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On one side, rising tensions between Iran and United States have alarmed the world, while Pakistan has stepped forward offering to act as a mediator. Meanwhile, in India’s Parliament, a heated debate unfolded as the opposition questioned why India is not taking a more active role in the crisis. In response, S. Jaishankar made it clear that India cannot become a “broker nation” and that its foreign policy is driven by principles.

The government also revealed that Narendra Modi urged Donald Trump to end the conflict as soon as possible. At the same time, India has successfully ensured the safe return of its citizens and maintained stable energy supplies.
The big question now remains: is India’s stance a sign of diplomatic strength, or a missed opportunity? The debate continues.

एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया को चिंतित कर दिया है, वहीं पाकिस्तान ने खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश किया है। इस बीच भारत में संसद के अंदर तीखी बहस देखने को मिली, जहां विपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि भारत इस संकट में सक्रिय भूमिका क्यों नहीं निभा रहा। जवाब में एस. जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि भारत “दलाल देश” नहीं बन सकता और उसकी विदेश नीति सिद्धांतों पर आधारित है।

सरकार ने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से युद्ध जल्द खत्म करने की अपील की है। साथ ही, भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में सफलता हासिल की है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत का यह रुख कूटनीतिक मजबूती है या एक चूका हुआ मौका—इस पर बहस जारी है।


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Transcript
00:00एक तरफ दुनिया की दो बड़ी ताकते, एरान और अमेरिका, एक भीजन युद की कगार पर खड़ी, पूरी दुनिया की
00:07नजरे इस बात पर टिकी है कि कौन सुलह कराएगा, और इसी बीच हमारे पडोसी देश पाकिस्तान ने खुद को
00:13बिचो लिया, यानि मिडियेटर के
00:15तोर पर पेश कर दिया है, लेकिन भारत में क्या हुआ, बुद्वार को जब संसद में सरवदलिये बैठक हुई, तो
00:21विपक्ष ने सरकार को घेरा और पूछा की, अगर पाकिस्तान मध्य सिता कर सकता है, तो भारत मूक दर्शक क्यू
00:28बना है, इसके बाद विदेश मंत्री
00:30एस जयशंकर ने जो जबाब दिया, उसने ना सिर्फ विपक्ष को चुप करा दिया, बल्कि कूटनीती की एक नई परिभाशा
00:37भी लिखती, जयशंकर ने साफ कह दिया, हम पाकिस्तान की तरद दलाल देश नहीं बन सकते, चलिया आपको इस कहानी
00:44के फ्लाश पार्क में ले
01:00पिनड़ा जैसे दिगज मौजूद थे, लेकिन माहौल तब गर्माया जब कॉंग्रिस नेता तारीक अनवर ने पाकिस्तान का जिक्र छेड़ दिया,
01:08विपक्ष का तर्क था कि जब पाकिस्तान जंग रोकने के लिए टेबल पर बैठ सकता है, तो भारत जो एक
01:14उभरती हु
01:30उसे पाकिस्तान को इरान के साथ बाचीत में इस्तिमाल करता रहा है, जैशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा, हम
01:36किसी के लिए दलाली नहीं करते, हम पाकिस्तान की तरह दलाल देश यानी ब्रोकर नेशन नहीं बन सकते, उनका इशारा
01:43सास था, भारत की कूटनीती दलाली
01:57के बीच क्या बात हुई। सरकार ने खुलासा किया कि पी एम मोदी ने सपश्ट रूप से ट्रंप से कहा
02:02कि ये युद्ध जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए क्योंकि इस जंग से सिर्फ दो देशों का नहीं बर्कि पूरी
02:08मानफता और वैश्विक अर्थविवस्ता को नु
02:26आदमी के मन में सबसे बड़ा सवाल था क्या पेट्रूल डीजल महंगा होगा? क्या गैस की किल्लत होगी? पेट्रूलियो मंत्री
02:32हरदीव सिंग पूरी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने देटा के साथ बताया कि भारत के पास कच्चे तेल और
02:39गैस का परियाप्त भं�
02:40गबराने की कोई बात नहीं क्योंकि चार शिप्मेंट पहले ही आचुकी है और सप्लाई लाइन पूरी तरह चालू है।
03:10भी भी कुछ कडिया गाया भे तो क्या भारत का बिचोलिया ना बनना उसकी कूट नीतिक मजबूती है या फिर
03:15कोई खोया हुआ अफसर? क्या वाकई आने वाले दिनों में तेल की कीमते स्थिर रहेंगी या ये सिफ सरकारी आशवासन
03:22है? इन सवालों के जवाब हमें संसत क
03:24आने वाले सतरों में मिलेंगे लेकिन एक बात तो तेह है ज्वे शंकर के दलाल देश वाले बयान ने साफ
03:29कर दिया कि नया भारत अपनी विदेश नीति किसी के दबाव में नहीं बलकि अपने स्वाब हिमान के साथ तै
03:35करेगा पर क्या आपको लगता है कि भारत को इस जंग
03:37में पाकिस्तान से ज़्यादा बड़ी भूमी का निभानी चाहिए थी अपनी राए हमें कॉमेंट में जरूर बताएं
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