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DD-1 पर फेमस शो Shaktiman में Tamraj Kilvish से लेकर देवों के देव महादेव में राजा दक्ष तक कई किरदार निभा चुके Actor Surendra Pal Singh ने Oneindia Hindi से खास बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने रामायण में द्रोणाचार्य के किरदार से लेकर उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स को खुलकर डिस्कस किया। सुरेंद्र पाल सिंह ने अपनी जिंद के वो भावुक पल भी वनइंडिया से साझा किए जब उनके जीवन में उतार-चढ़ाव आए। उन्होंने बताया कि कैसे उनके पिता यूपी कैडर के एक बड़े अधिकारी थे जो उन्हें भी एक अधिकारी बनाना चाहते थे लेकिन वे कैसे मुंबई पहुंचे और अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की।


#SurendraPalSingh #Shaktimaan #Kilvish #DevokeDevMahadev #Acting #Bollywood #Cinema #Podcast #Interview

~HT.96~ED.108~GR.122~

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00:00और क्या कभी लगा था कि वो रोल आपकी ताउमर की पहचान बन जाएगी?
00:30पहला एपिसोर आया तो लोगों ने बहुत तारीफ की शिपाल यादव से आपकी यूपी के सुपर सीम थे वो पूरू
00:36बड़ी अच्छी दोस्ती है
00:38फिल्म लाइन में जाने से पहले से ते उससे भी पहले से दे उससे भी
01:13कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो असलियत को पूरी तरह से बदल देते हैं और ता उम्र उनकी चाप आपके
01:21जीवन पर पड़ जाती है अगर आप मेरी उम्र के हैं तो आप भी उस जमाने के होंगे जब डीडीवन
01:27पर शक्तिमान आता था हमारे घरों में अकसर एक खौफ से हमक
01:38ज़्यादा डरा कि कहीं किलविश से मेरा सामना ना हो जाए और चाहते या ना चाहते हुए भी आज किलविश
01:46हमारे सामने है बहुत बहुत स्वागत है सुरेंदर पाल सर आपका वन इंडिया के साथ सबसे पहले मैं किलविश से
01:56ही शुरुआत करना चाहूंगा कैसे वो रो
02:05आपकी ताउमर की पहचान बन जाएगी बिल्कुल भी नहीं सोचा था क्योंकि मैं उससे पहले मेरा महाभारत टेलीकास्ट हुआ था
02:12और टेलीकास्ट इतना बड़ा हिट हुआ था ये शो महाभारत कि आप सोच भी नहीं सकते हैं
02:21मतलब घर-घर की कहानी बन गई थी हिंदोस्तान की सड़के में सड़कों पर कर्फियू लग जाता था जब महाभारत
02:28आती थी और महाभारत के बाद द्रोनाचार का इतना इंपोर्टन केरेक्टर इतनी उसकी रिलिजियस वैल्यू और इतनी शद्धा उसके प्रती
02:38लोगों की
02:39कि गाऊंवाओं में जब मैं जाता था तो औरतें जो थी पाऊंचुने के लिए आ जाती थी तक इतनी शद्धा
02:46वाला अदमी को अगर किलिविश का रोल मिल जाएगा तो वो तो फिर बिलकुल आपोसिट हो जाता उसका बिलकुल आपोसिट
02:53होता बट का हम तो कलाकार हैं हम
02:56तो हर तरह के रोल करने के लिए हम आतुर रहते हैं कि भई हमें कोई अच्छा रोल मिले कोई
03:02चैलेंजिंग रोल मिले कोई ऐसा रोल मिले
