00:00चुगली करना, दूसरों के बारे में उल्टा सीधा बोलना या सुनना, ये सब हमें बच्पन से ही आ जाता है।
00:06इसके लिए किसी गुरू की जरूरत नहीं पड़ती।
00:08आज जितने भी यूट्यूब, ब्लॉग या सोशल मीडिया पर चमकते हुए कंटेंट क्रियेटर दिखते हैं, उन में ज्याद अतर में
00:15कुछ खास नहीं होता।
00:16सच तो ये है, वो बस बातों के बाजिगर है, काम में कुछ खास नहीं।
00:20उन्हें पता है कि तुम्हें कानाफुसी पसंद हैं, और वो तुम्हें वही परोस्ते हैं।
00:25धीरे धीरे तुम उन्हें एक नशे की तरह फालो करने लगते हो, लेकिन अगली बार किसी ऐसे हवाबास को फालो
00:31या सब्सक्राइब करने से पहले सोचो, हवाबास ही तो तुम्हें बच्पन से ही आती हैं, तो फिर किसी और की
00:37क्यों सुनना?
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