरा भी राक्षसों के
01:04समान भयानक हो गया। इसके बाद भी लल
01:19ललित उस आश्रम में गई और वहां जो मुनी थे उनको प्रणाम किया। रिशी ने ललिता से पूछा कि तुम
01:26कौन हो। ललिता ने अपना नाम बताया और साथ ही अपने पती को मिले श्राप के बारे में भी बताया।
01:31दुख्यारी ललिता को देखकर मुनी को तरस आ गया और
01:33उन्होंने ललिता को बताया कि इस समय चेतर महा चल रहा है और चेतर महा की एकादशी का वरत रखने
01:39से उसका पूर्णे अपने पती को देने से वो ठीक हो सकता है
01:43मुनी की बात को सुनकर विदी विधान से ललिता ने कामका एकदशी का वरत रखा और द्वादशी ती ठीक वो
01:48वरत का पारण मुनी के सामने किया
01:50इसके साथी ललिता ने कामका एकदशी का पूर्णे फल अपने पती को दिया
01:54वरत के शुब परभाव के कारण ललित धीरे धीरे ठीक होने लगा इसके बाद पती पतनी मिलकर एकादशी वरत का
02:01पालन निरंतर करने लगे और उनके जीवन में खुशियां लौट आई
02:07जैसे ललित के हुए और जीवन में खुशाली आती है फिलाल इस वीडियो में इतना ही उमेद आपको ये जानकारी
02:12पसंद आई होगी वीडियो को लाइक करें शर करें और चानल को सब्सक्राइब करना बिलकुल नब भूलें
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