03:04जिससे हम अपनी चाप एजे कलाकार बना पाएं जी तो इसी में इसी दौर में मुकेश खन्ना हमारे साथ बीशम
03:14पिदामा थे द्रोनों में और वो हमें पता लगा कि वो शक्तिमान नाम का सीरियल बना रहे है और उसमें
03:23जो है शक्तिमान जो है हवा में उड़े गाई ये हो�
03:31जैसे हमने बच्पन में कहानिया सुनते थे और तो इसी तरह हमें लगा कि अब इसमें भी कुछ ऐसे ही
03:38होगा तो हम मैं मुकेश जी के पास गया मैं मुकेश इसमें विलन का रोल मुझे दे दो किल्विश तो
03:45मुकेश बोला नहीं भाई इसको सिर्फ एक ही आदमी कर सकता है
03:48हिंदुस्तान में कोई नहीं कर सकता है मैंने का कौन मुले अमरीश पुरी जी कर सकते हैं और कोई नहीं
03:54कर सकता है मैंने का तुम दो गया नहीं तो कोई करेगा कैसे तुम दो तो पहले मुला नहीं नहीं
04:00मेरी अमरीश जी से बातचीश चल रही है और अमरीश जी फाइनल हो
04:04वर्ट उनलास मु मुमेंट पर का है कि मैं जो फिल्म में बाट बिजी हुए आपना होने के लागए मैं
04:10फिर पोगने के उनका हो जां चाही तो, बहुंग को तो, किया करो गयों कि को फिर मैंने इसका विडूना
04:19है, खुदा गवामें मैंने अमित अप जी के साथ काम किया था �
04:22तो उसमें उनका विग मिल गया मुझे
04:24फिर मैंने उसकी नाख पकड़ी
04:27आर्टिफिशल नाख बनवाई
04:28उसको लगाया फिर मैंने अपना
04:30आई मेक अप किया वाइट मेक अप किया
04:32मैंने नेल्स लगाया
04:36बड़े बड़े जो ऐसे देखे लिए
04:37छेहां उसे फिर मैंने अपने डांद गंडे किए उसको काला पेंट लगा लगा के और गम लगा के गम के
04:45इतनी गंदी पास आती थी मुभम में पूछव इमद यह सब करने के बाद फिर मैंने पैटिंग लगया उस-
04:56क्योंकि हमें किलविश का कुछ मिल नहीं रहा था
05:00कोई वेरबाउट्स नहीं मिल ले थे मुझे कि मैं विलन करना है तो उसमें ये डाल देंगे ये कर देंगे
05:05अरे यार उसने वो रोल किया था अरे गंपर सिंग ने ये किया था वो किया था
05:10तो ये किरदार आपकी ही दिमाग की उपच था
05:13कि इसको ऐसा दिखना चाहिए
05:14जी बिलकुल
05:17इसका कहीं कोई रिफरेंस टू कॉंटेस्ट
05:19नहीं मिलना था
05:20और ओलिवुड में भी नहीं मिलना था
05:22विश्वास कीजिए मैंने बहुत सारे कॉमिक्स भी देखे
05:25जिस से मुझे कुछ उसका पता लगे नहीं मिला
05:27सम्म हाध मैंने ये पकड़ा
05:29पहले था
05:30फिर मैंने ये पकड़ा इसको
05:34अधेरा कायम रहे हमेश
05:37फिर मैंने ये पकड़ा उसको
05:39अपने ओपर
05:40शेड़ डाल
05:41मैं डायलॉग बोल रहा हूं और नीचे मेरे हाथ चल रहा है
05:43तो डायलॉग बोलना और यह हाथ चलाना
05:46वस वरी डिफिकल्ट फो में
05:48ना दोनों कॉम्बिनेशन
05:50जी जी जी जी तो यह सब करने के बाद
05:53मुझे वो शो मिला
05:54और जब पहला एपिसोड आया
05:55तो लोगों ने बहुत तारीफ की उष्शो की
05:58मेरा डिरेक्टर बहुत अच्छा था
06:00वो सुभाजगई का चीफ एस्टेंट हुआ करते थे
06:05अपना
06:05खन्या साब
06:07तो खन्या साब वरी वरी
06:09नाइस डिरेक्टर आइकर से
06:11वहाँ अच्छी तैसे शूट आथ
