00:00एक तरफ दुनिया की दो बड़ी ताकते, एरान और अमेरिका, एक भीजन युद की कगार पर खड़ी, पूरी दुनिया की
00:07नजरे इस बात पर टिकी है कि कौन सुलह कराएगा, और इसी बीच हमारे पडोसी देश पाकिस्तान ने खुद को
00:13बिचो लिया, यानि मिडियेटर के
00:15तोर पर पेश कर दिया है, लेकिन भारत में क्या हुआ, बुद्वार को जब संसद में सरवदलिये बैठक हुई, तो
00:21विपक्ष ने सरकार को घेरा और पूछा की, अगर पाकिस्तान मध्य सिता कर सकता है, तो भारत मूक दर्शक क्यू
00:28बना है, इसके बाद विदेश मंत्री
00:30एस जयशंकर ने जो जबाब दिया, उसने ना सिर्फ विपक्ष को चुप करा दिया, बल्कि कूटनीती की एक नई परिभाशा
00:37भी लिखती, जयशंकर ने साफ कह दिया, हम पाकिस्तान की तरद दलाल देश नहीं बन सकते, चलिया आपको इस कहानी
00:44के फ्लाश पार्क में ले
01:00पिनड़ा जैसे दिगज मौजूद थे, लेकिन माहौल तब गर्माया जब कॉंग्रिस नेता तारीक अनवर ने पाकिस्तान का जिक्र छेड़ दिया,
01:08विपक्ष का तर्क था कि जब पाकिस्तान जंग रोकने के लिए टेबल पर बैठ सकता है, तो भारत जो एक
01:14उभरती हु
01:30उसे पाकिस्तान को इरान के साथ बाचीत में इस्तिमाल करता रहा है, जैशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा, हम
01:36किसी के लिए दलाली नहीं करते, हम पाकिस्तान की तरह दलाल देश यानी ब्रोकर नेशन नहीं बन सकते, उनका इशारा
01:43सास था, भारत की कूटनीती दलाली
01:57के बीच क्या बात हुई। सरकार ने खुलासा किया कि पी एम मोदी ने सपश्ट रूप से ट्रंप से कहा
02:02कि ये युद्ध जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए क्योंकि इस जंग से सिर्फ दो देशों का नहीं बर्कि पूरी
02:08मानफता और वैश्विक अर्थविवस्ता को नु
02:26आदमी के मन में सबसे बड़ा सवाल था क्या पेट्रूल डीजल महंगा होगा? क्या गैस की किल्लत होगी? पेट्रूलियो मंत्री
02:32हरदीव सिंग पूरी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने देटा के साथ बताया कि भारत के पास कच्चे तेल और
02:39गैस का परियाप्त भं�
02:40गबराने की कोई बात नहीं क्योंकि चार शिप्मेंट पहले ही आचुकी है और सप्लाई लाइन पूरी तरह चालू है।
03:10भी भी कुछ कडिया गाया भे तो क्या भारत का बिचोलिया ना बनना उसकी कूट नीतिक मजबूती है या फिर
03:15कोई खोया हुआ अफसर? क्या वाकई आने वाले दिनों में तेल की कीमते स्थिर रहेंगी या ये सिफ सरकारी आशवासन
03:22है? इन सवालों के जवाब हमें संसत क
03:24आने वाले सतरों में मिलेंगे लेकिन एक बात तो तेह है ज्वे शंकर के दलाल देश वाले बयान ने साफ
03:29कर दिया कि नया भारत अपनी विदेश नीति किसी के दबाव में नहीं बलकि अपने स्वाब हिमान के साथ तै
03:35करेगा पर क्या आपको लगता है कि भारत को इस जंग
03:37में पाकिस्तान से ज़्यादा बड़ी भूमी का निभानी चाहिए थी अपनी राए हमें कॉमेंट में जरूर बताएं
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