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अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष में ‘टॉमहॉक’ मिसाइलें चर्चा के केंद्र में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 28 दिनों में अमेरिका ने 850 से ज्यादा मिसाइलें दाग दी हैं, जो उसके कुल स्टॉक का लगभग 25% है। टॉमहॉक मिसाइलें लंबी दूरी से सटीक हमले करने में सक्षम हैं, जिससे बिना सैनिकों को खतरे में डाले दुश्मन को निशाना बनाया जाता है। लेकिन समस्या यह है कि इन मिसाइलों का उत्पादन बेहद धीमा और महंगा है—एक मिसाइल बनाने में करीब 2 साल और 34 करोड़ रुपये का खर्च आता है। अमेरिका साल में सिर्फ 600 मिसाइलें ही बना सकता है, जबकि खपत इससे कहीं ज्यादा है। इस स्थिति ने पेंटागन की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि युद्ध लंबा चला, तो अमेरिका के सामने हथियारों की कमी बड़ी चुनौती बन सकती है, जिससे वैश्विक शक्ति संतुलन भी प्रभावित हो सकता है।

In the ongoing intense conflict between the United States and Iran, Tomahawk missiles have become the center of attention. According to reports, the U.S. has launched over 850 missiles in the past 28 days—nearly 25% of its total stockpile. These missiles are capable of delivering precise, long-range strikes, allowing the U.S. to hit targets without putting troops at risk.

However, the challenge lies in their slow and expensive production. Each Tomahawk missile takes around 2 years to manufacture and costs approximately $3.6 million (about ₹34 crore). The U.S. can produce only about 600 missiles per year, while its current usage rate is significantly higher. This imbalance has raised concerns within the Pentagon. Experts warn that if the conflict continues for a prolonged period, the U.S. could face a serious shortage of critical weapons, potentially impacting the global balance of power.

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~HT.410~PR.516~ED.520~GR.510~

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00:09एक ऐसा युद्ध जहां आस्मान से आग बरस रही है जा दुश्मन को देखे बिना ही उसे निस्तान अबूत किया
00:15जा रहा है
00:16अमेरिका और इरान की भी छुड़ीज जंग में एक नाम सबसे जादा गूंट रहा है
00:21एक ऐसी मिसाइल जोसे अमेरिका नोसेना का ब्रमास्तर कहा जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिछले चार हफ्तों
00:27में अमेरिका ने अपनी तिजोरी के इतने सिक्के खर्च कर दिये हैं कि अब पेंटगॉन के माथे पर पसीना आ
00:33गया है
00:33आज की बड़ी खबर ये नहीं है कि मिसाइले कहा गी बलकि खबर ये है कि क्या अमेरिका के पास
00:39अब ये मिसाइले बची भी हैं क्या दुनिया का सबसे ताकतवर देश निहत्ता होने की कगार पर है
00:48इरान के साथ चल रहे हैं इस फीशड संघर्ष में अमेरिका ने अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया है जैसा
00:541991 के खाड़ी युद के बाद पहली बाद देखा जा रहा था
00:59वाशिंटन पोस्ट की एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चोका दिया है
01:02ख़बर है कि पिछले मातर 20 दिनों में अमेरिका ने इरान पर 850 से जादा टॉम हॉक मिसाईले दाग दी
01:08है
01:08सुनने में ये सिर्फ एक नंबर लग सकता है लिकिन इसके पीछे की हकीकत दरावनी है
01:13इक्सपोर्ट्स बताते हैं कि अमेरिकी नौसेना के पास फुल जमा 4,000 तॉम हॉक मिसाईले थी
01:19यानि सिर्फ एक महीने में अमेरिका ने अपने स्टॉक का 25 प्रतीशत यानि एक चौथाई हिस्सा खत्म कर दिया है
01:25अब आप सूच रहे होंगे कि अमेरिका सिर्फ इसी मिसाईल के पीछे क्यों पड़ा है
01:29दरसल टॉम हॉप कोई साधार्ण मिसाईल नहीं है
01:32ये 1600 किलो मीटर दूर बैट कर दुश्मन के घर में सतीक निशाना लगाती है
01:37इसमें 450 किलो से जादा विसफोटक होता है
01:40इसे स्टांड ओफ स्ट्राइक कहते हैं
01:42यानि इतनी दूर से हमला करो कि आपके सैनिकों को जमीन पर उतरने की जरत ही ना पड़े
01:47सुरक्षत रहकर बार करने की ये रणनीती अब अमेरिका के लिए गले की फास बनता जा रहा है
01:52मिसाइल दागना असान है लेकिन उसे बनाना यहां आता है असली डूस
01:56एक टॉम हॉक मिसाइल की कीमत है करीब 36 लाग डॉलर
02:00यानि भारतिये रुपियों में कहे तो लगबग 34 करोन रुपए
02:04लेकिन बात सर्फ पैसो की नहीं है बात है वक्त ही
02:06एक मिसाइल को तयार करने में दो साल का लंबा वक्त लगता है
02:10अमेरिका की मौझूदा श्रमता के हिसाब से वो साल भर में जादा से जादा 600 मिसाइल बरा सकता है
02:16खर्च हो रही है महीने में 850 और बन रही है साल में 600
02:19अगर ये जंग लंबी खीची तो अमेरिका के पास अपने सहयोगियों को देने के लिए तो क्या खुद के लिए
02:25भी मिसाइले नहीं बचेगी
02:27इस कमे को पूरा करने के लिए अमेरिका ने जापान के साथ हाथ मिलाने की कोशिश की थी
02:31प्लान था कि जापान मिसाइल के कलपुर्जे बनाएगा और उत्पादन दो गुना हो जाएगा लेकिन अमेरिका के भीतरीज का विरोज
02:38शुरू होगी
02:39कमपनी और मेताओ को डर था कि अपनी सबसे एडवांस टेकनोलजी किसी और देश को देना कहीं उन पर ही
02:45न भावी पड़ जाए
02:46नतीजा दील आधे में ही लटक गए और इसी बीच बाग्राउंड में खड़ा है चीन
02:50न्यू यॉक टाइम्स की रिपोर्ट कहती है कि चीन अमेरिका से 6 गुना तेजी से ज़ादा हथियार बना रहा है
02:56चीन का एक अकेला शिप्याड अमेरिका के सारे शिप्याड से ज़्यादा जहाद बना रहा है
03:01आज अमेरिका उस मोड पर खड़ा है जहां वो धोगिक शमता में पिछड रहा है
03:05एतिहास गवाय कि जब भी कोई सूपर पावर अपनी मैनुफाक्शरिंग शमता खो देता है तो उसका पतन शुरू हो जाता
03:11है
03:11काफी समय तक अमेरिका के सयोगी देश अपनी सुरक्षा का बोज अमेरिका पर डालते रहे जिसे बराको बाबा ने फ्री
03:18राइडिंग कहा था
03:19लेकिन अब हालाद बदल चुके हैं रूस और चीन के बढ़ते खतरों के बीच अमेरिका अब अकेला दुनिया का थेकेदार
03:25नहीं बन रहा तो क्या हम एक नए युग की शुरुआत देख रहे हैं एक ऐसा युग जहां से तक्नीक
03:30नहीं बलकि उसे बनाने की रफ्तार ही अ
03:45अमेरिका क्या करेगा? क्या वो अपनी सूपर पावर की कुर्सी बचा पाएगा? या फिर रिमोट बॉर का ये उस्ताद खुद
03:51नहत्ता ही रह जाएगा? आप इस बारे में क्या सोचते हैं? कॉमेंस में हमें ज़रूर बतरें.
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