06:13वो मुसे कहते हैं क्या करोगे तुम
06:14क्या करोगे बताव चरो करो करो
06:18तो मैं कभी
06:19एपरन लेकर उड़ता था यह करके
06:22जैसे मैं एक
06:23स्टूल पे चड़ आता था वहाँ से कूटता था
06:26के
06:27फिर मैं डालोग बोलना शुरू करता था
06:29यह करता था
06:30मतलब कुछ कर करके दिखाता था उनको
06:32तो वो हमेशे यह वेट के देखते थे
06:36ओके ओके ओके ठीक करो
06:39फिर वो उस हिसाब से कैमरा अपना प्लेस्मेंट करते थे
06:42फिर वो सारी चीज़ें रिकॉर्ड होके
06:44रिकॉर्ड होके वो फिर पब्लिक के सामने आती थे
06:47कैसे इंसान है मुकेश खना जी
06:49बहुत अच्छा आदमी
06:52बहुत अच्छा दोस्त
06:54बहुत अच्छा एक्टर
06:56और उनको सिनमा जगत की बहुत जादा नॉलेज भी है
07:00मैं यह भी ओलूँगा
07:01क्योंकि जब वो महाभारत में मेरे साथ काम करते थे
07:06और जब वो डायलॉग बोलते थे
07:09तो मैं खुद उनको कहता था
07:11कि मुकेश यो आर वेरी कॉट वेरी कॉट
07:14और जब शक्तिमान भी उन्हें किया है
07:17डबल रोल उन्हें किया एक कामेडी का किया
07:21और यह वो गया
07:22वो भी बहुत इछा था
07:23हाँ एकर टाम पर गंगा भा да
07:25और बहुत समझदार आदमी है
07:27बहुत अच्छे इनसान है
07:28मेरे बहुत अच्छे दोस्त है
07:30आज भी मेरे बहुत अच्छे वना दो बेस्ट फ्रेंड है और हम दोनों अक्सर मिलते रहते हैं और मैं उनके
07:36अक्सर उनके ऑफिस में एक खाना 24 आवर्स उनने गरीबों के लिए खाना रखा हुआ है जहां किसी भी टाइम
07:43आप जाएए आपको खाना ज़रूर मिल जाएगा म
07:46मुकेश के ऑफिस में तो मैं आज भी जाता रहता हूं उनके पास उनसे बाते बाते होती हैं हमारी बड़ी
07:51इंटरेसिंग बाते हैं कई बार बड़ी अच्छी इंस्पिरेशन भी देते रहते हैं हम लोगों को शक्तिमान को रिमैक्ट लाने की
07:59कोशिश चल रही है हाँ उनक
08:15ने डाले थे हर कलाकार जो है उतनी जान नहीं डाल सकता है बिलकुल इस बात से मैं सौप्रोटिशा तैगरी
08:21करूंगा आपकी करने को कोई भी कर सकता है कोई पर वो स्वाद नहीं आएगा वो नहीं आ सकता है
08:27मुकेश खना जी नए जमाने के सिनेमा को क्रेटिसाइज करते ह
08:34जैसे खुद क्रिटिसाइज हो जाते हैं
08:35आप नए जमाने के सिनिमा को कैसे देखते हैं
08:38जो एक तरीके से आरोप लगते हैं
08:41कि अशलील ता परोसी जा रही है
08:43या फिर ये वक्त का बदलाओ है
08:45देखिए जो मुकेश बात कहते हैं
08:47वो गलत तो नहीं कहते हैं
08:48जाके तो बहुत सही कहते हैं
08:50उनको अशलील चीजों से कभी भी
08:52महबत नहीं थी नहीं उस चीज़ को
08:54फरोसान देते हैं
08:56जस तरह से हमारे टिलिविजन में
08:59चीजें परोसी जा रही है
09:01वो वेस्टन कल्चर जादा है
09:03उसमें इंडियन कल्चर नहीं है
09:05हमारा इंडियन कल्चर है हमारी महाबारत रामायड महादेव और यह सब हमारा कल्चर है रामचर इतमारस अगर आप पढ़ ले
09:14तो मैं कहता हूं भाई भाई उम्में जगड़े ना हो जैसे शादी के बाद अक्सर प्रॉपर्टियों कर लेके जगड़े हो
09:20जाते हैं भाई भा
09:33क्लचर को ज्यादा एडॉप्ट कर रहे हैं जो कहीं ना कहीं मैं इस बासे डिफर करता हूं क्योंकि कहीं ना
09:40कहीं हमारा हमारे जो संसकार हैं वो हमारे माबाब में जो हमको संसकार दिये हैं वो हमारे इंडियन संसकार है
09:46भारती संसकार हमने भारती संसकृती में अपना अप
10:01कि तरफ लेके जा रहा है कहीं ना कहीं दिल तो दुकी होता है और वो बात को बहुत openly
10:07कह देते हैं हम लोग जो है उस बात को बहुत openly कह नहीं पाते हैं पर मन में सबके
10:12रहता है जी जी मन में रहता है और फिर कहे भी क्यों ना एक एक्टर जिन्होंने महावारत में योगदान
10:18
10:18हो serial में और फिर वो यह सब देखते हैं तो जाहिर सी बाते मन
10:23में बहुत सारे ख्याल आते ही होंगे शिदात मैं तो पूरी कोशिक्षिश
10:26इस बात की करता हूँ कि मैं जो भी serial करूं या धारवाही करूं उसमें
10:30इस तरह की गंदगी ना हो
10:33जिसमें कि हमारा वेस्टन कल्चर
10:35की जलक जादा हो
10:38मतलब उसमें अपनी
10:39संस्कृती ना दिखे
10:41हमारा जैसे वेस्टन कल्चर
10:43क्या है एक लड़की शादी होकर
10:45आती हो पहले बड़े भाई से शादी कर लेती है
10:47फिर छोटे वाले से दुश्मनी लेने के लिए
10:49कर लेती है फिर वो घर में
10:51माँ से बदला लेने के लिए बाप से शादी
10:53कर लेती है तो यह सब जो है
10:55वेस्टन कल्चर है यह हमारा कल्चर नहीं है
10:57पर हमारे समाज में
10:59इस तरह के किस से जग ले रहे हैं
11:02और लोग है और दिखाते है राम जैसा फादर दिखा रहे हैं सीता जैसी मा दिखा रहे हैं फिर कहते
11:08हैं राम एक दिन लंडन गया था वह उसने शराफ पिली और लड़की के साथ सो गया उससे बच्चा पैदा
11:14हो गया वो बच्चा घर में आकर कहता है यह प्रापर्टी में म
11:30हम नहीं करते हैं, हम बता रहे हैं, हम तो openly इस बात के लिए कहते हैं, हम गंदे सीरियल
11:34में काम नहीं करते हैं, कोई करेगा भी तो हम उसको रोक देंगे, हम नहीं करेंगे, और मैं तो डायलोग
11:38भी नहीं बोलता हूं, मैं नहीं बोलता हूं, अब यह कोई इंडियनाइज सीरि
12:00पसंद करते हैं उसको है और उससे पहले भी जब बुनियाद था वो था हम लोग था अपना हम पाँच
12:13हम पाँच बहुत अच्छे चे सीरन थे आफिस आफिस येस येस
12:18माल गुडी देज अव वाट वॉडर्फुल शो बॉडर्फुल शो महा भारत में आप कैसे पोंचे द्रोन का रोल कैसे मिला
12:29आपको और मैंने उन दिनों गोविन दिलानी का एक शो किया था तमस में मैंने एक मुस्लिम किर्दार को निभाया
12:39था शानवास खान को वो गैरेक्�
12:46सुरज शो बनाया था गोविन दिलानी के गार और उनके साथ सीखने को मुझे बहुत मिला उसी दौरान इसकी कास्टिंग
12:53चल रही थी महा भारत की तो गूफी बेंटल जी का फोन आया मेरे पास मैं सो कास्टिंग देरेक्ट उन्दों
12:58मोबाइल तो था नहीं लेंड लेंड
13:16तो वहां कैसे महावारत में बता रहा हूं है कि गोफी बिंटल जी का मेरे पास फोन आया बुले सुन्दर
13:23जी आप आफिस आ सकते हैं मुझे यह तो मालूमी था कि मैनेजर है बियार शुप्र के यहां तो मैंने
13:28का हाँ जी आ जाओंगा आ जाओंगा कित्ती दिर में आ सकते
13:31जल्दी एक घंटा लगे गा जल्दी आजये आपके लिए काम है जल्दी आईए फरन हाईए इसी किया बात आगे भई
13:38आपको कास्ट करता है
13:42कास्ट करना उन दिनों तो खाने के बादे थे हमारे और कोई हमें कास्ट कर रहे तो बहुती बड़ी बात
13:49थी हम जल्दी तल्दी तैयार हुए फियेट अमबेजडर गाड़ियां होती हैं थे उन्हों फियेट पें बैट बड़ा पट पहुंचे वहां
13:55आफिस में उफी बें�
14:09वह हमने आप के लिए सोच रहे मैं ने जिकिस का वुले द्रोना चार का मैंने गंदासम भू बनाया हुआ
14:17बंढून मुझे तो नहीं किया महां बैटने का लिकिन चुकि शिच्टाचार के गनाते मैंने का सर मैं चलता हूं बुले
14:27नहीं नहीं कैसे जा रहा हुँ बढ़ै मै
14:33मुझे कितना भी कभी कन्वेंस करने की कोईशिश कर ली जी मैंने को अगा है।
15:03मैं ये बोलके बोला ये चाय तो पीकर जाओ चाय पीकर जाओ नोई पी नाझा हृइज चाय में कि या
15:11जाय है।
15:19बढ़े साब कोई बैठी मोल था बढ़ा बढ़े साब निए अगलाए ब्लेक्टर को पूफी ना कैसे करता मैं हुछ डालो
15:28ले गया वोले सारा आ गया बुला बुला दर्वाजा को लामेज वह कर आगई साब ने थोड़ी देखा फिर बोले
15:36हाँ खिके डंड मैंने कैसर में आ
15:47ही महसुम दोगा वहां बैटे हुए उन्हें गुस्सा आगया क्रोल आगया तो माको बहुत खा देगा क्रभू या और फिर
15:59नोने पीकदान अपना उठाया थूका कुछा रहा दूना चार पुड़ा नहीं था दूना चार आर्मी का जन्रल था जन्रल और
16:10इतनी जोर से चिला क
16:12सर वो बोले यह बात एक हिंदू को एक मुस्लिम कलाकार बता रहा है सर पहले के लोग ग्यानी बहुत
16:22होते थे यह सब बीच में खाईया नहीं थी यह आज के अनपढ़ लोग होंगे इस सरे की बाते करने
16:29वाले मैं आऊँगा इस पर भी आऊँगा वर्ग जो था वो इतने �
16:33ग्यानी लोग थे इतने डिवोटेड लोग थे यह लोग कि इनकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है सर पुराने
16:40लोग जो थे हैं अब्दुलकलाम साहब जैसे लोग हम आज भी उनको सलूट करते हैं सर मेरा राजनीत से मेरा
16:48कोई सद्धार्थ लेना देना नहीं है माफ करना
16:52लेकिन अब तुम यह भी कह सकते हो कि मुझे कोई ग्यान नहीं है राजनीत के बारे में ग्यान रखता
16:57हो बस दिल्चस्पी नहीं रखता है तो फिर मैंने राही साब ने जब मुझे डाठा काफी है तो बिया चोपरा
17:04साब ने उनको ठंडा किया अरे
17:09अरे कुकी को बुलाना रवी चोप्रा जी को फिला nieu誔ने को दोकि अधिक थेखो खड़े अलबीन हम weShe tulee कोणी
17:23तर देखे तक पलालाजी डवीन एड़ में का स्कूर्ण टेच्ट्स
17:28बले नहीं वार्य ग a
17:45और वो और वोल दन हो गया पहली फिल्म आपकी आई घर में सब अधिकारी पिताजी डियस्पी यूपी कैडर में
17:54बाकी सब भाई बहन सब अच्छे से जॉब कर रहे हैं और आप
17:59रेबेलियन होकर एक्टर बनने गए और पहली फिल्म आती है शमा और पिताजी को कोई बताता है कि सावा आपके
18:10बेटे की फिल्म आई है
18:16क्या रियक्शन था फादर गए वहां के शागंज में आगरा में रहते थे फादर मंदरों और एक छोटा सा स्कूल
18:25चलाते थे वहां पे तो उनको पता लगा तो तैयार वियार होके शागंज के थेटर में गए पिक्चर देखने और
18:32बैलकनी में बैठके उन्होंने पूरी �
18:35पिक्चर देखी और मैंने पहली बात अपने पिता जी को बहुत खुश होते हुए देखा और उन्हें बहुत प्राउड महसूस
18:44हुआ कि मेरे बेटे में टैलेंट भी है और काबलियत भी है और उन्होंने बड़ी खुबसूरत उन दोनों मुबाइल फोन
18:53तो था नहीं मैसे
19:09और उन्होंने लिखके भेजी जिनकी हमने कभी उमीद नहीं की थी हमारा पिता भी इस तरही की चीजें लिखके भेज
19:19सकता है हमारे लिए और हमें इतना अच्छा लगा उनके उनके उस विवहार से कि
19:29मैं बहुत देर तक उनका लैटर पढ़के रोता रहा क्योंकि हमारे फादर जो थे हमारे साथ बहुत फ्रेंडली नहीं रहते
19:35थे पहले के फादर नहीं होते थे उनको ये था पढ़ाई करो डॉक्टरी की तयारी करो ये करो और उनको
19:43लगता था कि मेरे पांचों बेटे तो
19:45बड़े अच्छी अच्छी नौकरी पर लग गए
19:47ये कमबक्त निकम्मा निकल गया
19:50तो और निकम्मे से
19:52को आप अच्छे शब्द लिखो
19:53तो सोचिए उसकी
19:55खुशी का ठिकाना क्या होगा, कितनी खुशी होगा
19:58किर मैं बहुत रोया
19:59अपने फादर के लेटर, और उसके बाद
20:01मेरे फादर मुझे बरावर लेटर लिखते रहते थे
20:04फिर जब उन्होंने महाभारत देखी
20:06और फिर उन्होंने जो
20:07महाभारत की तारीफ लिखी
20:09तो मैं जे लगा, मेरा जीवनन
20:11ही धन्य हो गया है
20:13यह नो
20:16पूरे लोग उनकी
20:18उनके साथ, उनके कमरे में बैठके
20:20उनका बंगला काफी बड़ा सा था फादर के बाद
20:22तो उसमें बैठके देखा करते थे
20:25और सब को अडोसी, पडोसी, सब आ जाते थे
20:27कट्टे हों के
20:28कि अरे दश्यर सिंग के बेटे का
20:30वो आ रहा है, शो आ रहा है, महाभारत आ रहा है
20:33तो सब लोग बैठके देखा करते थे
20:35तो फादर का जो था
20:36और सब उनको बढ़ाई देखे जाते थे
20:38तो वो बहुत खुश होते थे
20:41यह बात मैं और बहतर
20:43तरीके से समझ सकता हूँ
20:44कि जब आप
20:46अपने आपको पिता की नजरों में
20:48सफल देखते हैं और फिर एक दिन
20:50पिता आपकी तारीफ करते हैं तो कैसा महसूस होता है
20:55आपका
20:56स्कूल टाइम इटावा में
20:58गुजरा
21:00और अभी भी जाना होता है
21:03शिपाल यादव से आपकी
21:04यूपी के सुपर सीएम थे वो पूरू
21:06बड़ी अच्छी दोस्ती है
21:08बहुत अच्छी है
21:10कैसा अब इटावा में जाके आपको लगता है
21:13क्या करते हैं वहाँ जाके
21:14शिपाल जी और मुलाइम सिंग जी से
21:16मेरे संबंद
21:18मेरे
21:20फिल्म लाइन में जाने से पहले से थे
21:23उस से भी पहले से
21:24करीब पचास साल, 55 साल, 60 साल हो गया हमें
21:27जानते होगी, तुसरों के
21:30मुलाइम सिंग जी के साथ बहुत अच्छे संबंद
21:32शिपाल जी के साथ
21:33उस से भी अच्छे संबंद
21:34क्यों जब भी मैं
21:35लखनव जाता था तो अक्सर मैं शिपाल जी के घर खाना काने या उनके घर पे ही रुख जाया करता
21:42था
21:43उनके बच्चे उसे बड़ा प्यार था मेरे के चोटे चोटे बच्चे थे गोदी गोदी में किलते थे
21:48तो बहुत अटेश्मेंट था उनके साथ और मैं ये कहूँगा कि मैं उनको बहुत जादा नसीहत भी दे के चला
21:55जाता था कई बाई मुलाहिम सिंधी को
21:58और वो मेरा हमेशा फोन वगरे रिसीव करते थे खुद स्वेम और जब वो सीम भी थे तो हम डारेक्ट
22:04बाते करते थे आपज में एक दूसरे से बड़े है तो वो तो खेर एक परसनल लेवल की बात थी
22:10लेकिन कहीं ना कहीं मैं उनकी सरकार के टाइम पर सहमत नहीं था जिस
22:28मैंने कहीं कई बार कहा था शियपाल जी से नहीं नहीं मुला �म जी से कही मैंने कि आप अगर
22:34गुंडागडी अपने च्षेतर में बंद कर देंगे
22:36तो मैं ये कह सकता हूँ कि आप से अच्छा
22:40सीमेस छेतर में नहीं हो सकता है
22:41तो कहते हैं तो बताओ बताओ
22:43किस जगे गंडगर्दी है
22:45मैंने ये कह रखा है थाने के
22:47हर इंस्पेक्टर को कि तुम्हारे छेतर में
22:49गुंडागर्दी होगी तो मैं तुम्हें सस्पेंड कर दूँगा
22:51ये मुलाहिम सिंग जी खुद के वर्ड्स थी
22:53जो उन्होंने मुझे खा था
22:55मुझे ऐसा लगता है
22:57उनके उपर उनके कारिकाल के उपर
22:59आरोप लगे कि उनके जमाने में
23:02पुलिस वालों की
23:03चमडियों उधिर दी जाती थी
23:05तो इस सरे का माहौल रहा
23:07अभी का यूपियों और पहले का
23:08वो चीज़ें हम से छुपी थोड़ी ना
23:09किसी से भी नहीं छुपी है और वो जो
23:11जो गलत कारे किये हैं उनकी सजा
23:13उन्होंने बुकती हैं जो बुकतेंगे
23:16आगे भी बुकते हैं यही कारण है
23:18कि समाजवादी पार्टी
23:20जो है वो अब उत्तर प्रदेश में उट नहीं पा रही है
23:23लेकिन हमारी हम जात पात के उपर जब
23:25एलेक्शन होता है तो कभी-कभी
23:27थोड़े से वोट वो फेवर में ले जाती है
23:29लेकिन जब मैं
23:30मैं इस वक्तो ये कहूँगा
23:32कि मैं मुझे राजनीत से
23:34कोई लेना देना तो नहीं है
23:36नहीं मैं राजनीत में हूँ
23:37लेकिन मैं इतना ज़रूर जानता हूँ
23:40कि जो देश-षित की बात करे
23:42मैं उस पार्टी का सहीयोव
23:44ज़रूर देना चाहूँगा
23:46और इस वक जो मोदी जी कारे कर रहे हैं और योगी जी जो काम कर रहे हैं
23:50और कि हम जीवन एक समाने जीवन जीवन जी पा रहे हैं
23:54तो उसका कारण उसका सबसे बड़ा योगदान जो है वो योगी जी है
23:57और उससे भी बड़ा योगदान जो है
24:00वो हमारे प्रदान मंत्री माननी है
24:02शिरी नरेंदर मोदीजी
24:05एक और सवाल है सर आपकी परसनल लाइफ से जोड़ा हुआ है
24:09मुंबई में आप घर खरीदना चाहते थे
24:13और आपकी पूरी कमाई एक बिल्डर धोके से रख लेता है
24:17और आपको घर नहीं मिलता है
24:18आपका घर का सपना सपना ही रह जाता है
24:22सपने तो सपने होते है
24:23क्या मामला था सर
24:25यह अनुभाव अगरवाल करके बहुत बड़ा बिल्डर है
24:32आरेने के नाम से
24:33बहुत ही अच्छा बिल्डर में से माना जाता
24:37अनेल अगरवाल करके इनके फादर का नाम था
24:40जिन्होंने मीरा रोड पे बहुत बड़ा कॉम्पलेक्स बना रहे थे
24:45पांच बिल्डिंगों का
24:46मैंने उसमें वुकिंग की थी
24:48मैंने करीब 30 लाख रुपया वाइट का दिया हुआ इनको
24:52और उसके बाद आज हम 16 साल से वो केस लड़ रहे हैं
24:56और नहीं वो उस पे जा पा रहा है
25:01क्योंकि उसने 900 करोड रुपया जो है
25:04बैंक आफ इंडिया से लिया हुआ है
25:06यह जूस बैंक से भी लिया हुआ है
25:09और उसने जो है वो
25:12इतना पैसा धनाद हो गया है
25:14कि वो उस पैसे से बड़े-बड़े वकील खड़े कर देता है
25:17सुप्रीम कोट के अंदर
25:18और वो जो है तारीखों पे तारीख लेता जाता है
25:21जिसकी वज़े से हम लोग 15 साल से 16 साल
25:24करीब 4500 से ज्यादा लोग है
25:26500 500 साड़े 4500 भी नहीं 500 लोग जो है
25:29बेगर बैठे हुए हुए हुआ है
25:32और वो लोग हैं
25:33जो एक घर से ज्यादा नहीं करी सकते थे
25:36उस टाइब के लोग है
25:38क्योंकि मीरा रोट पर कोई बहुत अमीर आदम वर्ग नहीं रहता है
25:41और देखे हो
25:44अब तो हम अपनी ललाई हाड़ चुके हैं एक तरह से
25:49क्योंकि हमारे यहां जो सबसे ज़्यादा
25:54रूल्स एंड रेगुलेशन्स की बात होती है
25:56और स्वस्त नियाए में वेस्था भी
25:59एक और मैं आपके बारे में जब पढ़ रहा था
26:02तो एक शक्स ने आपको बेवकूफ कहा
26:05क्योंकि आपने अपनी संपत्ती का
26:08साथ प्रतिशत हिस्सा अपनी बेटी को दे दिया
26:12ऐसा था क्या सच्छिए?
26:14क्या किस्सा था थोड़ा बताएंगे
26:17देखिए मैं डिफरेंट काइंड ओफ पिता हूँ
26:21मैं घिसी पिटी लकीरों के उपर नहीं चलता हूँ
26:26मेरा ऐसा मानना है कि बेटी और बेटा
26:29इक्वल राइट्स होते हैं
26:32लेकिन हमारे यहां हिंदुस्तान में लोग कहते हैं
26:35अरे बेटा पैदा हो जाए बेटा तो बहु ले आएगा
26:37बेटी तो पराएगर की जमानत होती है
26:40बेटी पराएगर की जमानत होती है
26:42मैं जो हूँ यह कहता हूँ
26:43बेटी पराएगर की अमानत नहीं होती है
26:48बेटी हमारी है और हमारी ही रहेगी पूरी जिन्दगी पर
26:52हम शादी उसकी जरूर करते हैं बेटी को बेशते नहीं है
26:58तो वो कैसे किसी की दूसरे की हो जाएगी
27:02क्योंकि हमें मुझे ऐसा लगता है कि बेटी जो है हमारा अंग है
27:07और जिस घरों में बेटी खुश होती है
27:10उस घर में पैसे की कमी नहीं रहती है
27:12आपने इतने सारे रोल किया लग-लग सीरियल्स में
27:15चानक में इक औरक्शेस का या आपका किलविश का
27:23अलग-अलग फिल्मों में किया
27:26महादेव में भी किया
27:56फेवरेट आपका कौन सा रहेगा
27:57लाज राज अबानिया एक व अबस्क्षामाने बैसे दह भून ओना एक्टार ट्वन केरि वान एक्टक्टैब के रालारी चैनल के करेंग
28:09गया जोड करी शोड़ ओनेर पर लृड़ वठे upliftThis face
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